बुखार का इलाज, दवा कारण और लक्षण – bukhar ka ilaj aur dawa

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last updated on: 25th august at 9:29 pm

bukhar ki dawa aur ilaj के लिए इस लेख को पूरा पढ़ें|. बुखार होने पर अक्सर डॉक्टर एंटी-बायोटिक और भी कई दवाइयां लेने की सलाह देते हैं| क्या आपको पता है कि इन दवाइयों की मदद से आप  ठीक तो कर सकते हैं लेकिन, इसका आपके लीवर को बहुत बड़ा धक्का पड़ता है| इन एंटी-बायोटिक बुखार कि दवा को ज्यादा उपयोग में लाने से लीवर डैमेज होने की संभावना बहुत ज्यादा हो जाती है| बुखार का इलाज, दवा कारण और लक्षण – bukhar ka ilaj aur dawa. आयुर्वेदिक ग्रंथो के अनुसार बुखार की उत्पत्ति रूद्र के क्रोध से हुई है| दक्ष प्रजापति पर गुस्सा हो कर देवाधिदेव महादेव से सती की याद में आठ स्वांस छोड़े थे, उन्ही से आठ प्रकार के बुखार की उत्पत्ति हुई थी|

आज हम बुखार के इलाज के कुछ आसान से घरेलू नुस्खे के बारे में चर्चा करेंगे जिसे उपयोग में लाकर आप अपने शरीर पर तेज से तेज बुखार आसानी से ठीक कर सकेंगे| इसके पहले हम इलाज की चर्चा करें पहले यह जानने की कोशिश करेंगे कि आखिर इसके क्या कारण है और इसके कौन से लक्षण है?

 

bukhar ka ilaj

 

क्या है बुखार होने का कारण?

  • virus
  • Bacterial infection.
  • गर्मी के चलते अक्सर थकान होना|
  • दवाइयों का इस्तेमाल जो कई तरह के रोगों को ठीक करने के लिए उपयोग में लाता जा सकता है|

बुखार होने का साइंटिफिक कारण:

  • संक्रमण और संक्रामक बीमारियां, जैसे इन्फ्लूएंजा, सामान्य सर्दी, एचआईवी, मलेरिया, संक्रामक mononucleosis, और गैस्ट्रोएंटेरिटिस बुखार होने के कारण है|
  • एंटीबायोटिक्स, amphetamines, और कोकीन सहित कानूनी और अवैध दवाओं के सेवन से भी बुखार हो जाती है|
  • चोट, जैसे दिल का दौरा, स्ट्रोक, हीटस्ट्रोक, गर्मी थकावट, या जलन
  • टिश्यू में नुकसान, जैसे हेमोलाइसिस, सर्जरी, दिल का दौरा, क्रश सिंड्रोम, और हेमोरेज
  • त्वचा की सूजन, गठिया, हाइपरथायरायडिज्म, कुछ कैंसर, ल्यूपस, सूजन आंत्र रोग, रक्त के थक्के, चयापचय विकार, गठिया, और एम्बोलिज्म जैसी अन्य चिकित्सीय स्थितियां भी बुखार होने के कारण है|

क्या हैं बुखार के लक्षण?

बुखार खुद ही एक लक्षण है लेकिन, कई आन्तरिक बुखार भी होती है| इसलिए इसके लक्षण को जनाना आपके लिए आवश्यक है| तो चलिए लक्षण जानने का प्रयास करते हैं|

  • उच्च तापमान बुखार का एक संकेत है|
  • ठंड, और कपकपाहट भी एक तरह का लक्षण है|
  • अस्थायी या अत्यधिक पसीना आना बुखार होने के लक्षण को दर्शाता है|
  • त्वचा में जलन|
  • धड़कन तेज हो जाना|
  • कमजोरी, चक्कर आना, या बेहोश महसूस करना|
  • शारीरिक तापमान माप अलग-अलग हो जाना|
  • सुस्ती से भी बुखार को मापा जा सकता है|
  • डिप्रेशन|
  • कम भूख|
  • तंद्रा|
  • दर्द, संवेदनशीलता में वृद्धि |
  • ध्यान केंद्रित करने में असमर्थता|

बुखार के लिए घरेलू इलाज और उत्पाद

तुलसी की आयुर्वेदिक चाय

बुखार का इलाज के लिए तुलसी की पत्तियों से बनाई गई आयुर्वेदिक चाय आपके लिए बेहतर साबित होगी| आयुर्वेदिक चाय बनाने के खातिर आप 5 से 6 तुलसी की पत्तियों को कूंट लें और उसमे आधा चम्मच काली मिर्च पाउडर मिला लें और मिश्रण में एक कप पानी डाल लें और पानी को उबालें| यह आयुर्वेदिक काढ़ा आपके बुखार को चुटकियों में दूर करने की क्षमता अपने साथ रखता है|

अदरक से करें बुखार का इलाज

bukhar ka ilaj:- अदरक में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-वायरल गुण मौजूद होते हैं जो बुखार के जीवाणु को आपके शरीर से बाहर निकल आपको बुखार से राहत दिलाने में अपना पूरा योगदान निभाते हैं|

अदरक को बुखार के खातिर उपयोग में लाने के लिए आप अदरक के छोटे-छोटे टुकड़े काट लें और उन टुकड़ों को दिन भर चूसते रहें| इससे बुखार भाग जाएगी|

इसके अलावा भी आप अदरक को कूँट लें और पानी में नीबू के रस के साथ अच्छी तरह से उबाल कर काढ़ा तैयार करें| इस काढ़े को दिन में 4 से 5 दफा पीने से 2 दिन में ही बुखार आपको छोड़ देगी|

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लहसुन

ठंड लग जाने के चलते होने वाली बुखार या नार्मल बुखार हो दोनों के खातिर लहसुन को इलाज के लिए उपयोग में लाया जा सकता है| दरअसल, लहसुन में मौजूद जीवाणुरोधी गुणवत्ता बुखार के वायरस को शरीर से काफी हद तक दूर रखती है|

लहसुन को उपयोग के लिए आप लहसुन की कली को दूध के साथ लें| इसका अलावा आप लहसुन के चाय बनाकर भी आप लहसुन का उपयोग बुखार दूर करने के लिए कर सकते हैं| इसके लिए आप लहसुन को कूँटकर उसके पेस्ट को पानी में उबालें और तैयार पानी का दिन में 3 से 4 बार बुखार दूर करने के लिए उपयोग करे| ‘बुखार का इलाज, दवा कारण और लक्षण – bukhar ka ilaj aur dawa’

सेब का सिरका

सेब के सिरके में एल्कलाइन प्रॉपर्टी मौजूद होती है जो शरीर में पी.एच लेवल को सही करती है और बुखार को नॉर्मल करने के लिए लिए बेहतर कार्य करती है| साथ ही यह मिनरल्स से भरपूर होता है जो बुखार दूर होने के बाद शरीर की कमजोरी दूर करने के लिए बेहतर होता है|

इसे उपयोग में लाने के लिए 2 चम्मच सेब के सिरके को एक गिलास पानी और एक चम्मच शहद के साथ मिलाकर मिश्रण को पी लें| कुछ दिनों तक ऐसा करने से आप आसानी से अपने बुखार दूर करने में सफल होंगे|

दालचीनी दूर करता है वायरल फीवर

दालचीनी एक स्वादिष्ट मसाला है जिसमें एंटीबैक्टीरियल, एंटीफंगल और एंटीवायरल गुण होते हैं| यह मसाला बुखार, खांसी और ठंड को ठीक करने में मदद करता है|

ताजा पीसी हुई दालचीनी के ½ छोटा चम्मच के साथ 1 बड़ा चम्मच शहद मिलाकर इसे एक दिन में तीन बार पिलाएं| यह बुखार दूर करने के लिए सबसे ख़ास तरीका है|

शहद

bukhar ka ilaj : शहद प्रकृति के दवारा प्रदान किया गया एक बेहतर लिक्विड है जो कई तरह की समस्याओं के लिए बेहतर साबित होता है| स्पेसली बखार दूर करने में| इसमें मौजूद एंटीऑक्सिडेंट्स और एंटीमाइक्रोबायल गुण तुरंत बुखार के इलाज में मदद करते हैं।

शहद को इस्तेमाल करने के लिए आप एक चम्मच शहद में 1 चम्मच नीबू के रस को मिलाएं और इसे 1 कप पानी में कुछ देर उबालने के बाद मिश्रण को पी लें| इससे बुखार दूर होती है और कमजोरी भी दूर होती है|

किशमिश

किशमिश स्वादिष्ट और स्वस्थ स्नैक्स होते हैं जिन्हें कच्चा भी खाया जा सकता है और साथ ही खाना पकाने में भी इस्तेमाल किया जा सकता है। किशमिश फेनोलिक फाइटोन्यूट्रिएंट्स से भरे होते हैं, जिन्हें एंटीऑक्सीडेंट और जीवाणुरोधी माना जाता है|

आधा कप पानी में 20-25 किशमिश को भिगो दें। अब किशमिश को अच्छी तरह से मीच लें और इसमें थोड़ा सा चूना डालकर मिश्रण को पी लें| इस उपाय को आप दिन में दो बार यूज में लाएं| बुखार से काफी राहत मिलेगी|

हल्दी

करक्यूमिन कंपाउंड होने के चलते हल्दी एक anti-inflammatory agent के रूप में काम करती है| यह एक प्रभावी एंटी-वायरल और एंटी-बैक्टीरिया एजेंट के रूप में भी काम करता है जो बुखार से लड़ सकता है।

गर्म पानी के एक गिलास में हल्दी पाउडर के 2 चम्मच जोड़ें और इसे पीएं|

ग्रीन टी

हरी चाय के कई स्वास्थ्य लाभ हैं। हरी चाय में मौजूद पॉलीफेनॉल और फ्लैवोनोइड्स प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करते हैं और संक्रामक एजेंटों से लड़ बुखार दूर करने में सहायक होते हैं|

उबलते पानी के आधा कप में हरी चाय के एक बैग को डुबोएं और एक चम्मच शहद के साथ पी लें।

नाइट जैस्मीन

नाइट जैस्मीन बुखार का इलाज करने के लिए एक प्रभावी प्राकृतिक उपाय है|

नाईट jasmine के फूलों के पौधे की पत्तियों में शक्तिशाली एंटी-वायरल गुण होते हैं जो बैक्टीरिया और वायरस से लड़ने में मदद करते हैं| 5-8 पत्तियों को क्रश करें और रस निकालें और शहद के एक चम्मच रस का उपभोग करें।

पुदीने का काढ़ा

पुदीने की पत्तियो का अदरक के रस के साथ एक काढ़ा तैयार करें और काढ़े को प्रयोग में लाएं| इससे बुखार दूर होती है|

काढ़ा बनाने के लिए पुदीने की पत्तियों के रस को निकाल लें और उसमे अदरक के रस को मिलाकर मिश्रण को आँच में हल्का गरम करे| और ठंडा हो जाने पर बुखार से पीड़ित रोगी को पिलाएं|

बुखार की दवा से करें बुखार का इलाज:

  • निमूस्लाइड- हलकी-फुलकी बुखार दूर करने के लिए Nimesulide सबसे ज्यादा इस्तेमाल की जाने वाली टेबलेट है|
  • sumo- इसका भी फीवर को ख़तम करने के लिए बहुत इस्तेमाल किया जाता है|
  • buta-proxivan.
  • paracetmol- बुखार की दावा में paracetamol का उपयोग भारी तादात में किया जाता है| यह दवा आपके बुखार कम करने में तो सहायक है लेकिन, इसका की तरह का साइड इफ़ेक्ट भी है| इसलिए आप इसका सेवन डॉक्टर के सलाह अनुसार ही लें|

बुखार से बचाव के लिए जरूरी हैं ये बातें:

बुखार से संबंधित बीमारियों को रोकने का सबसे अच्छा तरीका शरीर से वायरस के संपर्क को कम करना है इसके खातिर आप नीचे दिए गए टिप्स फॉलो करें:

  • अपने घर में हैंडवाशिंग के बारे में सब को सतर्क करें और देखभाल करने वालों और शिक्षकों को ऐसा करने के लिए प्रोत्साहित करें।
  • फोन, रिमोट कंट्रोल, माइक्रोवेव दरवाजे, रेफ्रिजरेटर हैंडल, डोरकोब्स, और जब आप आउट-शॉपिंग कार्ट हैंडल, मेनू खिलौने सहित घर के स्प्रे या वाइप्स के साथ अक्सर जीवाणु साथ रहते हैं| इसलिए in सबको इस्तेमाल करने के बाद आप अपने हांथों को एक बार जरूर धोएं|
  • उनकी गन्दी आदतों को जैसे नाक को छूना, बाह के नीचे छूना और उस हाँथ को मुह में डाल लेना आदि कई गन्दी आदतों से बचाएं| “बुखार का इलाज, दवा कारण और लक्षण – bukhar ka ilaj aur dawa”

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