मलेरिया ट्रीटमेंट कैसे करें – malaria ka ilaj, dawa, prevention, aur aahaar

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यह एक घातक बीमारी है जो हर साल करीब 500,000 लोगों के मौत का कारण बनती है। मलेरिया का ट्रीटमेंट करने के लिए डॉक्टर कई तरह की दवाइयों को मुंहैया करते हैं। कुछ घरेलू उत्पाद के मदद के द्वारा आप इस जानलेवा बीमारी को आसानी से ठीक कर सकते हो।  बताना चाहेंगे की इसके होने का कारण एक प्रकार के मछार के काटने की वजह से होता है। वह मच्छर मादा मछार होता है जिसका नाम अनोफेलएस है। मलेरिया ट्रीटमेंट कैसे करें – malaria ka ilaj, dawa, prevention, aur aahaar

बुखार होना आम बात है लेकिन, अगर बुखार के साथ आपको मलेरिया के लक्षण भी नजर आते हैं तो आपको तुरंत ही डॉक्टर के पास जाना चाहिए और malaria का टेस्ट करा कर यह सुनिश्चत कर लेना चाहिए कि कहीं सच में आप इस गंभीर समस्या से तो नहीं पीड़ित है। अगर पीड़ित है तो आपको तुरंत ही अच्छे इलाज की जरूरत होगी। मलेरिया का समय रहते इलाज न कराने से जान का खतरा बना रहता है।

आज हम malaria ka ilaj के कुछ घरेलू नुस्खे बताएँगे जिनकी मदद से आप इसे आसानी से ठीक कर सकेंगे। तो चलिए जानते हैं उन उपाय के बारे में।

इसके पहले हम इलाज की बात करें malaria होने के लक्षण को जान लेते हैं ताकि आप यह पता लगा सकें की क्या सच में  आप इस रोग से पीड़ित है?

  • रोग के प्ररम्भ में जाड़ा लगकर कपकपी होने लगती है। ठंड के साथ शरीर में दर्द, उलटी, बेचैनी, प्यास, हाँथ-पैरों का ठंडा पड़ जाना लक्ष्ण दिखाई देते हैं।
  • फिर ठंड कम होकर बुखार बढ़ने लगता है जो कभी-कभी 106 डिग्री तक चला जाता है।
  • छटपटाहट, बेचैनी, चक्कर आना, कब्ज आदि लक्ष्ण प्राजात होते हैं।
  • पसीना देकर बुखार उतर जाता है पर कभी-कभी यह बुखार 2-3 दिन छोड़कर आने लगता है।
  • अगर आपको मलेरिया है तो इससे आपके बदन में एक कपकपी बनी रहेगी और आपको तेज बुखार भी रहेगा।
  • ठंड के मारे आपके पूरे बदन में थरथराहट होगी।
  • जी पन्छना और उलटी होना भी इसके लक्षण में शामिल हैं।
  • मलेरिया होने पर तेज पसीना के साथ ठण्ड लगती है।

गिलोय

गिलोय, आंवला, नागर्मोथा, कटेरी इन सभी को बराबर मात्रा में ले ले। हर तत्व की मात्रा 4 ग्राम होनी चाहिए। इन सब को अच्छी तरह से कूँटकर एक पाव पानी में मिश्रण को उबालें। जब यह पानी अच्छी तरह से उबल जाए और पानी की ३० ग्राम मात्रा बचे तब 30 ग्राम पानी में 3 चुटकी पीपल का चूर्ण और दो चम्मच शहद मिलाकर रोगी को पिलाने से मलेरिया ठीक हो जाता है। मलेरिया ट्रीटमेंट

अदरक का सूप बनाकर पियें

अदरक का सूप पीने से मलेरिया को आसानी से दूर किया जा सकता है। दरअसल, अदरक एंटी-इम्फ्लामेंटरी, और एंटी-बैक्टीरियल गुण से भरपूर होता है और यह शरीर के प्रतिरक्षा प्रणाली क बढ़ाकर शरीर को malaria की बीमारी से दूर करता है। अदरक का सूप बनाने के लिए क्लिक करें.

मुनक्का (किशमिश) और अदरक का काढ़ा

मलेरिया के घरेलू इलाज के लिए किशमिश और अदरक के 10-10 ग्राम की बराबर मात्रा में लेकर एक गिलास पानी में 10 मिनट के लिए उबालें और ठंडा कर रोगी को पिलाएँ।

नींबू-पानी से दूर होता है बुखार

एक गिलास गुनगुने पानी में एक नींबू निचोड़कर रोगी को जूस दिन में तीन से चार बार पिलाएँ। malaria के बुखार को दूर करने के लिए यह एक आसान घरेलू नुस्खा है।

प्याज का रस और मिर्च पाउडर

प्याज को मिक्सर में ग्राइंड कर रस निकाले। अब इस जूस में काली मिर्च पाउडर को मिलाकर पीने दिन में 3 बार पीने से कुछ ही दिनों में मलेरिया शरीर को छोड़ देता है।

जामुन की जड़ अथवा छाल

जामुन की जड़ अथवा छाल को कूँटकर इसका चूर्ण निकाल लें और इस चूर्ण के 5  ग्राम मात्रा को लेकर गुड़ के साथ दिन में तीन बार उपयोग में लेने से रोगी को आराम होता है।

चूना का घोल और नींबू का शरबत

4 ग्राम बुझे हुए चूने की मात्रा को 70 ग्राम पानी में मिलाकर उसमे एक ताजा नींबू निचोड़ कर सुबह-शाम पीने से मलेरिया दूर होती है।

 

दालचीनी से करें मलेरिया का इलाज

दालचीनी में cinnamaldehyde नामक एक तत्व पाया जाता है जो malaria और इसके चलते होने वाले तेज बुखार, दर्द को दूर करने के लिए कारगर होता है। इसे इस्तेमाल करने  के लिए आप दालचीनी के एक चम्मच पाउडर को एक चम्मच काली मिर्च के पाउडर और 1 गिलास पानी के साथ  मिला ले और पानी को अच्छी तरह के कुछ मिनटों के लिए उबाले। अब इस काढ़े में एक चम्मच  शहद मिलाकर दिन में दो बार उपयोग करने से खतरनाक से खतरनाक मलेरिया दूर हो जाती है। “मलेरिया ट्रीटमेंट कैसे करें – malaria ka ilaj, dawa, prevention, aur aahaar”

संतरे का रस से होता है malaria का इलाज

उच्च विटमिन सी से भरपूर संतरे का रस शरीर के तेज बुखार को दूर करने के लिए जाना जाता है। अगर कोई व्यक्ति मलेरिया से पीड़ित है तो उसे संतरे का रस मुंहैया कराएं। यह प्रतिरक्षा प्रणाली को भी मजबूत बनाता है।

सागरगोटा दूर करता है मलेरिया

इसके बीज को प्राचीन काल से ही Malaria ठीक करने के लिए किया जाता आ रहा है। इसके बीज में कुछ ऐसे तत्व होते हैं जो इस घातक बीमारी को दूर करने के लिए जाने जाते हैं।

तुलसी की ताजी पत्तियों का रस

तुलसी की पत्तियों से निकले रस में eugenol नमक  एक केमिकल पाया जाता है जो तेज बुखार और maleria को आसानी से दूर कर सकता है।

हल्दी भी है एक बेहतर मलेरिया ट्रीटमेंट

एक गिलास गुनगुने दूध में एक चम्मच हल्दी मिलाकर रोगी को दिन में चार दफा पिलाने से आप आसानी से मलेरिया से बच सकते हैं।

हल्दी एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट और एंटीमाइक्रोबायल एजेंट से भरपूर तत्व है।  यह प्लाज्मोडियम संक्रमण के कारण बन रहे विषाक्त पदार्थों को शरीर को साफ करता है और पैरासाइट को मारने में भी मदद करता है। हल्दी में भी anti-inflammatory गुण होते हैं जो मांसपेशियों के दर्द जैसे मलेरिया के लक्षणों को कम कर सकते हैं।

मेथी के बीज 

मेथी के बीज आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ाते हैं और पैरासाइट प्लाजमोडियम से लड़कर मलेरिया से निजात दिलाने में मदद करते हैं। इसे उपयोग में लाने के लिए इसके बीज को रात में पानी में भिगोकर रख दें और सुबह होने पर बीज को पानी के साथ अच्छी तरह से उबालें और पानी को पी लें।

धतूरे की पत्तियाँ से करे मलेरिया ट्रीटमेंट

धतुरा एक भारतीय जड़ी बूटी है जो मलेरिया के इलाज में फायदेमंद है।  इस पौधे की पत्तियां टारटियन प्रकार के मलेरिया बुखार के इलाज में उपयोगी होती हैं। इसे उपयोग में लाने के लिए इसकी पत्तियों को गुड़ में रगड़कर इसकी गोलियां बनाए और खाएंं। इसे उपयोग करने से पहले एक बार कमेंट में जरूर पूछें।

मलेरिया के लिए बायोकैमी दवाई:

  • फैरम फ़ॉस 6x.
  • नैट्रम फ़ॉस 6 x, 12x,.
  • साइलिशिया.

मलेरिया के लिए रोकथाम जरूरी है

मलेरिया ट्रीटमेंट के लिए एक अंग्रेजी कहावत है “prevention is better than cure” मतलब इलाज से बेहतर रोग से सुरक्षा बनाए रखना ठीक है। अगर आप कुछ टिप्स फॉलो करते हैं तो आप अपने आस-पास मछर को पनपने से रोक सकते हैं और इस घातक बीमारी से आसानी से राहत पा सकते हैं।

  • आस-पास स्वच्छता बरकरार रखे ताकि मच्छर न पनप सके और आप मच्छर के काटने से बच सके।
  • आस-पास मौजूद सभी वाटर बॉडीज (नाले) में mosquito repellent का छिड़काव करना चाहिए ताकि मच्छर उत्पन्न न हो सके और उसमे मौजूद अंडे मर जाएं।
  • अपने घर को साफ, सूखा और स्वच्छ रखें। अपने घर और शौचालयों की सफाई के लिए डिटोल, फेनिल इत्यादि जैसे कीटाणुरोधक का प्रयोग करें।
  • सोते वक्त एक मच्छरदानी को उपयोग में लें।
  • घर से बाहर जाने पर पूरी लम्बाई वाले पेंट पहने।
  • यात्रा के दौरान खुद का पानी का बोतल रखें और स्वच्छ पानी पिएँ।

मलेरिया के इलाज में क्या खाना चाहिए?

मलेरिया के इलाज में आहार एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
बुखार कम होने के बाद, सलाह दी जाती है कि कुछ दिनों के लिए दूध के साथ एक विशेष ताजा फल के साथ एक अच्छा आहार बनाए रखें। इसके बाद, रोगी को संतुलित आहार का पालन करना चाहिए जिसमें ताजा फल और कच्ची सब्जियां हों। इसके लिए अप नीचे दी गई डाइट चार्ट को उपयोग में लाएं।

  • तेल या मक्खन का उपयोग किए बिना हल्का आहार खाने की आदत डालें।

  • तेल, मसालेदार, और जंक फूड स्थिति को और खराब कर सकते हैं इसलिए इनसे बचे रहने की कोशिश करें।

  • सेब, केले, अंगूर, और अमरूद जैसे फल मलेरिया से तुरंत राहत दिलाने में मदद करते हैं।

  • तेज बुखार के मामले में, कुछ ताजा नींबू का रस निकालें और इसे एक कप गर्म पानी में जोड़ें। रोगी को धीरे-धीरे इस नींबू पानी को देना चाहिए।

यह एक गंभीर बीमारी है, सही समय पर और सही दवा के साथ निदान होने पर ही मलेरिया सही ढंग से ठीक हो सकता है। यदि आपको मलेरिया है या नहीं  पर संदेह है, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। ‘मलेरिया ट्रीटमेंट से करें – malaria ka ilaj, dawa, prevention, aur aahaar’

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