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कैंसर का कारण, लक्षण और खास इलाज

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हमारे शरीर को कई तरह की कोशिकाओं की जरुरत रहती है। पर कभी-कभी जिन कोशिकाओं को जरुरत नही होती वह कोशिकाएं लगातार बढ़ते ही जाती है। यही बढती हुई कोशिकाएं कैंसर को जन्म देती हैं। यह कैंसर एक जगह से दूसरी जगह कोशिकाओं की मदद से फैलता जाता है और ऊतकों को नष्ट करता है। जब यह कोशिकाएं अत्यधिक बढ़ जाती हैं तब ट्यूमर बन जाती हैं।कैंसर का इलाज के बारे में हम इस पोस्ट में विस्तृत रूप से चर्च करेंगे।

cancer जिसे लाइलाज बीमारी कहा जाता है से कई लोग पीड़ित है, और इससे बचने के लिए आदमी कई उपचार भी कराता है। लेकिन, उससे उसको कोई फायदा नहीं मिलता है। हम जो आपको बताने जा रहे हैं वो आपको कैंसर से छुटकारा तो नहीं दिला पाएगा लेकिन, आप इन आयुर्वेदिक टिप्स का इस्तेमाल कर अपने आप को कैंसर की समस्या से पीडित होने पर भी सेफ रख सकते हैं। इन उपाय का इस्तेमाल आपके cancer के पीड़ित होने पर भी आपकी जिन्दगी को बचा सकते हैं।

कैंसर का इलाज, cancer ka ilaj

कैंसर के कारण

अनुवांशिक कैंसर

माता-पिता का कैंसर हमें भी मिल सकता है। जीन में इसकी मौजूदगी इसका सबसे बड़ा कारण होती है। यह जीन के माध्यम में नवजात शिशु में आ जाता है। इसके अलावा यह स्तनपान करने वाली महिला से भी छोटे शिशु को हो सकता है।

उम्र भी है कैंसर का कारण

छोटे बच्चों में अगर कैंसर की समस्या होती है तो उनमे अधिकतर नयूरोब्लास्टोमा और रेटिनोब्लास्टोमा कैंसर होता है। यह उनकी उम्र की वजह से होता है जो उन्हें माता-पिता से प्राप्त होता है। बचे हुए अधिकतर कैंसर उम्र दराज व्यक्तियों में देखे जाते हैं।

पर्यायवरण भी है एक कारण

बदलता हुआ पर्यायवरण भी कैंसर का कारण बन रहा है। दूधित हवा और जहरीले पदार्थ पर्यायवरण में घुल जाते हैं। यह फेफड़ों के माध्यम से फैलते हैं। जो तम्बाकू हम खाने के लिए उपयोग में लाते हैं कार्सिनोजेन जैसे खतरनाक तत्व होते हैं जो हमें फेफड़े के कैंसर का मरीज बना देते हैं। अगर तम्बाकू का जला कर उपयोग किया जाता है तो वह धुंए के माध्यम से दूसरों को भी पीड़ित करता है।

जहरीला पानी भी कैंसर का एक प्रमुख कारण है। नदियों और झीलों में उद्योग से निकला हुआ जहरीला पदार्थ डाल दिया जाता है। यह पानी हमारे पूरे शरीर को अन्दर से खोखला कर देते हैं।

पर्यायवरण कैंसर में रेडियोएक्टिव रेडिएशन का नाम भी सामने आता है। इसके अलावा भी कई तरह के रेडिएशन होते हैं जिनसे कैंसर की बीमारी होती है। यह रेडिएशन हमारे दैनिक कार्य से भी उत्पन्न हो सकते हैं। जो मोबाइल और रेडियो हम उपयोग में लाते हैं उनसे भी कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।

आहार

चटपटे और तेल मसाले वाले आहार कैंसर रोग का कारण बन सकते हैं। यह कैंसर से पहले हमें दूसरी बीमारी का मरीज बनाता है। ऐसे पदार्थों का इस्तेमाल करने से सबसे पहले हमें पेट से सम्बंधित रोग होते हैं। ऐसे पदार्थ स्तन कैंसर, पेट का कैंसर, और अंत में कैंसर का कारण बन सकते हैं।

दवाइयों का अधिक सेवन

कुछ दवाइयों के अधिक सेवन से भी कैंसर की समस्या बढ़ने लगती है। जो गर्भनिरोधक की दवा महिलाएं लेती हैं उससे भी कैंसर हो सकता है। कुछ कैंसर की दवाएं भी हैं जनका अगर उचित डोज न लिया जाये तो वह दुसरे कैंसर को जन्म दे देती हैं। हम स्तन कैंसर को रोकने के लिए टैमॉक्सीफेन दवा का इस्तेमाल करते हैं लेकिन, कभी-कभी इससे एंडोमेट्रियल कैंसर भी हो जाता है। बहुत से बिमारियों का पता और इलाज रेडिएशन की मदद से किया जाता है। यह रेडिएशन कभी-कभी कैंसर का कारण बन जाते हैं।

पुराना संक्रमण

कई दिनों से चल रहा छोटा घाव भी कैंसर का कारण बन सकता है। इनमे मौजूद वायरस संक्रमण की तरह फैलते हैं और स्किन कैंसर का कारण बन जाते हैं। इसके अलावा यह अन्दर के अंगों में भी कैंसर पैदा करने में सक्षम होते हैं।

लम्बे समय का सूजन

लम्बे समय से बाहरी स्किन में सूजन कैंसर रोग को जन्म दे सकता है। इसमें क्रोन जैसे बड़े विकार भी शामिल हैं। इससे पित्त और खून की नलिकाओं में कैंसर होने के संकेत आने लगते हैं।

कैंसर के लक्षण

कैंसर हो जाने के बाद ही इनके लक्षणों को देखा जा सकता है। जब कोशिकाओं में अनियमित बढ़ाव जारी रहता है तब इसके लक्षण कुछ ख़ास नही होते हैं। लेकिन जैसे ही यह भारी मात्रा में होने लगता है तब कैंसर के संकेत और खतरे दोनों तीव्र हो जाते हैं।

सर में दर्द

हालाकि, हर तरह के कैंसर की समस्या में सर दर्द का सामना नही करना पड़ता। लेकिन, सर के ट्यूमर में सर दर्द का सामना करना पड़ सकता है। यह दर्द सर से लेकर गले तक हो सकता है। अचानक सर दर्द में तेजी इस बात का सफल निरिक्षण नही कर सकता की कैंसर बढ़ रहा है। इसके अलावा दर्द में कमी का कारण कैंसर में घटाव नही हो सकता।

ब्लीडिंग की समस्या

कैंसर होने से शरीर की कोशिकाएं नाजुक और बीमार हो जाती हैं इससे ब्लीडिंग की समस्या भी होने लगती है। अगर रक्त का बहना तेज हो गया है तो इसका मतलब कैंसर के हमले ने उतकों को नष्ट कर दिया है। अगर शुरूआती लक्षण में ही डॉक्टर के चेक-अप करवा लिया जाए तो इस समस्या को आसानी से दूर किया जा सकता है।

जिग जगह कैंसर की समस्या है वहीँ पर ब्लीडिंग शुरू होती है। जैसे, अगर आँतों में कैंसर है तो मल से खून आता है, फेफड़ों में कैंसर होने पर खांसी के रास्ते से खून निकसित होता है। इससे यह पता लगाना आसन हो जाता है की किस जगह आपको कैंसर है।

वजन में कमी आना

कैंसर के रोगी के वजन में लगातार कमी आती है। व्यक्ति थका हुआ भी दखाई देता है और चक्कर की समस्या भी उत्पन्न हो सकती है। अक्सर भोजन करते वक़्त भोजन नली या फिर मुंह में दर्द होने लगता है। व्यक्ति बहुत पतला हो जाता है। ऐसे में एनीमिया रोग भी होने का खतरा बढ़ जाता है।

लिम्फ नोड्स में सूजन आने लगते हैं

कैंसर के शुरूआती दौर से ही लिम्फ नोड्स में सूजन की समस्या आने लगती है। यह समस्या कैंसर वाले अंग के सबसे पास वाले लिम्फ नोड्स में होती है।

श्वास सम्बन्धी रोग

कैंसर की समस्या फेफड़ों पर भी अपना असर डाल सकती है। इससे सांस की कमी, सांस लेते वक़्त दर्द और बेचैनी की शिकायतें उत्पन्न होती हैं।

चक्कर और मतली आना

सर के कैंसर में व्यक्ति का सर किसी भी वक़्त अचानक घूम जाता है, आँखों में अंधेरापन छा जाता है और मतली की शिकायतें बढ़ने लगती हैं। ऐसे लक्षण होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

कैंसर का इलाज के लिए उपयोग करें हल्दी और गौमूत्र (पुननर्वा)

cancer से राहत पाने के लिए हल्दी का इस्तेमाल करना आपके लिए बेहतर साबित हो सकता है। दरअसल, हल्दी में करक्यूमिन नामक एक तत्व पाया जाता है जो कैंसर  से लड़ने में एक रामबाण इलाज साबित होता है। इसके खातिर आप अपने खाने में हल्दी का सेवन करना न भूलें। इसके साथ गौमूत्र का इस्तेमाल भी आपको कैंसर की समस्या से छुटकारा दिलाने में मदद करेगा। तो चलिए जानते हैं कि ये दवा कैसे बनाए।

कैसे बनाए पुननर्वा?

पुननार्वा बनाने के लिए आपको गौमूत्र और हल्दी की विशेष आवश्यकता होती है। इसके खातिर आप एक ऐसी गाय का चयन करें, जो पूरे तरह से कली हो और वह गर्भवती न हो। ध्यान रहे वह गर्भवती न हो। अगर इस जगह कोई काली बछड़ी होती है तो आप का इलाज और भी अच्छा बन जाएगा। उस गाय या बछड़ी के मूत्र को रख लें। अब उस एक गिलास मूत्र में १ चम्मच पीसी हुई हल्दी मिला लें। हल्दी मिलाने के बाद आप इस मिश्रण को आंच में देर तक उबाल लें। अब आप इसे रात में ठंडा होने के लिए किसी बर्तन में रख दें। सुबह आप इसे किसी कांच के बोतल में भर के धूप में रख दें। अब आप इस मूत्र का दिन में 3 बार और रात में सोने के पहले 2 बार सेवन करें। इससे आपको कुछ ही दिनों में फर्क नजर आने लगेगा। 1 महीने के अंदर एक बार फिर से अपना चेक अप कराएं। अगर रिपोर्ट में पहले के मुताबिक़ कम रिजल्ट आए तो आप इस प्रयोग का नियमित इस्तेमाल करते रहे।अगर आप चाहे तो आयुर्वेदिक पुननर्वा आप किसी आयुर्वेदिक स्टोर से खरीद सकते हैं। साथ में यह भी ध्यान रखें कि इस प्रयोग के दौरान आप अपने खाने में हल्दी को शामिल करना न भूलें।

कैंसर से बचने के अन्य आयुर्वेदिक उपाय :

रोज पिए गाय का मूत्र – गाय के मूत्र में कई कैंसर विरोधी तत्व पाए जाते हैं, जो हमारे शरीर को कैंसर से प्रोटेक्ट करने में बहुत मदद करता है। इसलिए आप दिन में कम से कम 3 गिलास दूध जरूर पियें।

तुलसी- तुलसी और हल्दी को मिलाकर, इसका सेवन करें इससे आपको कैंसर की समस्या से राहत मिल सकती है। यह मुंह के कैंसर को ख़तम करने का एक बेहतर उदाहरण है।

पानी का खूब इस्तेमाल करें – पानी की मदद से आप अपने आपको cancer की घातक बीमारी से ज्यादा समय के लिए काबिल कर सकते हैं। इसके लिए आप रात में किसी तांबे के बर्तन में पानी रल्ह दें और दुसरे दिन इसी का पानी पियें। 

 हरी सब्जियां- हरी सब्जियाँ जैसे ब्रोकोली, पत्तागोभी में कई कैंसर  विरोधी तत्व पाए जाते हैं जो आपको cancer की समस्या से बचाने में आपकी मदद कर सकते हैं। दरअसल, येcancer के cells को नष्ट कर आपको कैंसर से छुटकारा दिलाने में आपकी मदद करते हैं।

ग्रीन टी – ग्रीन टी भी आपको cancer की समस्या से बचाने में आपकी मदद करता है। इसके लिए आप दिन में तीन बार अपने खुराक में ग्रीन टी शामिल करें।

सोयाबीन से बने पदार्थों के सेवन से आप cancer के खतरे को कम कर सकते हैं । अपने दैनिक काम में सूरज की रोशनी शामिल करें।

कैंसर से बचने के लिए कुछ टिप्स:

  • कई लोगों के साथ यौन सम्बन्ध गर्भाशय में होने वाले cancer के खतरे को बचाने में आपकी मदद कर सकता है।
  • grains और ग्रीन लीफी vegetables आपके कैंसर के खतरे को कम कर सकती हैं।
  • खाना में नमक की मौजूदगी को कम कर दें। हो सके तो नमक का कम से कम सेवन करें।
  • बीच-बीच में cancer की जाँच करवाना न भूलें, अगर आपको कैंसर के शुरू होने के समय ही पता चल जाए तो इसे बड़े ही आसानी से ख़तम किया जा सकता है।
  • छोटे-मोटे बीमारियों में कोई दवाई न ले।
  • अपने जीवनशैली में व्यायाम शामिल करें।
  • कम कैलोरी वाले खाने को ही अपने आहार में शामिल करें। यह ध्यान दें कि आप तम्बाकू, सिगरेट आदि नशों से दूरी बनाए रहें।
  • खाने में लहसुन को शामिल करें।
  • अगर आप ड्राई फ्रूट्स का इस्तेमाल करते है तो अपने आपको cancer की समस्या से काफे दूर रख सकते हैं।
  • धूम्रपान फेफड़ों के कैंसर का एक बहुत बड़ा कारण है। धूम्रपान करने वाले व्यक्ति जितना जल्द हो सके इसे छोड़ने का प्रयाश करें। आजकल के बच्चे कम उम्र में ही धूम्रपान करने लगते हैं ऐसा करने से उने रोकना चाहिए।
  • बढ़ते प्रदुषण की वजह से सूरज से अल्ट्रा वोइलेट किरणे धरती पा आ रही है। अगर शरीर इन किरणों के संकेत में आता है तो स्किन कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए जरुरत से अधिक धूप लेने की न सोचें।
  • हमेशा फैट लेस आहार का सेवन करना चाहिये। फलों और रसाहार को अपने भोजन में शामिल करें।
  • कैंसर से पीड़ित शरीर के लिए नियमित व्यायाम करना बहुत जरुरी होता है। व्यायाम से कैंसर होने की सम्भावना बहुत कम हो जाती है। इसलिए हर रोज कम से कम बीस मिनट समय व्यायाम को दें।
  • अधिक वजन हो जाना और वजन में कमी दोनों ही कैंसर के कारण बनते हैं। इसलिए वजन सामान्य होना चाहिए। उम्र के अनुसार जो वजन निश्चित किया गया है उसमे हेर-फेर न करें।

 इस तरह से आप इन तरीकों का इस्तेमाल कर के अपने आपको कैंसर की समस्या से छुटकारा दिला सकते हैं।अगर आपको हमारे द्वारा दी गई टिप्स पसंद आई हो तो कमेंट करना न भूलें और इसे कई लोगों तक शेयर भी करें ताकि सभी इसके बारे में जान सकें।

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Shiv Kumar is one of the best writer of lyfcure. All articles are cross-checked by Shiv before being public and if any mistakes happen, He works to correct it and then the health related articles are published. The most special thing is that it is an experienced writer who has done M.Sc from zoology. He has received Naturopathy education from Banda.

6 thoughts on “कैंसर का कारण, लक्षण और खास इलाज

  1. इस इलाज से अभी तक किसी को कोई फायदा हुआ है ? यदि हाँ तो अपनी जानकारी विस्तार से देवें ।या मुझे व्हाट्सएप्प करे..! सोमशेखर शर्मा

    1. सोमशेखर जी, जैसा की आप सभी को पता है की कैंसर एक लाइलाज बीमारी है| इसका इलाज नहीं किया जा सकता है| लेकिन, अगर आप ऊपर बताए गए नुस्खे को उपयोग में लाते हैं तो लाइफ को बढ़ाया जा सकता है| हालाकि, हमारे पास आई रिपोर्ट के मुताबिक़ कई ऐसे मरीज हैं जिनके कैंसर को इस तरकीब से दूर किया जा चूका है| इस इलाज को प्रसिद्ध आयुर्वेद सलाहकार राजीव दिक्सित के द्वारा दिया गया है।अगर कैंसर के शुरुआती लक्षण में पुनर्नवा को शामिल कर लिया जाए और इसके साथ कैंसर के दौरान विशेष खान-पान किया जाए और कसरत किआ जाए तो कैंसर को ठीक किया जा सकता है। लेकिन, ध्यान रहे इससे कैंसर का पूर्ण इलाज तभी संभव है जब आप को कैंसर का पता उसके होने के कुछ ही दिनों में पता चल जाए वरना इलाज नही हो सकेगा, लेकिन, अगर आप 1 साल जीने वाले हैं तो आप अधिकतम 5 साल अपनी उम्र बढ़ा सकते हैं। यहाँ तक की पूरा जीवन जिंदा रह सकते हैं।
      अगर कोई सवाल फिर भी हो तो पूँछ सकते हैं।

    1. जी हाँ इस उपाय को अपना कर कुछ हद तक आप अपने जीवन की रक्षा आसानी से कर सकते हैं |

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