diabetes testing kit with diabetes ki homeopathic dawa

डायबिटीज दूर करने की 17 होम्योपैथिक दवाएँ और टेबलेट – diabetes ki homeopathic dawa

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डायबिटीज से पीड़ित व्यक्ति हर तरह की खोज में लगा रहता है कि कहीं उसे ऐसा उपचार मिल जाए कि वह इस समस्या को जड़ से ख़त्म कर सके। इसी सिलसिले में वह डायबिटीज की होम्योपैथिक दवा भी जानना चाहता है। आज हम आपको शुगर के लिए डॉक्टर द्वारा सबसे ज्यादा सलाह दी जाने वाली होम्योपैथिक दवाओं के बारे में चर्चा करेंगे।

ये दवाएं डॉक्टर की सलाह से ही इस्तेमाल करें! आपके सेहत के हिसाब से वही इसका सही डोज तय कर पाएंगे।

डायबिटीज (शुगर) की होम्योपैथिक दवाएं – diabetes ki homeopathic dawa

नैट्रम सल्फ 3x, 6x, 12xNatrum Sulph

यह डायबिटीज रोग की सबसे उत्तम होम्योपैथिक दवा है। डायबिटीज के दौरान मूत्र में शर्करा बहुत ज्यादा आती हो, मूत्र को कुछ देर रहने देने पर उसमे बालू जैसी रेत जमा हो जाए, जीभ पर पित्त की परत चढ़ी हो तो इस दवा का प्रयोग करना उचित रहेगा।

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नैट्रम फॉस 6xNATRUM PHOS

शरीर में एसिडिटी के लक्षण उपस्थित होने पर और शर्काकरा स्त्राव होने पर यह दवा कारगर होती है।

काली फॉस 6xKali Phos

मानसिक और शारीरिक कमजोरी नीद न आने, त्याधिक सुस्ती, भूंख ज्यादा लगाने पर काली फॉस 6 x का इस्तेमाल किया जा सकता है। यह डायबिटीज के लिए एक बेहतर होम्योपैथिक टेबलेट है।

काली म्यूर 3x, 6x, 12xKali Mur

बार बार मूत्र त्याग के लिए जाना पड़े और शक्कर की मात्रा ज्यादा हो तो डायबिटीज में इस गोली का सेवन करें।

लेसीथिनLecithin

लेसीथिन के लेने से डायबिटीज का इलाज संभव है। यह डायबिटीज में मूत्र में फास्फेट निष्कासित होने, शर्करा और अन्न्सार निकलने, अनिद्रा और भूलने की बीमारी को नष्ट करता है। इससे रक्त में शर्करा की मात्र कंट्रोल किया जा सकता है।

फोस्फोरिक एसिड – phosphoric acid

डायबिटीज में होने वाले स्नायु दुर्बलता, शारीरिक भार कम होने पर, रोगी के उदास होने पर फास्फोरिक एसिड वाले तत्व का सेवन कराने से डायबिटीज दूर होना संभव है।

ग्लिसरीनम – (Glycerinum)

डायबिटीज में ग्लिसरीनम लेने से इस दौरान होने वाले मानसिक और शारीरिक निर्बलता, मूत्र में शर्करा की मात्रा का अधिकता होना, निमोनिया हो जाना, आदि समस्याओं से निजात दिलाता है। डायबिटीज के लिए होम्योपैथिक मेडिसिन (diabetes ki homeopathic Medicine) में डॉक्टर इसे लेने की सलाह देते हैं।

क्यूप्रम आर्स – Cuprum Ars

diabetes ki homeopathic dawa में मधुमेह रोगी को रात में पाँव में ऐंठन होने पर, मूत्र की मात्रा अचानक कम हो जाने पर, नेत्र में बेहोशी की अनुभूतियों में यह दवाई कारगर होती है।

आर्सेनिक ब्रोम – ARSENIC BROM

इस औषधि को मूलक के रूप में प्रयोग किया जाता है। रोगी को प्यास लगाने पर, या शारीरिक दुर्बलता पर इसका सेवन करना उचित रहेगा।

लैक्टिक एसिड- (Lactic acid)

लैक्टिक एसिड का तत्व रोगी को खिलाने से भी डायबिटीज का इलाज संभव है।

लैकेसिस 30 या 200 – Lachesis 30 or 200

रोगी को मर जाने का मन करता हो, गर्दन, छाती और कमर पर कड़े कपड़े नहीं रख सकता हो। सोते समय कष्ट बढ़ जाता हो और जिसे खिड़की दरवाजे खोल कर सांस लेने से आराम मिलता है। उसे लैकेसिस 30 या 200 शक्ति की दवा दें।

नाइट्रिकम 30 या 200 – NITRICUM 30 or 200

रोगी के शरीर में कंपन अधिक हो, अंग सुन्न हो जाता है जिसके कारण लकवा मार जाने की संभावना रहती हो तो, रोगी को अर्जेंट नाइट्रिकम 30 या 200 शक्ति की दवा दिन में दो बार दें। डायबिटीज के लिए यह सबसे बढ़िया होम्योपैथिक दवा है|

चाइना 30 या 200 – CHINA 30 or 200

मधुमेह के पुराने रोगी को चाइना 30 या 200 शक्ति की दवा दिन में तीन बार दें।

नाइट्रिक एसिड 6 या 30 – NITRIC ACID 6 or 30

डायबिटीज के दौरान वंशानुगत उपदंश या गुप्त रोगों से दुखी रहा हो, गुदा में सुइयां चुभने जैसी तेज पीड़ा हो, हथेलियों और बगलों में पसीना आता हो तो, नाइट्रिक एसिड 6 या 30 शक्ति की दवा दिन में तीन बार दें।

फास्फोरिक एसिड 6 या 30 – PHOSPHORIC ACID 6 or 30

मानसिक, शारीरिक, कमजोरी, पेशाब बहुत आता हो, पेशाब का रंग दूधिया हो, खड़े होने पर चक्कर आता हो, चेहरा पीला पड़ जाए और सूखे और बैठे रहते हो तब, फास्फोरिक एसिड 6 या 30 शक्ति की दवा दिन में तीन बार दें। डायबिटीज के दौरान इस दवा के सेवन से बहुत फायदा मिलता है।

फॉस्फोरस 30 या 200 – PHOSPHORUS 30 or 200

फास्फोरस मधुमेह की सबसे अच्छी दवा है। इसमें मधुमेह की सभी विकृतियों और लक्षणों को नष्ट करने की अद्भुत शक्ति होती है। होम्योपैथी के जानकार डॉक्टर इस दवा का इस्तेमाल अवश्य ही करते हैं। 30 से 200 शक्ति की फास्फोरस दवा दिन में दो या तीन बार लेने से विशेष लाभ होता है।

नक्स वोमिका – nux vomica

नक्स वोमिका भी मधुमेह की एक अच्छी और कारगर दवा है। चिड़चिड़े स्वभाव के अय्याशी का जीवन बिताने वाले नशे के आदी रोगियों के लिए यह विशेष लाभकारी है। किसी डॉक्टर के बिना सलाह के दवा लेना घातक भी हो सकता है अतः सलाह लेना आवश्यक है।

FAQ

डायबिटीज की होम्योपैथिक दवा कब तक प्रयोग करनी चाहिए?

इसे हमेशा इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है। ज्यादा बेहतर आपको डॉक्टर ही बता पाएँगे।

क्या diabetes ki homeopathic dawa के साइड इफ़ेक्ट होते हैं?

हाँ! किसी किसी को हो सकते हैं। इसलिए, डॉक्टर को दिखाकर दवा लेने से वह आपके शरीर और सेहत के अनुसार आपके लिए दवा लिखेगा।

क्या डायबिटीज की होम्योपैथिक दवा के साथ एलोपैथिक दवा भी इस्तेमाल कर सकते हैं?

नहीं! लेकिन, अगर डॉक्टर सलाह देते हैं तो कर सकते हैं।

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Sarthak upadhyay is a health blogger and creative writer, who loves to explore various facts, ideas, and aspects of life and pen them down. sarthak is known with English and hindi. Writing is his passion, and enjoys writing on a vast variety of subjects. Relationship, Astrology, and entertainment, Periods, pregnancy, and Home-remedies are his specialty areas.

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