बथुआ- सेहत का हरा सोना: बथुआ के फायदे

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हरी पत्तेदार साग ‘बथुआ’ नित्य अपने भोजन में जरूर शामिल करें, क्योंकि यह कई प्राकृतिक गुणों से भरपूर है तथा शरीर के लिए अति फायदेमंद है। कुदरत का यह एक ऐसा साग है, जिसमें आयरन, मरकरी, क्षार और लोहा पाया जाता है। इसके लौह गुड़ शरीर को मजबूत बनाते हैं। सिर के बाल लंबे समय तक काले बने रहते हैं, दांत मजबूत व चमकीले होते हैं, असमय न तो घुटनों में दर्द होता है न हीं बुढापे जैसी थकान महसूस होती है। इसमें मौजूद पारा मस्तिष्क की बंद तहे खोलता है जिससे स्मरणशक्ति में अच्छी वृद्धि होती है तथा छार शरीर के दूषित पदार्थों को निकालने में भरपूर मदद करता है ताकि शरीर स्वस्थ और प्रसन्नचित बना रहे।  इसके अलावा भी बथुआ खाने के बहुत सारे फायदे होते हैं, जिसे आप इस लेख में आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।

त्वचा संबंधी समस्याएं

त्वचा में पोषक तत्वों की आपूर्ति के कारण होने वाले चकत्ते, दाग, धब्बे, पिम्पल्स आदि को त्वचा से दूर करता है। त्वचा में चिकनापन आता है और मुलायमपन आता है।

आंखों में कम दिखने के लिए

अगर आपको दूरदृष्टि या पास देखने की समस्या है तो बथुआ आपके लिए रामबाण इलाज साबित होता है। बथुआ का सेवन करने से आंखों की ज्योति बढ़ती है।

पेट के कीड़ों का काल

कच्चे बथुआ का रस एक कप में थोड़ा नमक मिलाकर रोज सुबह पीने से पेट के कीड़े मर जाते हैं तथा आंतों की भी अच्छी सफाई हो जाती है।

सर्दियों में त्वचा चमकाने का कार्य

सर्दियों में त्वचा का सूखापन दूर करने के लिए 3 कप बथुआ रस में एक कप तिल का तेल मिलाकर मंद मंद आंच पर गर्म करें। जब रस जलकर सिर्फ तेल ही रह जाए तो उसे ठंडा करके छान लें और पूरे शरीर पर मालिश करें। त्वचा का रूखापन, सूखापन दूर तो होगा ही साथ ही त्वचा चिकनी, कोमल, मुलायम बन जाएगी  सर्दियों में यह मालिश सप्ताह में दो बार नित्य करें तो त्वचा दमकती व खिली-खिली दिखाई देगी।

बालों को चमकाए और जुएँ भगाए

healthy hair

बथुए को उबालकर इसके पानी से सिर धुलें।  इससे सिर की खुजली, जुएँ, लीखें आदि दूर होती हैं तथा बाल भी साफ हो कर हल्के  व चमकदार दिखाई देते हैं।

खांसी और गले में जलन के लिए

खांसी और गले में जलन हो तो बथुए के रस को गर्म पानी में मिलाकर गरारे करने से लाभ होता है

शिव कुमार lyfcure के सबसे बेहतर राइटर में से एक हैं| इनके शब्दों का मुहताज होते देरी नहीं लगेगी| सबसे विशेष बात तो यह है कि ये एक अनुभवी राइटर है जिन्होंने zoology से M.Sc की है| ये आयुर्वेद का पूरा ज्ञान अपने साथ रखते हैं| इन्होने आयुर्वेद की शिक्षा बाँदा से प्राप्त की है....................

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