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अधिक प्यास लगने का कारण, लक्षण और इलाज

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अधिक प्यास लगना भी एक बीमारी है। बार-बार पानी पीने के बाद भी जब आपकी प्यास बुझने के बजाय और बढ़ जाये तो समझिये आपको अधिक प्यास लगने का रोग हो गया है। इस दौरान आप चाहे जितना भी पानी पी लेते हैं आपको संतुष्टि नहीं होती है चलिए इसके कारण लक्षण और उपचार के बारे में जानते हैं।

अधिक प्यास कि बीमारी क्यूँ होती है?

इस रोग के होने के एक नहीं कई कारण हैं। क्रोध, शोक, मेहनत, शराब पीने, धातु क्षीणता, धुप में ज्यादा रहना, अधिक देर तक आग के पास बैठना, आवश्यकता से अधिक उपवास करना य भूंखे रहना, दर, कब्ज़, घाव य चोट लगने, शुष्क, खट्टे तथा टेल हुए भोजन करने, गर्म वाले खाद्य पदार्थ जरुरत से ज्यादा खाने आदि कारणों से अधिक प्यास लगने कि बीमारी होती है।

जब कोई भी व्यक्ति अधिक गुस्सा और शोक करता है तो शरीर में पित्त और वायु काफी मात्र में बढ़ जाते हैं, जिससे शरीर के जलवाही स्त्रोत बीमार हो जाते हैं और व्यक्ति तेज प्यास का शिकार हो जाता है।

ज्यादा प्यास लगने वाली बीमारी से होने वाली समस्याएँ और कारण

  • कनपट्टी तथा सर में दर्द रहता है तथा मुंह का स्वाद बिगड़ जाता है। 
  • ठंडा पानी पीने से प्यास बुझने कि बजाय और बढ़ जाती है। 
  • नींद ना आने कि शिकायत शुरू हो जाती है। 
  •  घाव होने य चोट लगने, भोजन से तथा शराब पीने से होने वाली प्यास भी वायु विकार के कारण होती है। 
  • शरीर में गर्मी यानी पित्त बढ़ जाने से होने वाली प्यास में बेहोशी, भोजन में अरुचि, जलन, आँखों में लाली, मुंह सूखना, ठंडा जल पीने कि इच्छा, मुंह का स्वाद कड़वा आदि लक्षण देखने को मिलते हैं।
  • शरीर के कफ (बलगम) होना और जठराग्नि के कफ से धक् जाने से होने वाली प्यास में अनिद्रा, शरीर भारी रहना, मुंह में मिठास, और रोगी का सूख जाना आदि लक्षण नजर आते हैं। 
  • मॉस, रस तथा धतुयों के नष्ट होने से होने वाली प्यास में रोगी दिन-रात पानी पीने के बाद भी राहत नही पाता है यानी उसकी प्यास नही बुझती है। इस प्यास में रोग में दिल में पीड़ा, कंपकंपी, मुंह सूखना, बहरापन आदि लक्षण देखे जाते हैं। 
  • कब्ज़ के कारण होने वाली प्यास में वायु, पित्त, कफ तीनो ही दोषों के लक्षण होते हैं। इस प्यास में ह्रदय में दर्द भी होता है। मुंह से लार गिरती है, जभाइयां आती हैं, मुंह सूख जाता है, सर दर्द रहता है और पेट भारी-भारी सा रहता है। 
  •  चिकना, खट्टा, खरा, कड़वा कसैला, अधिक और भारी या देर से पचने वाला भोजन खाने से प्यास उत्पन्न होती है और इसमें बार-बार पानी पीने कि इच्छा होती है।
  •  वायु विकार के कारण होने वाली प्यास में चेहरे का रंग उतर जाता है। 

अधिक प्यास लगने का घरेलू इलाज

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इसमें कोई शक नही है कि कुदरत से प्राप्त जड़ी-बूटियाँ में किसी भी बीमारी को ठीक करने कि ताकत मौजूद है। अधिक प्यास लगने कि जब भी शिकायत हो तो सबसे पहले यह जानने कि कोशिस करें कि क्या उपरोक्त कारणों और लक्षणों में से कोई मुझमे है। यदि ऐसा हो तो नीचे दी गयी जड़ी-बूटियों में से किसी एक का इस्तेमाल आप प्यास बुझाने के लिए कर सकते हैं।

  1.   प्यास बढ़ने पर पानी पीते यदि पेट फूल जाये तो छोटी पीपल का काढ़ा बनाकर पीने से यह समस्या दूर हो जाती है। काढ़ा पीने के बाद रोगी से उलटी करवाएं। यह प्यास कि तीव्रता शांत करने के लिए बेहतर इलाज है। 
  2. दाह, मूर्छा, उलटी, रक्त पित्त, और शराब पीने से लगी प्यास में ठंडा जल पिलाने से प्यास बुझ जाती है। 
  3.  मुंह का स्वाद बिगड़ा हुआ हो तो खट्टी चीजें और आंवले का पाउडर खाकर कुल्ला करने से यह समस्या दूर हो जाती है। 
  4. ठन्डे जल में शहद मिलकर और कंठ तक पीकर उलटी करने से प्यास जल्द ही बुझ जाती है।
  5. अत्यधिक परिश्रम करने से अगर प्यास रोग हो जाये तो गुड मिला पानी पीने से शीघ्र ही लाभ मिलता है।
  6. रोग के कारण पैदा हुई प्यास में धनिया का पानी पीने से लाभ मिलता है। 
  7.  चिकने भोजन खाने और उनके हज़म न होने कि वजह से अगर प्यास बढ़ जाये तो गर्म पानी पीजिये। अगर मरीज कि पाचन शक्ति तेज हो तो उसे शीतल जल भी पिला सकते हैं।
  8. भात का बना माढ एक गिलास की मात्रा में दिन में 4 बार पीने से ज्यादा प्यास लगने की समस्या दूर हो जाती है।
  9. प्याज के २ चम्मच रस में 2 ग्राम मिश्री मिलाकर दिन में दो बार पीने से प्यासे रोगी को लाभ मिलता है।
  10. नींबू पानी और बर्फ से तैयार जूस पी लेने से प्यासे रोगी को तुरंत लाभ मिल जाता है।
  11. सूखी अदरक का चूर्ण, जीरा का चूर्ण और सेंधा नमक का पाउडर बराबर मात्रा में मिलाकर एक चम्मच पाउडर पानी के साथ लेने से आराम मिलता है।
  12. एप्प्ल जूस को पानी के साथ पीने से प्यास दूर होती है।
  13. गाय का कच्चा दूध एक पाव पीने से प्यास तुरंत दूर हो जाती है।
  14. तुलसी का रस, नींबू का रस और शक्कर पानी में घोलकर शरबत बना लें और इसे पियें। इससे भी प्यास दूर होती है।
  15. आप पुदीने की चटनी या फिर इसके शरबत को प्यास बुझाने के लिए और ज्यादा प्यास लगने की समस्या से बच सकते हैं।
  16. आम की गुठली को पीसकर उसका काढा बना लें और एक गिलास काढ़े में 10 ग्राम मिश्री मिम्लाक्र पियें। इससे आपको काफी लाभ होगा।
  17. अगर आप बार-बार प्यास लगने से परेशान हैं तो अंजीर का प्रयोग कर सकते हैं।
  18. अमरुद को छोटे टुकड़ों में काटकर पानी में आधे घ्न्गते के ल्लिये रख दें और इस पानी को पी लें इससे अगर आपको शुगर के चलते ज्यादा प्यास लग रही है तो आपकी प्यास मिट जाएगी।
  19. शरीर में ग्लूकोज की कमी के वजह से भी अधिक प्यास लग सकती है इस सिलसिले में आप ग्लूकोस का यूज कर सकते हैं, या फिर आप नींबू पानी को पी सकते हैं।
  20. आंवला के कुछ टुकड़े और सफ़ेद कत्था के छोटे-छोटे ३ टुकड़े अपने मुंह पर रखें, इससे आपको काफी आराम मिलेगा।
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Sarthak Upadhyay is a health blogger and creative writer, who loves to explore various facts, ideas, and aspects of life and pen them down. The whole site is managed by him. Writing is his passion and enjoys writing on a vast variety of subjects. Periods, pregnancy, and Home-remedies are his specialty areas.

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