1 महीने में डायबिटीज गायब, करेले का डाइबिटीज में महत्व || importance of bitter melon in diabetes

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अगर आपको डायबिटीज से संबंधित कोई समस्या है तो आप नीचे दिए कमेंट बॉक्स में अपना नाम, ईमेल, और क्वेश्चन को डाल कर समस्या पूंछ सकते हैं ।। डॉक्टर्स की मदद से आपको सलाह दी जाएगी ।।

करेला आमतौर पे हर घर में उपयोग होता है | आम कहे जाने वाले इस करेले के भी कई सारे गुण होते हैं | करेले का डाइबिटीज को ठीक करने में बहुत बड़ा योगदान होता है | डाइबिटीज अपने शरीर में इन्सुलिन हार्मोन के कमी से होता है |

इन्सुलिन हार्मोन अपने शरीर में सुगर लेवल को नियंत्रित करता है | इन्सुलिन हर्मोन के कमी की वजह से अपने शरीर के सुगर का लेवल बढ़ जाता है | जो डाइबिटीज को पनपने में साथ देता है | करेले में उपस्थित पॉलीपेप्टाइड इन्सुलिन अपने शरीर के इन्सुलिन को बढाने में मदद करते हैं | जो डाइबिटीज को कम करने में काफी मदद करता है | तो आइये जानते हैं, की करेले का डाइबिटीज में क्या योगदान है |

इस तरह से करें इस्तेमाल:

1 . सुबह खाली पेट 1 गिलास अदरक का जूस पियें ।।

2. करेले को सुखाकर बीज सहित उसका चूर्ण बना ले और जब करेले का सीजन खत्म हो जाए तो 1 चम्मच चूर्ण को एक गिलास पानी के साथ पियें ।

क्यूँ डायबिटीज को दूर करता है करेला ?

1.

कार्बोहायड्रेट को जल्दी पचाना
करेले का जूस कार्बोहायड्रेट को जल्दी पचाता है | जिससे सुगर का स्तर प्रकितिस्थ रहता है | रोज सुबह आप करेले का एक गिलास जूस पीकर डाइबिटीज से छुटकारा पा सकते हैं |

2.

शरीर में सुगर के स्तर में कमी लाना
करेले के सेवन से शरीर में सुगर का मेटाबोलिज्म तेजी से होता है | जिससे सुगर का लेवल शरीर में जरूरत जितना ही रहता है | इस प्रकार से आप करेले का जूस पीकर डाइबिटीज से निजात पा सकते हैं |
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3.

इन्सुलिन प्रतिरोधक को कम करना
करेले में उपस्तिथ ओलिएनोलिक एसिड ग्ल्य्कोसाइड्स इन्सुलिन प्रतिरोधक को रोककर इन्सुलिन हर्मोन को तेजी से बढ़ने में मदद करते हैं | जिससे अपने शरीर में सुगर का स्तर बराबर बना रहता है|

4.

इन्सुलिन हर्मोंन को बढ़ाना
डाइबिटीज के टाइप 1 में अपने शरीर का पैंक्रियास इन्सुलिन को उत्पन्न करने में असमर्थ रहता है|
करेले में उपस्तिथ पॉलीपेप्टाइड इन्सुलिन अपने शरीर के इन्सुलिन हरमोन को बढ़ाकर डाइबिटीज से छुटकारा दिलाता है|
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5.

करेले में मौजूद एंटीओक्सीडेंट
करेले में उपस्तिथ एंटीओक्सीडेंट हमारे शरीर में ऑक्सीडेशन व इम्फ्लामेसन की प्रक्रिया को ख़त्म करके शरीर को हेल्दी बनाए रखते हैं| जिसके कारण डाइबिटीज में उत्पन्न होने वाली परेशानी जैसे – किडनी सम्बंधित रोग ( किडनी फैल्युर, किडनी में पानी भर जाना इत्यादि| ), दिल का दौरा या ह्रदय घात, नेत्र में जलन, पैरो में जलन और दर्द, एठन, आदि को दूर रखने में मदद करता है |
करेले को उपयोग करने की विधि:
आप करेले का सेवन डाइबिटीज में रोज सुबह खाली पेट कर सकते हैं | करेले को आप दो तरह से उपयोग कर सकते हैं | पहला इसका जूस बनाकर और दूसरा इसका सलाद बनाकर | करेले का सलाद बनाने के लिए आपको पहले करेले को काटना होगा फिर इसके बाद उसमें हल्दी और नमक लगाकर रख दें | जिससे आपको कडवाहट का एहसास कम होगा | कहा गया है की करेले का जूस ज्यादा लाभदायक होता है| इसिलए आप करेले का जूस ही पियें |
सावधानियां:


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करेले का उपयोग आप गर्भ के दौरान ना करें, अन्यथा आपको गर्भपात की परेशानी हो सकती है |


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कई लोगों को करेले के उपयोग से सर दर्द , पेट में दर्द आदि की परेशानी होती है ऐसे लोग करेले का उपयोग ना करें |


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इसका उपयोग डॉक्टर की सलाह से ही करे अन्यथा आपको इन्सुलिन की कमी से भी गुजरना पड़ सकता है |


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इसके ज्यादा पीने से आपको इसके साइड इफेक्ट्स से गुजरना पड़ सकता है | अतः इसका सेवन डॉक्टर की सलाह से ही करें |

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@lyfcure

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