khansi ka ilaj

हर तरह की खाँसी का इलाज, 34 घरेलू नुस्खे || khansi ka gharelu ilaj hindi me

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खाँसी के इलाज को खाँसी के लक्षण के बाद बतलाया गया है |

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खाँसी के कारण

यह रोग श्वाँस यंत्र यानी सांस में खराबी के कारण उत्पन्न होता है | श्वाँस नली में धूल, धुआं आदि का प्रवेश मूत्र को रोकना, छींक को रोकना, जुकाम का बिगड़ जाना, प्रदूषित क्लाइमेट, सर्दी, तेज गंध वाली चीजों को सूंघना, ऋतु परिवर्तन, प्रकृति के विरुद्ध भोजन करना, अधिक परिश्रम, और जल्दी-जल्दी खाना आदि कारण खांसी को जन्म देते हैं | cough ka ila, khansi ka ilaj in hindi, sukhi khansi ka ilaj, khansi ka gharelu upchar,

खाँसी के भेद:

आयुर्वेद में इस रोग के कई सारे भेद बताए गए हैं पहली सूखी और दूसरी तर खाँसी | जिस खांसी में कफ नहीं निकलता उसे सुखी अर्थात खुश्क खांसी कहा जाता है | और जिसमें खांसने के साथ कफ भी निकलता है उसे तर अर्थात गीली खांसी कहा जाता है |

जुकाम के कारण उत्पन्न खांसी भी बहुत कष्ट देती है समुचित चिकित्सा के अभाव में खांसी बढ़कर बड़ा रुप ले लेती है | खांसी में कफ के साथ रक्त भी निकल करता है | जुकाम के ठीक होने पर ही यह खांसी उत्पन्न होती है | वात प्रकोप के कारण उत्पन्न काली खांसी प्रायः छोटी आयु वाले बालकों को होती है | ऐसी सूखी खांसी कभी-कभी बड़ी आयु वालों को भी हो जाती है | यह खांसी बहुत कष्ट देती है यह देर तक रहती है खांसी के साथ लंबी सी आवाज भी निकलती है मुंह से थोड़ा सा लेसदार पानी आने पर यह शांत हो जाती है l cough ka ila, khansi ka ilaj in hindi, sukhi khansi ka ilaj, khansi ka gharelu upchar,

खाँसी के लक्षण:

सूखी खांसी में खाँसते वक्त ह्रदय, पसली, छाती पर, कनपटी तथा सिर में दर्द होता है | कंठ यानी कि गला का स्वर और मुख की कांति बिगड़ जाती है | वहीं गीली खांसी में गले से पीला चिरचिरा कफ निकलता है | इसमें मुंह का स्वाद कड़वा और चरपरा हो जाता है | गले तथा मुंह में खुश्की, जलन, मूर्छा, चक्कर आना, प्यास, ज्वर, एवं गर्मी लगना आदि लक्षण प्रकट होते हैं | कफज खांसी में मुंह का स्वाद मीठा रहना, गाढ़ा चिकना तथा पीले रंग का कफ निकलना, मंदाग्नि, भोजन से अरुचि, उबकाई आना, ह्रदय में जलन, शरीर में भारीपन, मंदाग्नि तथा वमन आदि लक्षण दिखाई देते हैं l

खाँसी का इलाज :

1 अदरक को छोटे-छोटे piece काटकर उसे मुख में डाल चूसते रहने से भी खाँसी का इलाज इया जा सकता है | इसके लिए आप अपने मुख में हर वक्त अदरक के टुकड़े को डाले रहें और हल्का हल्का उसका जूस लेते रहें |

इसके अलावा भी अदरक का सूप बनाकर इस्तेमाल करने से भी खाँसी का इलाज संभव है | अदरक के सूप को बनाने की विधि पढ़ने के लिए इसे पढ़ें – अदरक का सूप बनाने कि विधि

2 अदरक का रस निकालकर उसमे बराबर मात्रा में पान का रस मिलाकर पियें | इससे काली खाँसी, और बलगम और सूखी खाँसी का इलाज किया जा सकता है |

3 अगर आपको कफ या बलगम खाँसी की समस्या है तो आप गुनगुने पानी को पियें | इससे आपके गले में मौजूद बलगम आसानी से साफ़ हो जाएगा और अप कफ खाँसी से छुटकारा पा सकेंगे |

4 काली मिर्च, धनिया पाउडर, छोटी पीपल को बराबर मात्रा में लेकर इसका चूर्ण बना लें | चूर्ण को शहद के साथ चाटने से भी खाँसी का इलाज किया जा सकत है |

5 प्याज का रास चाटने से भी खाँसी को ठीक किया जा सकता है |

6 प्याज और शहद को बराबर मात्रा में लेकर चाटने से भी हर तरह की खाँसी को ठीक कर सकते हैं |

7 अनार के छिलके का रस निकालकर पीने से भी खाँसी का इलाज संभव है | cough ka ila, khansi ka ilaj in hindi, sukhi khansi ka ilaj, khansi ka gharelu upchar,

8 आँवला सुखाकर उसका चूर्ण बना लें अब उतने ही मात्रा में मुलेठी का चूर्ण बना लें | अब इस चूर्ण को शहद के साथ चाटें | इससे 7 दिनों के भीतर खाँसी का अच्छी तरह से निवारण हो जाएगा |

9 गरम दूध में सोठ का बारीक चूर्ण मिलाकर पीने से भी खाँसी चली जाती है | दूध गरम होना चाहिए |

10 शहद और पीपल का चूर्ण मिलाकर चाटने मात्र से खाँसी और गले में खसखसाहट को ख़तम किया जा सकता है |

11 हल्दी को भूनकर तथा शहद में मिलाकर चाटने से खांसी दूर होती है |

12 6 ग्राम गुड़, और 6 ग्राम सरसों का तेल मिलाकर चाटने से सूखी खांसी नष्ट होती है |

13 Ghee और काली मिर्च को बराबर मात्रा में मिलाकर चाटने से भी खांसी दूर होती है साथ ही ghee और मिश्री को बराबर मात्रा में लेकर मिलाकर चाटने से सूखी खांसी दूर होती है |

14 1 ग्राम तुलसी के पत्ते, 1 ग्राम अदरक, 1 ग्राम कपूर इन सभी को बराबर मात्रा में मिलाकर चबाने से या खाने से सूखी खांसी दूर होती है | desi nuskhe for cough, balgham ka ilaj, khansi ka desi ilaj,

15 20 ग्राम तिल को एक कप पानी में डालकर औरतें जब थोड़ा सा पानी बचे तो नीचे उतार कर छान लें और उसमें 10 ग्राम मिश्री मिलाकर पिएं इससे सर्दी की सूखी खांसी दूर हो जाती है l

16 10 ग्राम गेहूं को लेकर एक पाँव पानी में पकाएं और पकाते समय उसमें दो ग्राम लाहौरी नमक भी डाल दें जब पानी तिहाई मात्रा में बचे तो उतार कर पानी को छान लें और पी जाए इससे 7 दिन में खांसी दूर हो जाती है |

17 बिना गुठली वाले छुहारे, छोटी पीपल, मिश्री और धान की खील इन सबको बराबर बराबर मात्रा में लेकर पीस लें और तीन-तीन ग्राम चूर्ण को बराबर घी और शहद में मिलाकर चाटने इस नुस्खे से पित्त की खांसी दूर होती है |

18 आँक की कलियां 10 ग्राम, 10 ग्राम सफेद कथा और 10 ग्राम काली मिर्च को बराबर मात्रा में लेकर पीस लें और इन्हें पानी के साथ घोटकर छोटी-छोटी गोलियां बना ले और छाया में सुखाकर इन गोलियों को खाएं इससे हर तरह की खांसी में लाभ मिलता है |desi

19 20 ग्राम सौंफ, 30 ग्राम धनिया गाय के घी में भूनकर पीस लें अब 2 तोला यानी 20 ग्राम मिश्री को पीसकर मिला दे इसमें छह छह ग्राम यानी छह छह माशे चूर्ण को सुबह और शाम खाने से साधारण खांसी, दमा, और पेचिश के साथ दस्त भी दूर होते हैं |desi nuskhe for cough, balgham ka ilaj, khansi ka desi ilaj,

20 कटेरी की जड़ का चूर्ण और छोटी पीपल का चूर्ण 5-5 ग्राम लेकर इसे 6 ग्राम शहद में मिलाकर चाटने से हर तरह की खांसी दूर होती है |

21 माजूफल, बंशलोचन तथा छोटी इलायची इन सब को बराबर भाग में लेकर महीन पीस लें अब इसे कोई इसे एक छोटी और गोल पाइप में भरकर रोगी के गले पर फूंक से डालें इस प्रयोग से खांसी दूर हो जाएगी | desi nuskhe for cough, balgham ka ilaj, khansi ka desi ilaj,

22 20 ग्राम अडूसे का रस और 7 ग्राम शहद को लेकर बराबर मात्रा में मिला लें | दिन में तीन से चार बार पीने से रक्त पित्त और पित्त कफ की खांसी अवश्य दूर होती है |

23 20 ग्राम अडूसे की छाल को 320 ग्राम पानी में घोटे जब पानी का चौथाई भाग रह जाए तो उतारकर छान ले अब जब पानी ठंडा हो जाए तो उसमें 1 ग्राम पीपल का चूर्ण और 4 ग्राम शहद मिलाकर चाटने से सभी प्रकार की खांसी दूर होती है |

24 हर्रा का छिलका, करंज के बीजों की मींगी, काली मिर्च, काकड़ासिंगी और खिली हुई मुलहठी इन सभी को 10-10 ग्राम लेकर पीस लें अब इसे किसी बर्तन में डालकर पानी के साथ अच्छी तरह से घोटे और चने की समान गोलियां बनाकर एक गोली मुंह में रखकर चूसने से खांसी दूर होती है |

25 मुलेठी, दाख, जवासा और गिलोय इन सबको मिलाकर 20 तोला कर लें और आधा पाव पानी में पकाएं जब पानी भाप बनकर उड़ जाए और दूध के जितना रह जाए तब उसे उतारकर छान ले और 40 ग्राम मिश्री डालकर पी लें इससे बेहतर और सूखी खांसी दूर होती है |

26 10 ग्राम भूना और छिला हुआ चना, 10 ग्राम सफेद सज्जी और 10 ग्राम काली मिर्च इन सब को बराबर मात्रा में लेकर अच्छी तरह से पीसकर चूर्ण बना लें | अब इसको किसी बर्तन में रखकर अदरक का रस डालें और अच्छी तरह से घोटें | अब इनकी चने की समान गोलियां बनाकर छाया में इन गोलियों को सुखा लें | इन गोलियों में से एक-एक गोली सुबह शाम खाने से हर तरह की खांसी का इलाज किया जा सकता ह |khansi ka ilaj, khansi ka gharelu ilaj,

27 भुना हुआ सुहागा 10 ग्राम, कच्चा सुहागा एक तोला (10 ग्राम), काली मिर्च 2 तोला (20 ग्राम) इन तीनों को महीन पीस लें | इसे बर्तन में डालें और ऊपर से घी, ग्वार का रस डालकर इन सब को अच्छी तरह से घोट दें | अब इनकी गोलियां बनाकर छाया में सुखा लें | इन गोलियों को दिन में तीन से चार बार खाएं यह गोलियां बालकों की कफ फांसी पर चमत्कारी प्रभाव करती है |khansi ka ilaj, khansi ka gharelu ilaj,

28 170 ग्राम मिश्री, नीली झांई वंशलोचन का 80 ग्राम, 40 ग्राम छोटी पीपल और 20 ग्राम छोटी इलायची के बीज बराबर मात्रा में लेकर पीस लें और इसका चूर्ण बना लें | इस चूर्ण का नाम सितोपलादि कहलाता है | इस चूर्ण को घी और शहद में मिलाकर चाटने से खांसी, हाथ पैरों की जलन, मन्दाग्नि, जकड़न, पसली में दर्द, खाने की इच्छा न होना, थोड़ी बहुत बुखार और ऊपर का रक्तपित्त दूर होकर शरीर की रक्षा होती है l इससे पुरानी बुखार और पुरानी खांसी में निश्चित रूप से लाभ होता है | यह आयुर्वेद में प्रसिद्ध रोग नाशक चूर्ण है | cough in hindi, gharelu nuskhe for cold and cough

29 लौंग, काली मिर्च, और बेहेड़ा का छिलका एक-एक तोला (10-10 ग्राम) तथा सफेद पपडिया कत्था 3 तोला (30 ग्राम) इन सब को पीस कर रख लें |फिर डेढ़ पाव बबूल की छाल को पीसकर एक हांडी में रखकर ऊपर से ढाई गिलास पानी डालकर कम आंच में पकाएं |

जब चौथाई भाग पानी शेष रह जाए तब उतार कर छान लें | इसके बाद पानी में लौंग, काली मिर्च, बहेड़ा का छिलका और सफेद पपडिया कत्था पिसा हुआ डाल दें | अब इस मिश्रण को कम आग में फिर से पकाएं |

अब जब यह मिश्रण गोली बनाने लायक गाढ़ा हो जाए तब उतारकर इस मिश्रण को ठंडा करके और मटर के बराबर गोलियां बनाकर छाया में सुखाकर इन गोलियों को रख लें | इन गोलियों का नाम लवंगादि वटी है | इन गोलियों को चूसते रहने से सभी प्रकार की खांसी ठीक हो जाती है |

30 एक तोला(10 ग्राम) काली मिर्च, 10 ग्राम छोटी पीपल, 20 ग्राम अनार का छिलका और 6 ग्राम जवाखार इन चारों को महीन कूटकर रख लें | फिर इस चूर्ण में 80 ग्राम शुद्ध और साफ गुड़ मिलाकर एक साथ कर लें | अब 3-3 ग्राम की गोलियों को बना ले | cough in hindi, gharelu nuskhe for cold and cough

इन गोलियों को चूसने से हर तरह की खांसी दूर हो जाती है | जिसे खांसी आती हो उसे यह गोली उठते ही मुंह में रखकर चूसना चाहिए| ध्यान दें इन गोलियों को खाना नहीं है जब एक गोली खत्म हो जाए तो दूसरी गोली मुंह में रख लें इससे अवश्य आराम मिलता है |

31 कायफल, भारंगी, पिठवन, धनिया, हर्रा, सोंठ, नागरमोथा, पित्तपापड़ा, काकड़ासिंगी और देवदारु इन सब को तीन तीन ग्राम लेकर आधा कुचल दें | अब इनका सौ ग्राम पानी के साथ काढ़ा बना ले जब पानी आधा हो जाए तब इस कार्य में पिसी हुई काली मिर्च 10 ग्राम छोटी पीपल 10 ग्राम और 6 ग्राम जवाखार तथा 2 तोला अनार के छिलके को पीसकर बना हुआ चूर्ण मिला दे |khansi ka ilaj, khansi ka gharelu ilaj,

अब जब यह काला गोली बनाने लायक गाढ़ा हो जाए तब आगे से नीचे उतारकर 4-4 ग्राम की गोलियां बना लें | इन गोलियों को मुख में रखकर चूसने रहने से सभी प्रकार की खांसी निश्चित रूप से दूर होती है |

32 6 ग्राम शहद, 1 ग्राम सांभर नमक को बराबर मिलाकर गर्म कर लें और पी जाएं इस नुस्खे से सभी प्रकार की खांसी 3 से 4 दिन में ही दब जाती है |

जब खांसी में किसी दवा से लाभ ना हो तो इसे प्रयोग में लेना चाहिए इससे निश्चित रूप से लाभ होगा इस नुस्खे का इस्तेमाल करने से आपको पहले ही खुराक में फायदा होगा | अगर फिर भी फायदा ना हो तो इसी मिश्रण में 1 ग्राम छोटी पीपल का चूर्ण मिलाकर मिश्रण तैयार करें और पिए इससे लाभ होगा |

33 4 ग्राम अनार का छिलका, 2 ग्राम मुलेठी और 2 ग्राम बहेड़ा का छिलका लेकर एक पाव पानी में औंट ले और जब थोड़ा सा पानी रह जाए तब इसे उतार लें | अब इसमें 10 ग्राम मिश्री मिलाकर रोगी को पिला दें इससे सूखी खांसी दूर होती है |

34 कचूर, नेत्रबाला, बड़ी कटेरी शोंठ तथा बूरा इनको कुल दो तोले लेकर एक पाव भर पानी में पकाएं | जब पानी का चौथाई भाग बचे तक इसे उतार कर छान लें और इसमें 2 ग्राम घी मिलाकर पियें इसके पीने से पित्त की खांसी जाती रहती है |

 

खांसी के लिए क्या खाएँ ?

खांसी का इलाज सही तरीके से तभी किया जा सकता है जब इसका हर तरह से निदान करने का तरीका मिल सके और कई लोग अपने खानपान में गड़बड़ी के चलते इन उपायों को अपनाकर भी खांसी से निजात नहीं पाते | खांसी का संपूर्ण इलाज देसी नुस्खे से किया जा सकता है | लेकिन, इसके लिए कुछ लिमिट भी होती है इसलिए आज हम यह भी बताएंगे कि आप खांसी के कान किन-किन चीजों का सेवन करें और क्या-क्या ना करें |

जुलाब, नियमित भोजन, दिन में सोना तथा स्वेदन यह सब जरूरी हैं | जौ तथा गेहूं की रोटी, साठी चावल, पुराने चावलों का भात, बिना छिलकों की उड़द की दाल, परवल, तोरई, बथुआ, सहजना, अदरक, प्याज, केला, खरबूजा, गाय अथवा बकरी का दूध यह सब खांसी के दौरान इस्तेमाल किए जा सकते हैं |

सूखी खांसी वालों को रात को सोते समय सूखी मलाई तथा मिश्री खानी चाहिए | आटा का ठंडा किया हुआ पानी पीना सर्वोत्तम है | धुएं में आग के सामने अथवा धूप में बैठना, मैथुन, राह चलना, गरिष्ठ पदार्थों का सेवन, बाजरा, चना आदि पदार्थों का सेवन, व्यायाम, लाल मिर्च, खटाई, आलू अरबी, मछली आदि खाना तथा मल-मूत्र छींक आज के वेग को रोकना नहीं चाहिए |

शास्त्रीय बातें

कासहर वटी, हरितलादी वटी, त्रिफलादि वटी, कासांतक वटी, श्वास कुठार रस, वसंत तिलक रस, तालीसादि मोदक, कासावलेह, कंटकार्यवलेह, आदि खांसी में हितकर है |

 

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