ह्रदय रोग के कारण और बचाव | heart disease se kaise bache

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हमारे ह्रदय पर ही हमारा जीवन निर्भर रहता है, और जब हमें ह्रदय रोग घेरता है तो हमारे जीवित रहने की आधी छमता कम हो जाती है | यह बहुत ही खतरनाक रोग होता है जो हमारी जान भी ले सकता है | दिल का दौरा क्यूँ पड़ता है, इससे बचने के लिए क्या क्या सावधानी बरतनी चाहिए आइये इस लेख के माध्यम से जाने |  
 
कैसे जाने कि आपको ह्रदय रोग है

दिल का दौरा पड़ते ही ह्रदय में दर्द होने लगता है | प्यास अधिक लगती है | शरीर में जलन और ठंडापन भी महसूस होता है | ह्रदय में व्याकुलता सी बनी रहती है | कभी कभी पसीना और चक्कर भी आने लगते हैं | नीद कम आती है | बेचैनी, आलस्य और घबराहट भी इसके लक्षण हैं | जब ह्रदय रोग बढ़ जाए तो थोड़े से श्रम के होने पर या जरा सा भी क्रोध या शोक की स्तिथि में मूर्छा आने लगती है जिसमे रोगी को कुछ दिखाई नही देता है और आँखों के आंगे अँधेरा सा छा जाता है | यह अवस्था रोगी को सिथिल कर देती है और काफी समय तक रोगी कमजोरी अनुभव करता है  |
 
ह्रदय रोग के कारण
शरीर में कोलेस्ट्रोल की ज्यादा मात्रा
ह्रदय रोग के विशेषज्ञों का माना है कि रक्त में कोलेस्ट्रोल की मात्रा का होना ह्रदय रोग का एक कारण है | यह कोलेस्ट्रोल एक चिकना पदार्थ होता है जो शरीर में अपने आप तैयार हो जाता है | और भोजन की चिकनाई के रक्त में आ जाने से भी बनता है |
 
सीने में ज्यादा दबाव और खिचाव
बहुत ज्यादा दबाव व खिचाव की स्थिति में रहने से भी ह्रदय रोग होता है | खिचाव से रक्तचाप बढ़ता है | जो लोग मानसिक तनाव के शिकार होंगे उनके स्नायु तने रहते हैं | लेकिन जब यही तनाव स्वास्थ्य को नष्ट करने लगे तो समझिये कि बीमारी शुरू हो गई है | जो व्यक्ति चिंता और परेशानी से हमेशा घिरे रहते हैं उन्हें ब्लड प्रेशर होने की सम्भावना हर समय रहती है क्यूंकि उनके ह्रदय पर अतिरिक्त दबाव पड़ना शुरू हो जाता है |
 
शक्कर का अधिक प्रयोग
एक अमेरिकी विशेषज्ञ ने रिसर्च करने के बाद ह्रदय रोग को जन्म देने वाले जिन कारणों की खोज की है उनमे से एक कारण शक्कर का अधिक प्रयोग भी बताया गया है | मतलब यह कि अधिक मात्रा में शक्कर का प्रयोग करने से भी ह्रदय रोग हो सकता है | वर्षों की खोज के बाद वैज्ञानिकों ने बताया है कि अधिक घी,मक्खन, क्रीम और मांस खाने से भी ह्रदय रोग का खतरा बन जाता है |
 
    ह्रदय रोग से बचाव:

    कसरत और व्यायाम

आधुनिक अनुसंधानों ने यह भी सिद्ध कर दिया है कि जो व्यक्ति व्यायाम नही करते, अपने दैनिक कार्यों के लिए भी दूसरों पर निर्भर रहते हैं उनमे यह रोग विशेष तौर से पाया जाता है | कसरत कमजोर दिल को भी लाभ पहुचाती है | कसरत से रक्त संचार नियमित हो जाता है | शारीरिक थकान व मानसिक तनाव भी दूर होते हैं | व्यायाम से दिल के आस पास के ऑर्गन भी मजबूत हो जाते हैं | हाल में ही कुछ अन्य अध्ययनों से इस बात ली पुष्टि हुई है, कि कसरत से रक्त में कोलेस्ट्रोल का स्तर कम होता है और इससे रक्त की चर्बी दूर होती है | जो लोग अच्छे से कसरत और व्यायाम पर ध्यान देते हैं वो ह्रदय रोग से दूर होते हैं |
 
खान पान
यदि खाने पीने और काम करने की कुछ आदतें डाल ली जाएँ तो दिल की बीमारी होने का खतरा बहुत कम रहता है | ह्रदय रोगों का संबंध इस बात से है कि व्यक्ति दिन में कितनी बार खाता है | ऐसे व्यक्ति जो दिन में तीन या चार बार थोड़ा-थोड़ा खाता है, उसे इस रोग से पीड़ित होने की जरुरत नही पड़ती है | रक्त में जो कोलेस्ट्रोल होता है और जिसका संबंध हमेशा ह्रदय रोग से जोड़ा जाता है, वह दिन में कई बार थोड़ा-थोड़ा शुद्ध और जल्दी पचने वाला भोजन करने से कम हो जाता है |
 
अत्यधिक थकावट   
अत्यधिक थकावट से बचिए यदि आप मेहनत वाला काम कर रहे हैं तो बहुत अधिक थकने से पहले काम बंद कर दीजिये |  इससे ह्रदय रोग कम हो जाता है |
 
वजन कम करें
वजन का ज्यादा होना भी ह्रदय रोग का कारण बनता है | मोटे आदमी के शरीर में बहुत ज्यादा फैट और कोलेस्ट्रोल होता है और यही फैट खून के साथ मिलकर पूरे शरीर में घूमता है और हार्ट में भी जाता है जिससे से हमारे ह्रदय पर बुरा असर पड़ता है |
 
नशा से दूर रहें

                 
ह्रदय रोगी को नशीले पदार्थों से दूर रहना चाहिए क्यूंकि ये चीजें मस्तिक और पूरे शरीर में संचालित खून को विषैला बना देती हैं और यही खून दिल में जाकर हमारे दिल को कमजोर बनता है जिससे हार्ट अटैक की सम्भावना रहती है | इसलिए ह्रदय रोग से बचने के लिए नशे से दूरी बनाकर रखें |
 
ठंडी चीजें कम से कम खाएं

ठंडी चीजों का सेवन इस रोग में हानिकारक होता है | इसी संबंध में डॉक्टर हमें सलाह देते हैं कि ह्रदय रोगियों को ठंडी चीजें जैसे आइसक्रीम, कोला आदि का सेवन नही करना चाहिए | कोल्ड ड्रिंक में उपस्थित कैफीन शरीर में मौजूद fats को फैटी एसिड में बदल देता है जिससे रक्त में कोलेस्ट्रोल की मात्रा बढ़ जाती है | कोलेस्ट्रोल बढ़ने से हमारा ह्रदय रोगों से घिर जाता है और हम ह्रदय रोग के शिकार हो जाते हैं |

अगर हम ऊपर बताये गए सभी बचाव को नियमित रूप से अपनी जिंदगी में इस्तेमाल करेंगे तो हम पर ह्रदय रोग का खतरा नहीं बन सकता है |
@lyfcure

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