नशा करने के नुकसान, nasha karne ke nuksaan, a man smoking cigarette

कई तरह के नशा और उन्हें करने के नुकसान- drugs side effects in hindi

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नशा करने के नुकसान: आजकल केवल भारत में ही नही और कई देशों में मादक पदार्थों का सेवन जोरों से चल रहा है। आज हम इस आर्टिकल में आपको जागरूक करने के लिए कुछ मादक पदार्थ और उनके सेवन से होने वाली बीमारी के बारे में बताएँगे।

नशा करने के नुकसान

तंबाकू, धूम्रपान, जर्दा

पुराने समय में तंबाकू औषधि के रूप में काम में लाई जाती रही है। पर यह लगभग 100 वर्षों से इसने एक बहुत बड़े दुर्व्यसन का रूप धारण कर लिया है। बच्चों से लेकर वृद्धों तक बीड़ी सिगरेट का सेवन पाए जाते हैं। और स्त्रियां भी इसका सेवन करती हैं। इसके जहरीले धुएं से मनुष्य निर्बल आलसी विलासी उत्तेजक प्रभाव का हो जाता है।

तंबाकू का अधिक सेवन करने वाले को क्षय रोग हृदय रोग उदर रोग नेत्रों की खराबी श्वसन तंत्र के रोग नपुंसकता पागलपन कैंसर आदि बीमारियां हो जाती हैं। तंबाकू में निकोटीन कोलतार आरसेनिक और कार्बन मोनोऑक्साइड होते हैं जो मानव स्वास्थ्य के लिए विष की तरह काम करते हैं।

भांग,गांजा,चरस

भांग,गांजा की एक निश्चित मात्रा औषधि के रूप में उपयोग की जाती है। भांग का मुख्य औषधि एवं अन्य उपयोग जी घबराने व उल्टी रोकने की दवा भूख बढ़ाने वाली दवा आंख की बीमारी को ठीक करने हेतु, दर्द निवारक, दवा ईंधन, पेपर, खाद्यपदार्थ, रस्सी  कपड़े साबुन जूते प्लास्टिक पेंट से लगभग 50000 से ज्यादा चीजों को बनाने में उपयोग किया जाता है।

गांजा का मुख्य चिकित्सकीय उपयोग जैसे दर्द निवारण कैंसर की दवाएं इत्यादि में किया जाता है। अत्यधिक मात्रा में उपयोग करने पर भांग गांजा चरस इत्यादि भयंकर विषैले पदार्थ बन जाते हैं।

शराब

शराब की एक निश्चित मात्रा दवाओं में उपयोग की जाती रही है। जैसे विभिन्न दवाओं के निर्माण में एंटीसेप्टिक औद्योगिक इत्र निर्माण वनस्पति तत्व जैसे {वनीला} विभिन्न तत्वों को सुरक्षित कर रखने में किया जाता रहा है।  शराब पेट में पहुंचकर पाचन रस के लिए घातक होती है। इससे पेट में पेप्सिन नामक पाचक रस का स्त्राव गड़बड़ा जाता है।

शराब/दारु पीने के नुकसान जबकि पेप्सिन पाचन क्रिया को संचालित करने का कार्य करता है। शराब की अत्यधिक मात्रा प्रयोग करने से आमाशय में स्थित श्लेष्मा ग्रंथि या छारीय द्रव्य निकलने लगता है जिसके फलस्वरुप पाचन तंत्र में व्यतिरेक उत्पन्न होने लगता है।

जो गर्भवती महिलाएं अल्कोहल का सेवन करती हैं उनके बच्चे विकलांग पैदा होते हैं। शराब पीने से यकृत व गुर्दे नसीब नष्ट होने लगते हैं। शराब पीने से व्यक्ति की प्रोस्टेट ग्रंथि में सूजन आ जाता है। जिसके कारण व्यक्ति नपुंसकता का शिकार बनता चला जाता है।

अफीम

अफीम का मुख्य औषधीय उपयोग दवाओं के निर्माण में किया जाता है जैसे दर्द की दवा, नींद की दवा, खांसी की दवा, दस्त रोकने एवं रक्त प्रवाह की समस्याओं को रोकने की दवा आज अफीम मादक द्रव्यों का जनक कहलाता है। यह अत्यंत विषैला होता है।

कोकीन

कोकीन  की एक निश्चित मात्रा औषधि के रूप में उपयोग की जाती है। इसका मुख्य चिकित्सकीय उपयोग बेहोशी करने कैंसर की दवा में किया जाता है।

परंतु कोकीन की अत्यधिक मात्रा विष के समान होती है। इसके उपयोग से अंतर नियम श्वास प्रणाली, ग्रंथ हुई प्रणाली और रक्त प्रवाह प्रणाली पर घातक प्रभाव पड़ता है। इसका उपयोग क्षणिक उत्तेजना के लिए किया जाता है। इसके नशे से व्यक्ति सत्य असत्य विवेक बुद्धि को भूल जाते हैं।

हीरोइन

हीरोइन का उपयोग दवाओं के निर्माण में किया जाता है जैसे दर्द निवारक दवा ह्रदय रोगों की दवा कैंसर की दवा और उसका प्रभाव सेवन करने वाले व्यक्ति के नाड़ी तंत्र पर भी पड़ता है।

धीरे-धीरे व्यक्ति मानसिक व शारीरिक रूप या इन्हें  सूंघना शुरू करता है और अंत में इंजेक्शन द्वारा नाली में लेने की लत बन जाती है यह हमारे शरीर के लिए अत्यंत नुकसानदायक है।

मार्फिन

मार्फिन की एक निश्चित मात्रा औषधि के रूप में उपयोग की जाती है। इसका मुख्य औषधि उपयोग दवाओं के निर्माण में जैसे दर्द निवारण की दवा मानसिक समस्याओं के उपचार हेतु दवा खांसी की दवा में किया जाता है। यह अफीम से बना एक्सट्रेक्ट है। प्रायः लोग इसका सेवन नशे के रूप में करते हैं। यह अत्यंत विषैला होता है।

एल एस डी

एल एस डी की एक निश्चित मात्रा औषधि के रूप में उपयोग की जाती है। इसका मुख्य औषधीय उपयोग मानसिक समस्याओं के उपचार की दवा बनाने गंभीर इसमें केसर दर्द में कैंसर की दवा बनाने में किया जाता है।

परंतु जो लोग इस की गोली को कम मात्रा में लेते रहते हैं वह स्लो पाइजन के शिकार होते हैं। और जो व्यक्ति इन गोलियों को एक ही बार में ज्यादा मात्रा में लेते हैं वह अकाल मृत्यु के शिकार बन जाते हैं।

इसका व्यसन करने वाले व्यक्ति शारीरिक और मानसिक रुप से कमजोर होते जाते हैं और उनमें आत्मविश्वास और निर्णय लेने की शक्ति नहीं रह जाती है।

ब्राउन शुगर

नशा करने के नुकसान में हीरोइन का कच्चा रुप ही स्मैक अर्थात ब्राउन सुगर है। इसे अंतर्राष्ट्रीय बाजार में ब्राउन शुगर कहा जाता है। यह अत्यंत विषैले प्रकार का नशा है यह अधिकतर सिगरेट के द्वारा ली जाती है जिसका सीधा प्रभाव पेपरों पर पड़ता है।

जिससे धीरे-धीरे फेफड़े बिल्कुल बेकार हो जाते हैं। इसके अतिरिक्त इससे कैंसर भी हो जाता है। इस नशे को जो लोग इंजेक्शन द्वारा लेते हैं उनका यकृति खराब हो जाता है।

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Shiv Kumar is one of the best writer of lyfcure. All articles are cross-checked by Shiv before being public and if any mistakes happen, He works to correct it and then the health related articles are published. The most special thing is that it is an experienced writer who has done M.Sc from zoology. He has received Naturopathy education from Banda.

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