Bawaseer ka ilaj- बवासीर का इलाज के 10 घरेलू उपाय- piles treatment

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बवासीर एक ऐसा रोग है जिसमे रोगी के गुदा मार्ग में मस्से का निर्माण हो जाता है| यह मस्से बहुत ही कष्टदायक होते हैं, जिनके भीतर खून, पश का स्थान हो जाता है और बवासीर से पीड़ित रोगी को इसका बड़ी ही दर्दनाक स्थिति में सामना करना पड़ता है| इसे अंग्रेजी में piles या haemorrhoids के नाम से जाना जाता है| गुदा मार्ग से रक्त का स्त्राव होने के चलते रोगी  का जीवनयापन र पाना बहुत कठिन हो जाता है| लगातार कई दिनों तक स्त्राव होते रहने से रोगी कमजोर भी पड़ जाता है|बवासीर का इलाज कई तरह की आयुर्वेदिक विधाओं से किया जा सकता है| आज हम आपको bawaseer ka ilaj के कुछ ऐसे घरेलू नुस्खे बताएँगे जिससे आप अपने बवासीर (अर्श) को आसानी से ठीक कर सकेंगे|

Bawaseer ka ilaj- बवासीर का इलाज के 10 घरेलू उपाय- piles treatment

बवासीर के कुछ खास लक्षण – लगातार कब्ज रहे आने के साथ शरीर में दुर्बलता, कोख का फूलना या  गुड़गुडाना, डकार का अधिक आना, टांगों के बीचे में और टांगों में पीड़ा(दर्द) महसूस होना, पेट सम्बन्धी समस्या लम्बे समय से बने रहना यह बवासीर के होने के पहले के लक्षण हैं| अगर इस तरह के लक्षण नजर आए तो तुरंत सावधान हो जाना चाहिए| अगर आपके  गुदामार्ग से रक्त अथवा पश का स्त्राव होता है, आपके गुदा मार्ग में सूजन है, आपके गुदामार्ग के आस-पास काफी दर्द और उफान बना रहता है तो आपको बवासीर हो गया है| तो चलिए इसके कारण को भी जानते हैं ताकि आप कारण का अंत कर रोग का ही निदान कर सकने  में सक्षम रहें| ताकि बवासीर का इलाज आसानी से किया जा सके| bawaseer ka ilaj करने के लिए आप कारणों को जरूर पढ़ें ताकि आप इनके कारण को नष्ट कर सके| इसके साथ  इसके आयुर्वेदिक इलाज के बारे में भी चर्चा करेंगे|

बवासीर होने के कारण-

आचार्य चरक ने कहा है की बवासीर का इलाज या अर्श के इलाज को करने से पहले उसके कारण का पता कर उस कारण को अपने जीवनशैली से अलग करना होगा| चरक ने लिखा है की गरिष्ठ, मधुर, शीत, कफकारक, पेट में जलन पैदा करने वाले आहार, न पचने वाले पदार्थ, मांस खाने से, चावल की पीठी खाने से, तेल युक्त और तीखे पदार्थ के सेवन से, और कई ऐसे पदार्थों का सेवन करने से जो हमारे शरीर के लिए हानिकारक है के चलते बवासीर को झेलना होता है| अगर आप इन सभी कारण के ऊपर कंट्रोल कर लेते हैं तो 50 प्रतिशत bawaseer ka ilaj खुद ही हो जाता है|

बवासीर का इलाज के 10 घरेलू उपाय- bawaseer ka ilaj– piles treatment in hindi

आयुर्वेद में बवासीर के लिए कई जबरदस्त इलाज बताए गए हैं जिनमे से कुछ सरल और आसान इलाज हम आप तक पहुंचाएंगे|

1. बालों से निकलता हुआ धुआँ  करेगा अर्श का इलाज

औरतों के कंघी करते समय रोज बाल  कंघी में लिपट जाते हैं| जिन्हें औरतें दीवाल की दरारों के बीचे दाल देती हैं ताकि वे इधर-उधर उड़े न| यह बाल आपके बवासीर का इलाज करने में काफी कारगर होंगे| उन बालों को लेकर इकठ्ठा कर लें और इनकी गोली बनाकर आग में डालें इससे निकलने वाले धुआँ को अपने गुदा में जाने दें| इससे बवासीर के मस्से सिकुड़ जाते हैं| (बालों में डाई आदि कई कृत्रिम केप न लगे हों|)

2. नारियल के जटा से निर्मित राख भी खदेड़ देगा बवासीर को

बवासीर का रामबाण इलाज करने के लिए नारियल की जटा से निर्मित भस्म का भी प्रयोग लाभवान बताया गया है| नारियल की जटा को आग लगा दें और उसे जल जाने दे| जब उसका भस्म तैयार हो जाए तो उसे आप संतरे रंग की बोतल में भरकर रख लें| अब रोज दिन में तीन दफा तीन-तीन ग्राम की मात्र में इस भस्म को 3 चम्मच मठा के साथ सेवन करें| एक सप्ताह के भीतर ही आपको बवासीर से मिला राहत देखने को नजर आ जाएगा|

3. सूरण से निर्मित पाउडर करेगाअर्श का रामबाण इलाज

अर्श ‘अर्थात’ बवासीर का इलाज करने के लिए आप सूरण के पाउडर को इस्तेमाल में ला सकते हैं| सूरण आपको बाजार में किसी भी सब्जी वाले के पास से  उपलब्ध हो जाएगा| आप  सूरण  काटकर सुखा लें और उसे पीसकर उसका पाउडर निर्मित कर लें| एक चम्मच पाउडर  सुबह व शाम पानी के साथ लेने से bawaseer ka ilaj कुछ ही सप्ताह में किया जा सकता है|

4. हर्रा का प्रयोग 40 दिन में जड़ से खतम कर देगा बवासीर का रोग

छोटी हरण (हर्रा) एक पाँव की मात्र में लेकर चार दिन तक मूली के रस में भिगोकर रखें फिर दो दिन तक कुकरौंधा की पत्ती के रस में भिगो रखें| फिर इसका चूर्ण बना लें और 4-4 ग्राम यह चूर्ण सुबह भोजन के बाद तथा रात में सोते वक्त फांके| इसके साथ ऊपर से 5 मुनक्का  को चबाकर खाएँ| 40 दिन के सेवन से खूनी तथा बादी bawaseer ka ilaj जड़ से हो जाता है|

5. एलोवेरा का जूस करेगा पाइल्स का इलाज

एलोवेरा का रस 30-30 ग्राम सुबह-शाम पीने से भी बवासीर में आराम मिलता है| इसका सेवन आप लगातार करें| इससे और भी कई स्वास्थ्य फायदे होते हैं| और इससे bawaseer ke masse ka ilaj आसानी से हो जाता है|

6. नीम से तैयार टिकिया का करें प्रयोग और करें बवासीर का आयुर्वेदिक इलाज

नीम की नाजुक पत्तियों को अच्छी तरह से मसल दें| मसलने के बाद इन पत्तियों को हल्की आंच में घी के साथ तलें| अब इसमें आवश्यकता अनुसार कपूर डाल लें| जब अच्छी तरह से भुनकर यह मिश्रण तैयार हो जाए तब आप इसकी टिकिया बना लें और मस्से वाले स्थान पर बाधें| इससे bawaseer ka ilaj आसानी से कुछ ही दिनों में हो जाएगा|

7. सेहुंडे के दूध से तैयार लेप करेगा bawaseer ka ilaj

सेहुंडे के दूध को बवासीर के मस्से को हटाने के लिए उपयोग में लाया जाता है| इसके दूध और हल्दी पाउडर से तैयार मिश्रण बवासीर के समस्या को ठीक कर देते हैं| आप सेहुंडे के दूध को बाहर निकाल लें और इसमें भूनी हुई हल्दी मिलाकर एक लेप तैयार कर लें| इस लेप को आप अपने मस्से वाली जगह पर अप्लाई करें| इससे आपके मस्से धीरे-धीरे खतम हो जाएंगे|

8. बवासीर के मस्से कैसे हटायें में करें गाय के दूध से तैयार घी का प्रयोग

1 चम्मच गाय का घी गुनगुना कर लें और इसमें 1 चम्मच शहद की मात्रा मिलाकर एक लेप तैयार करें| इस लेप को आप अपने मस्से वाली जगह पर लगाएं| एक सपताह के भीतर ही आपको बवासीर में फर्क नजर आने लगेगा| 

9. भाँग के साथ करें अर्श का इलाज

भाँग को जल के साथ पीसकर चौड़ी टिकिया बनाकर थोड़ा गुनगुना करके गुदा में बाधने से बवासीर से बहुत लाभ होता है|

10. लहसुन के प्रयोग से करें पाइल्स का आयुर्वेदिक इलाज

लहसुन को कूट लें और इसका लेप तैयार करें| अब इस लेप को अपने गुदामार्ग पर जहां पर मस्से पर लगाएं| इससे बवासीर जड़ से खतम की जा सकती है| लेकिन, हाँ इस प्रयोग को उपयोग में लाने से पहले आप अपने आयुर्वेदिक डॉक्टर से जरूर सलाह लें|

इन्हें भी पढ़ें – 

घर में निर्मित बवासीर की दवाईयाँ और उनका सेवन

  1. रोगी को मठा का प्रयोग खूब कराएं, bawaseer ka ilaj करने में यह बढ़िया कार्य करेगा|
  2. सुबह व शाम एक गिलास गाय के ताजे दूध में एक पूरा नीबू निचोड़कर पी लें और यह प्रयोग लम्बे समय तक जारी रखें|
  3. बथुआ, मूली और चौलाई के रस को पीने से बवासीर में आराम मिलता है|
  4. एक गिलास गुनगुना पानी में एक चम्मच पीसी हुई हल्दी और काला नमक मिलाकर पीने से बवासीर में आराम मिलता है|
  5. हल्दी को भून लें और उसका सेवन गरम दूध के साथ करें, इससे भी bawseer ka ilaj किया जा सकता है|
  6. ऊपर बवासीर का इलाज में प्रयोग क्रमांक 4 (जिसमे हर्रा के बारे में चर्चा किया गया है) को नियमित प्रयोग में लाएं| 
  7. आप अर्शकल्प नामक एक दवा को भी bawaseer ka ilaj के लिए सेवन कर सकते हैं|

बवासीर में क्या खाएँ? क्या न खाएँ?

सूरण, बथुआ, चौलाई, मूली, कच्चा पपीता, पुराने लाल चावल, जौ, परवल, चित्रक, पुनर्नवा, सोंठ, कडवा तेल, बकरी का दूध, रोटी, हरी सब्जियां, गोमूत्र, मूंग की दाल का सेवन करने से बवासीर ज्यादा नहीं बढती है और आराम मिलता है| 

मांसाहार, मद्यपान(शराब), स्मोकिंग, चाय, काफी,  किसी भी तरह की खटाई दही, उड़द से बने पदार्थ, सेम, बेल, लौकी, तरोई, पोई, आलू, शकर कंद, गुड, धुप, पुरवाई की हवा, स्त्री सेवन, मोटर, साइकिल आदि की सवारी, और पाचन शक्ति को कमजोर करने वाले आहार का सेवन न करें|

तो ये थे बवासीर को जड़ से खतम करने के लिए कुछ आसान घरेलू इलाज|अगर आपको किसी तरह का प्रश्न है तो आप कमेन्ट के जरिये पूछ सकते हैं|

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