pran kya hai? – प्राण वह वायवीय शक्ति है जो समस्त ब्रह्मांड में व्याप्त है। यह सजीव या निर्जीव सभी वस्तुओं में मौजूद है। पत्थरों, कीड़े-मकोड़ों प्राणियों तथा मानव जाति में भी

यूं तो आपने कई शायरों को सुना होगा और उस वक्त उनके शब्दों के जंजाल में फँस कर जब आपको उन शब्दों का मतलब पता चलता होगा तो आपको बहुत