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बुखार का कारण, लक्षण इलाज,और 11 नुस्खे – Bukhar ka ilaj

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बुखार का इलाज (bukhar ka ilaj) करने के लिए डॉक्टर अकसर एंटीबायोटिक और भी कई दवाइयां लेने की सलाह देते हैं। क्या आपको पता है? कि इन दवाइयों की मदद से आप  बुखार तो ठीक कर सकते हैं लेकिन, इसका नुकसान आपके लीवर झेलना पड़ता है। इन एंटीबायोटिक बुखार की दवा को ज्यादा उपयोग में लाने से लीवर नष्ट होने की संभावना बहुत ज्यादा हो जाती है। 

आयुर्वेदिक ग्रंथों के अनुसार बुखार की उत्पत्ति रुद्र के क्रोध से हुई है। दक्ष प्रजापति पर गुस्सा हो कर देवाधिदेव महादेव ने सती की याद में आठ श्वास छोड़े थे,  जिससे आठ प्रकार के बुखार की उत्पत्ति हुई थी।

आज हम बुखार के इलाज के कुछ आसान से घरेलू नुस्खे के बारे में चर्चा करेंगे जिसे उपयोग में लाकर आप अपने शरीर पर तेज से तेज बुखार आसानी से ठीक कर सकेंगे। इसके पहले हम बुखार के इलाज की चर्चा करें पहले यह जानेंगे कि आखिर इसके क्या कारण है? और इसके कौन से लक्षण है?

क्या है बुखार होने का वैज्ञानिक कारण? – bukhar ka karan

  • रोगाणु
  • जीवाणु संक्रमण
  • गर्मी के चलते अकसर थकान होना
  • दवाइयों का इस्तेमाल
  • संक्रमण और संक्रामक बीमारियां, जैसे इन्फ्लूएंजा, सामान्य सर्दी, एचआईवी, मलेरिया, संक्रामक मोनोन्यूक्लिओसिस, और गैस्ट्रोएंटेरिटिस बुखार होने के कारण है
  • एंटीबायोटिक, एम्फेटामाइन, और कोकीन जैसे कानूनी और अवैध दवाओं के सेवन से भी बुखार हो जाती है
  • चोट, दिल का दौरा, स्ट्रोक, हीट स्ट्रोक, गर्मी, थकावट या जलन
  • कोशिकाओं में सूजन, जैसे हेमोलाइसिस सर्जरी, दिल का दौरा, क्रश सिंड्रोम, और हेमोरेज
  • त्वचा में सूजन, गठिया, हाइपरथायरायडिज्म, कुछ कैंसर, ल्यूपस, सूजन, आंत्र रोग, रक्त का थक्का, चयापचय विकार, गठिया, और एम्बोलिज्म जैसी अन्य चिकित्सकीय स्थितियां भी बुखार होने के कारण है

बुखार के लक्षण – bukhar ke lakshan

बुखार खुद ही एक लक्षण है लेकिन, कई आंतरिक बुखार भी होती है। इसलिए इसके लक्षण को जनाना आपके लिए आवश्यक है।

  • उच्च तापमान बुखार का एक संकेत है
  • ठंड, और कंपकंपी भी एक तरह का लक्षण है
  • अस्थायी या अत्यधिक पसीना आना बुखार होने के लक्षण को दर्शाता है
  • त्वचा में जलन
  • धड़कन तेज हो जाना
  • कमजोरी, चक्कर आना, या बेहोश महसूस करना
  • शारीरिक तापमान माप अलग-अलग हो जाना
  • सुस्ती से भी बुखार को मापा जा सकता है
  • तनाव
  • कम भूख
  • तंद्रा
  • दर्द, संवेदनशीलता में वृद्धि
  • ध्यान केंद्रित करने में असमर्थता

बुखार का घरेलू इलाज, उत्पाद और नुस्खे – bukhar ka ilaj

तुलसी की आयुर्वेदिक चाय

बुखार का इलाज के लिए तुलसी की पत्तियों से बनाई गई आयुर्वेदिक चाय आपके लिए बेहतर साबित होगी। आयुर्वेदिक चाय बनाने के खातिर आप 5 से 6 तुलसी की पत्तियों को कूट लें और उसमें आधा चम्मच काली मिर्च पाउडर मिला लें और मिश्रण में एक कप पानी डाल लें और पानी को उबालें। यह आयुर्वेदिक काढ़ा आपके बुखार को चुटकियों में दूर करने की क्षमता अपने साथ रखता है।

अदरक से करें बुखार दूर

अदरक में एंटीबैक्टीरियल और एंटीवायरल गुण मौजूद होते हैं जो बुखार के जीवाणु को आपके शरीर से बाहर निकल आपको बुखार से राहत दिलाने में अपना पूरा योगदान निभाते हैं।

bukhar ka ilaj करने के लिए आप अदरक के छोटे-छोटे टुकड़े काट लें और उन टुकड़ों को दिन भर चूसते रहें। इससे बुखार भाग जाएगी।

इसके अलावा भी आप अदरक को कूट लें और पानी में नींबू के रस के साथ अच्छी तरह से उबाल कर काढ़ा तैयार करें। इस काढ़े को दिन में 4 से 5 दफा पीने से 2 दिन में ही बुखार आपको छोड़ देगी। अदरक के काढ़े का भी प्रयोग कर सकते हैं।

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लहसुन

ठंड लग जाने के चलते होने वाली बुखार हो या सामान्य बुखार हो, दोनों के खातिर लहसुन को उपयोग में लाया जा सकता है। दरअसल, लहसुन में मौजूद जीवाणुरोधी गुणवत्ता बुखार के जीवाणु को शरीर से काफी हद तक दूर रखती है।

लहसुन को उपयोग के लिए आप लहसुन की कली को दूध के साथ लें। इसका अलावा आप लहसुन के चाय बनाकर भी आप लहसुन का उपयोग बुखार दूर करने के लिए कर सकते हैं। इसके लिए आप लहसुन को कूटकर उसका पेस्ट पानी में उबालें और बुखार दूर करने के लिए तैयार पानी को दिन में 3 से 4 बार उपयोग करे।

सेब का सिरका

सेब के सिरके में एल्कलाइन प्रॉपर्टी मौजूद होती है जो शरीर में पीएच स्तर को सही करती है और बुखार को सामान्य करने के लिए बेहतर कार्य करती है। साथ ही यह खनिज लवणों से भरपूर होता है जो बुखार दूर होने के बाद शरीर की कमजोरी दूर करने के लिए बेहतर होता है।

bukhar ka ilaj में इसे उपयोग में लाने के लिए 2 चम्मच सेब के सिरके को एक गिलास पानी और एक चम्मच शहद के साथ मिलाकर मिश्रण को पी लें। कुछ दिनों तक ऐसा करने से आप आसानी से अपने बुखार दूर करने में सफल होंगे।

दालचीनी दूर करता है वायरल फीवर

दालचीनी एक स्वादिष्ट मसाला है जिसमें एंटीबैक्टीरियल, एंटीफंगल और एंटीवायरल गुण होते हैं। यह मसाला बुखार, खांसी और ठंड को ठीक करने में मदद करता है।

ताजा पीसी हुई दालचीनी के ½ छोटा चम्मच के साथ 1 बड़ा चम्मच शहद मिलाकर इसे एक दिन में तीन बार पिलाएं। यह बुखार दूर करने के लिए सबसे ख़ास तरीका है।

शहद

शहद प्रकृति के द्वारा प्रदान किया गया एक बेहतर तरल है जो कई तरह की समस्याओं के लिए उपयोगी है। मुख रूप से बुखार दूर करने में! इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और एंटीमाइक्रोबायल गुण तुरंत बुखार का इलाज (bukhar ka ilaj) में मदद करते हैं।

शहद को इस्तेमाल करने के लिए आप एक चम्मच शहद में 1 चम्मच नींबू के रस को मिलाएं और इसे 1 कप पानी में कुछ देर उबालने के बाद तैयार मिश्रण को पी लें। इससे बुखार दूर होती है और कमजोरी भी दूर होती है।

किशमिश

किशमिश स्वादिष्ट और स्वस्थ स्नैक्स होते हैं जिन्हें कच्चा भी खाया जा सकता है और साथ ही खाना पकाने में भी इस्तेमाल किया जा सकता है। किशमिश फेनोलिक फाइटोन्यूट्रिएंट्स से भरे होते हैं, जिन्हें एंटीऑक्सीडेंट और जीवाणुरोधी माना जाता है।

आधा कप पानी में 20-25 किशमिश को भिगो दें। अब किशमिश को अच्छी तरह से मीच लें और इसमें थोड़ा सा चूना डालकर मिश्रण को पी लें। इस उपाय को आप दिन में दो बार उपयोग में लाएं। इससे बुखार का इलाज (bukhar ka ilaj) करने में आसानी होगी।

हल्दी

करक्यूमिन कंपाउंड होने के चलते हल्दी एक एंटीइंफ्लेमेटरी  के रूप में काम करती है। यह एक प्रभावी एंटीवायरल और एंटीबैक्टीरियल एजेंट के रूप में भी काम करता है जो बुखार का इलाज कर सकता है।

गर्म पानी के एक गिलास में हल्दी पाउडर के 2 चम्मच मिलाएं और इसे पीएं।

ग्रीन टी

हरी चाय के कई स्वास्थ्य लाभ हैं। हरी चाय में मौजूद पॉलीफेनॉल और फ्लैवोनोइड्स प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करते हैं और संक्रामक एजेंटों से लड़ बुखार दूर करने में सहायक होते हैं।

उबलते पानी के आधा कप में हरी चाय के एक बैग को डुबोएं और एक चम्मच शहद के साथ पी लें।

हरसिंगार

हरसिंगार बुखार का

इलाज करने के लिए एक प्रभावी प्राकृतिक उपाय है। हरसिंगार के पौधे की पत्तियों में शक्तिशाली एंटीवायरल गुण होते हैं जो जीवाणु और रोगाणु से लड़ने में मदद करते हैं। 5-8 पत्तियों को मीच लें और एक चम्मच रस को एक चम्मच शहद के साथ उपभोग करें।

पुदीने का काढ़ा

पुदीने की पत्तियों का अदरक के रस के साथ एक काढ़ा तैयार करें और काढ़े को प्रयोग में लाएं। इससे बुखार दूर होती है।

काढ़ा बनाने के लिए पुदीने की पत्तियों के रस को निकाल लें और उसमें अदरक के रस को मिलाकर मिश्रण को आँच में हल्का गर्म करें। और ठंडा हो जाने पर बुखार से पीड़ित रोगी को पिलाएं। यह bukhar ka ilaj करने में पूरी तरह से सक्षम है|

बुखार की दवा – bukhar ki dawa

  • निमुस्लाइड (Nimesulide) –  हलकी बुखार दूर करने के लिए निमुस्लाइड सबसे ज्यादा इस्तेमाल की जाने वाली टेबलेट है
  • सूमो (SUMO)- का इस्तेमाल बुखार ख़त्म करने के लिए बहुत इस्तेमाल किया जाता है
  • बूटा प्रोक्सीवों (Buta-proxyvon)
  • पेरासिटामोल (Paracetamol) – बुखार की दावा में पेरासिटामोल का उपयोग भारी तादाद में किया जाता है। यह दवा आपके बुखार कम करने में तो सहायक है लेकिन, इसका की तरह का साइड इफ़ेक्ट भी है। इसलिए आप इसका सेवन डॉक्टर के सलाह अनुसार ही लें।

बुखार से बचाव के लिए जरूरी हैं ये बातें: bukhar se bachaw kaise kare

बुखार से संबंधित बीमारियों को रोकने का सबसे अच्छा तरीका शरीर से रोगाणु और जीवाणु के संपर्क को कम करना है इसके खातिर आप नीचे दिए गए संकेत का अनुसरण करें:

  • अपने घर में हाथ धोने के बारे में सभी को सतर्क करें और देखभाल करने वाले और शिक्षकों को ऐसा करने के लिए प्रोत्साहित करें।
  • फोन, रिमोट कंट्रोल, माइक्रोवेव दरवाजे, रेफ्रिजरेटर हैंडल, और जब आप आउटशॉपिंग कार्ट हैंडल, मेनू खिलौने सहित घर में स्प्रे या वाइप्स के साथ अकसर जीवाणु साथ रहते हैं। इसलिए इन सभी को इस्तेमाल करने के बाद आप अपने हाथों को एक बार जरूर धोएं।
  • उनकी गंदी आदतें जैसे नाक को छूना, बाह के नीचे छूना और उँगलियां मुंह में डाल लेना आदि सभी दूर करने की कोशिश करें।
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Sarthak upadhyay is a health blogger and creative writer, who loves to explore various facts, ideas, and aspects of life and pen them down. sarthak is known with English and hindi. Writing is his passion, and enjoys writing on a vast variety of subjects. Relationship, Astrology, and entertainment, Periods, pregnancy, and Home-remedies are his specialty areas.

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