hemorrhoids bawaseer ka ilaj, बवासीर का इलाज

दो हफ्ते में बवासीर का 100% इलाज करने के घरेलू उपाय

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बवासीर एक ऐसा रोग है जिसमे रोगी के गुदा मार्ग में मस्से का निर्माण हो जाता है। यह मस्से बहुत ही कष्टदायक होते हैं, जिनके भीतर खून, पश का स्थान हो जाता है और बवासीर से पीड़ित रोगी को इसका बड़ी ही दर्दनाक स्थिति में सामना करना पड़ता है। इसे अंग्रेजी में piles या haemorrhoids के नाम से जाना जाता है। बवासीर का इलाज कई तरह की आयुर्वेदिक विधाओं से किया जा सकता है।

गुदा मार्ग से रक्त का स्त्राव होने के चलते रोगी  का जीवनयापन र पाना बहुत कठिन हो जाता है। लगातार कई दिनों तक स्त्राव होते रहने से रोगी कमजोर भी पड़ जाता है। आज हम आपको कुछ ऐसे घरेलू नुस्खे बताएँगे जिससे आप अपने बवासीर (अर्श) को आसानी से ठीक कर सकेंगे।

बवासीर के कुछ खास लक्षण

लगातार कब्ज रहे आने के साथ शरीर में दुर्बलता, कोख का फूलना या  गुड़गुडाना, डकार का अधिक आना, टांगों के बीचे में और टांगों में पीड़ा(दर्द) महसूस होना, पेट सम्बन्धी समस्या लम्बे समय से बने रहना यह बवासीर के होने के पहले के लक्षण हैं। अगर इस तरह के लक्षण नजर आए तो तुरंत सावधान हो जाना चाहिए।

अगर आपके  गुदामार्ग से रक्त अथवा पश का स्त्राव होता है, आपके गुदा मार्ग में सूजन है, आपके गुदामार्ग के आस-पास काफी दर्द और उफान बना रहता है तो आपको बवासीर हो गया है। तो चलिए इसके कारण को भी जानते हैं ताकि आप कारण का अंत कर रोग का ही निदान कर सकने  में सक्षम रहें।

ताकि बवासीर का इलाज आसानी से किया जा सके। करने के लिए आप कारणों को जरूर पढ़ें ताकि आप इनके कारण को नष्ट कर सके। इसके साथ  इसके आयुर्वेदिक इलाज के बारे में भी चर्चा करेंगे।

बवासीर (अर्श) के कारण

आचार्य चरक ने कहा है की बवासीर का इलाज या अर्श के इलाज को करने से पहले उसके कारण का पता कर उस कारण को अपने जीवनशैली से अलग करना होगा। चरक ने लिखा है की गरिष्ठ, मधुर, शीत, कफकारक, पेट में जलन पैदा करने वाले आहार, न पचने वाले पदार्थ, मांस खाने से, चावल की पीठी खाने से, तेल युक्त और तीखे पदार्थ के सेवन से, और कई ऐसे पदार्थों का सेवन करने से जो हमारे शरीर के लिए हानिकारक है के चलते बवासीर को झेलना होता है। अगर आप इन सभी कारण के ऊपर कंट्रोल कर लेते हैं तो 50 प्रतिशत bawaseer ka ilaj खुद ही हो जाता है।

बवासीर का इलाज के 10 घरेलू उपाय

आयुर्वेद में बवासीर के लिए कई जबरदस्त इलाज बताए गए हैं जिनमे से कुछ सरल और आसान इलाज हम आप तक पहुंचाएंगे।

बालों से निकलता हुआ धुआँ करेगा अर्श का इलाज

औरतों के कंघी करते समय बाल कंघी में लिपट जाते हैं। औरतें,जिन्हें दीवाल की दरारों के बीचे डाल देती हैं ताकि वे इधर-उधर उड़े न! यह बाल आपके बवासीर का इलाज करने में काफी कारगर होंगे।

उन बालों को लेकर इकठ्ठा कर लें और इनकी गोली बनाकर आग में डालें इससे निकलने वाले धुआँ को अपने गुदा में जाने दें। इससे बवासीर के मस्से सिकुड़ जाते हैं। (बालों में डाई आदि कई कृत्रिम केप न लगे हों।)

नारियल की जटा

बवासीर का रामबाण इलाज करने के लिए नारियल की जटा से निर्मित भस्म का भी प्रयोग लाभवान बताया गया है। नारियल की जटा को आग लगा दें और उसे जल जाने दे। जब उसका भस्म तैयार हो जाए तो उसे आप संतरे रंग की बोतल में भरकर रख लें।

अब रोज दिन में तीन दफा तीन-तीन ग्राम की मात्र में इस भस्म को 3 चम्मच मठा के साथ सेवन करें। एक सप्ताह के भीतर ही आपको बवासीर से मिला राहत देखने को नजर आ जाएगा।

सूरण का पाउडर

अर्श ‘अर्थात’ बवासीर का इलाज करने के लिए आप सूरण के पाउडर को इस्तेमाल में ला सकते हैं। सूरण आपको बाजार में किसी भी सब्जी वाले के पास से  उपलब्ध हो जाएगा।

आप  सूरण  काटकर सुखा लें और उसे पीसकर उसका पाउडर निर्मित कर लें। एक चम्मच पाउडर  सुबह व शाम पानी के साथ लेने से खूनी बवासीर का इलाज कुछ ही सप्ताह में किया जा सकता है।

हर्रा का प्रयोग

छोटी हरण (हर्रा) एक पाँव की मात्र में लेकर चार दिन तक मूली के रस में भिगोकर रखें फिर दो दिन तक कुकरौंधा की पत्ती के रस में भिगो रखें। फिर इसका चूर्ण बना लें और 4-4 ग्राम यह चूर्ण सुबह भोजन के बाद तथा रात में सोते वक्त फांके।

इसके साथ ऊपर से 5 मुनक्का  को चबाकर खाएंँ। 40 दिन के सेवन से खूनी तथा बादी बवासीर जड़ से ठीक हो जाता है।

एलोवेरा का जूस

एलोवेरा का रस 30-30 ग्राम सुबह-शाम पीने से भी बवासीर में आराम मिलता है। इसका सेवन आप लगातार करें। इससे और भी कई स्वास्थ्य फायदे होते हैं। और इससे बवासीर के मस्से का इलाज आसानी से हो जाता है।

नीम से तैयार टिकिया

नीम की नाजुक पत्तियों को अच्छी तरह से मसल दें। मसलने के बाद इन पत्तियों को हल्की आंच में घी के साथ तलें। अब इसमें आवश्यकता अनुसार कपूर डाल लें।

जब अच्छी तरह से भुनकर यह मिश्रण तैयार हो जाए तब आप इसकी टिकिया बना लें और मस्से वाले स्थान पर बाधें। इस नुस्खे से बवासीर को कुछ ही दिनों में सपाम्त किया जा सकता है।

सेहुंडे का दूध

सेहुंडे के दूध को बवासीर के मस्से को हटाने के लिए उपयोग में लाया जाता है। इसके दूध और हल्दी पाउडर से तैयार मिश्रण बवासीर के समस्या को ठीक कर देते हैं।

सेहुंडे के दूध को बाहर निकाल लें और इसमें भूनी हुई हल्दी मिलाकर एक लेप तैयार कर लें। इस लेप को आप अपने मस्से वाली जगह पर अप्लाई करें। इससे आपके मस्से धीरे-धीरे खतम हो जाएंगे।

गाय का घी

बवासीर के मस्से कैसे हटायें- 1 चम्मच गाय का घी गुनगुना कर लें और इसमें 1 चम्मच शहद की मात्रा मिलाकर एक लेप तैयार करें। इस लेप को आप अपने मस्से वाली जगह पर लगाएं। एक सपताह के भीतर ही आपको बवासीर में फर्क नजर आने लगेगा। 

भाँग

भाँग को जल के साथ पीसकर चौड़ी टिकिया बनाकर थोड़ा गुनगुना करके गुदा में बाधने से बवासीर से बहुत लाभ होता है।

लहसुन

लहसुन को कूट लें और इसका लेप तैयार करें। अब इस लेप को अपने गुदामार्ग पर जहां पर मस्से पर लगाएं। इससे बवासीर जड़ से खतम की जा सकती है। लेकिन, हाँ इस प्रयोग को उपयोग में लाने से पहले आप अपने आयुर्वेदिक डॉक्टर से जरूर सलाह लें।

जैतून का तेल

जैतून के तेल में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण और तत्व भारी मात्रा में पाए जाते जाते हैं जो मस्से को ख़तम कर सकते हैं। जैतून के गुनगुने तेल को दिन में तीन से चार बार अपने गुदा-मार्ग पर लगाएँ, इससे अर्श का इलाज कर पाना बहुत आसान होगा।

टी ट्री ऑइल

10 बूँद टी ट्री ऑइल और इतनी ही मात्रा में ऑलिव आयल मिला लें और कॉटन को डुबोकर अपने मस्से पर लगाएँ। इससे मस्से में सूजन और दर्द कम होगा।

मूली का रस

मूली के छोटे टुकड़े काटकर ग्राइंड करें और निचोड़कर आधा कप जूस पी लें। शुरूआती दौर में आप आधा कप रस का सेवन करें और जब आदत बन जाए तो इसकी मात्रा बढ़ा सकते हैं।

ज्त्यादी का तेल

जत्यादी के 8 बूँद तेल को गुनगुने पानी से भरे बाथटब पर डालें और प्रभावित जगह को उस पानी में पन्द्रह मिनट तक के लिए दिन में तीन से चार बार डुबोकर रखें।

कलोंजी का तेल

कलोंजी के आधे चम्मच शुद्ध तेल को एक चम्मच विनेगर के साथ मिलाकर घोल को मस्से के ऊपर दिन में चार बार लगाएँ।

इसके अलावा आप कलोंजी के आधे चम्मच तेल को एक कप काली चाय के साथ मिलाकर पियें। इससे, कब्ज दूर होगा और बवासीर ठीक होगा।

इन्हें भी पढ़ें – 

घर में निर्मित बवासीर की दवाईयाँ और उनका सेवन

  1. रोगी को मठा का प्रयोग खूब कराएं, बवासीर का इलाज करने में यह बढ़िया कार्य करेगा।
  2. सुबह व शाम एक गिलास गाय के ताजे दूध में एक पूरा नींबू निचोड़कर पी लें और यह प्रयोग लम्बे समय तक जारी रखें।
  3. बथुआ, मूली और चौलाई के रस को पीने से बवासीर में आराम मिलता है।
  4. एक गिलास गुनगुना पानी में एक चम्मच पीसी हुई हल्दी और काला नमक मिलाकर पीने से बवासीर में आराम मिलता है।
  5. हल्दी को भून लें और इसका सेवन गर्म दूध के साथ करें, इससे भी अर्श को नष्ट किया जा सकता है।
  6. ऊपर बवासीर का इलाज में प्रयोग क्रमांक 4 (जिसमे हर्रा के बारे में चर्चा किया गया है) को नियमित प्रयोग में लाएं। 
  7. आप अर्शकल्प नामक एक दवा को भी बवासीर दूर करने के लिए सेवन कर सकते हैं।

बवासीर में क्या खाएंँ? क्या न खाएंँ?

सूरण, बथुआ, चौलाई, मूली, कच्चा पपीता, पुराने लाल चावल, जौ, परवल, चित्रक, पुनर्नवा, सोंठ, कडवा तेल, बकरी का दूध, रोटी, हरी सब्जियां, गोमूत्र, मूंग की दाल का सेवन करने से बवासीर ज्यादा नहीं बढती है और आराम मिलता है। 

मांसाहार, मद्यपान(शराब), स्मोकिंग, चाय, काफी,  किसी भी तरह की खटाई दही, उड़द से बने पदार्थ, सेम, बेल, लौकी, तरोई, पोई, आलू, शकर कंद, गुड, धुप, पुरवाई की हवा, स्त्री सेवन, मोटर, साइकिल आदि की सवारी, और पाचन शक्ति को कमजोर करने वाले आहार का सेवन न करें।

तो ये थे बवासीर को जड़ से खतम करने के लिए कुछ आसान घरेलू इलाज।अगर आपको किसी तरह का प्रश्न है तो आप कमेन्ट के जरिये पूछ सकते हैं।

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