बुद्धि बढाने में लाभदायक है आमला, जाने और भी फायदे

Posted on Modified on

 


  • किसी भी स्वास्थ्य सवाल को कमेंट के जरिए पूछ सकते हैं। डॉक्टर की मदद से इलाज बताया जाएगा । अच्छी तरह से जानकारी के लिए पूरा पढ़े ।

 

[the_ad id=”887″]
महर्षि च्यवन को चिर युवा बना देने वाली औषधि को सभी जानते है |यह विटामिन c का उत्तम सोर्स है इसमें vital force को बढाने की भरपूर शक्ति होती है| आंवले का अचार मुरब्बा अवलेह चटनी आदि बनाया जाता है | यह उत्तम बल पैदा करने वाला, त्रिदोष नाशक फल है जो ठंडियो में बहुतायत से पैदा होता है | आंवले को कई रूपों में औषधियों में इस्तेमाल किया जाता है |यह लीवर के लिए बेस्ट टॉनिक का कम करता है इसके फलो का रस 25 ml प्रतिदिन सुबह-शाम लेना चाहिए और फलो का चूर्ण 3 से 6 ग्राम लिया जाना चाहिए |

[the_ad id=”1268″]

विभिन्न रोगों में प्रयोग: 
1.
 सिरदर्द में 10 ग्राम आंवला और 10 ग्राम मिश्री मिलाकर एक गिलास ठन्डे पानी से २१ दिनों तक लेने से सिरदर्द दूर हो जाता है |
इसे भी पढ़े – सिर दर्द का इलाज
2.
 पेशाब में खून आने पर आंवले के रस के साथ मिश्री घोलकर पीने से आराम मिलता है |
3.
हिचकी उल्टी और उबकाई में आंवले का रस शहद के साथ लेने से, over bile secretion के कर्ण उत्पन्न हिचकी आदि रोग ठीक हो जाता है |
[the_ad id=”887″]
4.
   jaundice और anaemia में आंवले के रद के साथ गन्ने का es पीने आराम मिलता है |
5.
 
पेशाब में जलन होने पर आंवले का रस 20 ml, मिश्री और एक इलायची का चूर्ण पीने से पेशाब की जलन दूर होती है |
6.
बाल धोने के लिए सूखे हुए 2-3 आंवले को एक गिलास पानी में रातभर रखे सुबह उसे मसल कर चन ले और पानी से बाल धोये इससे बालों का झड़ना और सफेद होना रुक जाता है |

अन्य उपयोग:

आंवले का शुद्ध तेल बनाने की विधि:
एक लीटर तिल के तेल ले अब 1 kg आंवला का रस ले अब दोनों को मंद आच पर पकाए जब सिर्फ तेल ही बचा रह जाये तब ठंडा करके छानकर कांच के बोतल में भरकर रख ले | इस तेल को सर पे लगाने से बालों के सभी रोग दूर होते है |

आंवले का मुरब्बा:
आंवले को कद्दूकस कर लें अब कांच के बर्तन में डालकर इतना शहद डाले की आंवला पूरी तरह से शहद में डूब जाये |अब बर्तन ढंक कर धुप में 20 दिनों के लिए रख दे |20 दिन बाद इसे 10 ग्राम रोज सेवन करे इससे पाचन शक्ति बढती है और ब्लड प्रेशर नियंत्रित और संतुलित रहता है |इससे कब्ज,सिरदर्द,गैस,और अपच रोग मिटते है | [the_ad id=”1268″]

आवले का आयुर्वेदिक गुण
आंवला त्रिदोष नाशक है |यह बलकारक,ग्राही,दीपन,पाचक,और यकृत के लिए लाभदायक है यह रक्त-पित्त, अम्ल-पित्त,सोत सूजन ,रक्त विकार और कब्ज को दूर करने वाला है |यह जीवनी शक्ति को बढाकर शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य प्रदान करने वाला होता है |आंवले का रस की मिठास पित्त को दूर करता है यह अम्लता और वात जनित रोगों को दूर करता है | आंवला हमारे जीवन के लिए अमृत के समान है | हम इसका उपयोग उचित मात्रा में उचित अनुपान के साथ करके बहुत लाभ उठा सकते है |आंवला धरती पर अमृत है जो हमे 100 वर्सो तक जीने के लिए शक्ति प्रदान करता है आंवले को प्रतिदिन अपने आहार में शामिल कीजिये और निरोगी जीवन का आनन्द लेते हुए 100 से ज्यादा वर्षो तक जीवित रहिये |     

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *