hypertension known as High bp ka ilaj

हाई ब्लड प्रेशर का इलाज के 13 घरेलू नुस्खे – High bp ka ilaj

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जब आपके हृदय को अधिक कार्य के लिए बल दिया जाता है तब उच्च रक्तचाप की समस्या होती है। यह किसी तनाव और कई सारे अवसाद के कारण आसानी से हो सकता है। इसे मेडिकल टर्म (medical terms) में हाइपरटेंशन के नाम से भी जाना जाता है। हाई ब्लड प्रेशर से हर्ट और वैस्कुलर सिस्टम को भारी मात्रा में नुकसान पहुंच सकता है। शरीर में oxygenated ब्लड सही तरह से कार्य कर सकें और आपका हृदय सही ढंग से कार्य कर सके इसकी खातिर ब्लड प्रेशर सही होना चाहिए। हाई ब्लड प्रेशर से शरीर में आक्सीजन का प्रवाह सही ढंग से नहीं हो पाता और हृदय को खतरा अकसर बना रहता है। आज हम आपको हाई ब्लड प्रेशर (बीपी) का कुछ आसान इलाज उपाय और नुस्खे (High bp ka ilaj) के बारे में बटाएंगे जो आपके लिए काफी फायदेमंद साबित होंगे।

हाई ब्लड प्रेशर (बीपी) या हाइपरटेंशन का कारण – high blood pressure (BP) ka karan

प्रेगनेंसी, बर्थ कंट्रोल पिल्स, बढ़ती उम्र, खाने में सोडियम का ज्यादा इस्तेमाल, फैट और शुगर का खाने में भरपूर इस्तेमाल, सिगरेट पीना, अल्कोहल का ज्यादा मात्रा में सेवन करना, और तनाव उच्च रक्तचाप के कारण है।

वांशिक कारण, तनाव या दबाव, कोलेस्ट्रॉल में बढ़ोतरी, शक्कर की अधिक मात्रा, खाने में फैट का इस्तेमाल,चाय, काफ़ी आदि कई उत्तेजक पेय, मोटापा, उम्र, खाने में मिर्च-मसाले का ज्यादा उपयोग, नमक का ज्यादा प्रयोग आदि उच्च रक्तचाप यानी ब्लड प्रेशर के कारण हो सकते हैं।

उच्च रक्तचाप की समस्या में आपके ह्रदय में खराबी, गुर्दे में समस्या, मस्तिष्क से जुडी समस्या, आंखों का क्षतिग्रस्त होना, आदि कई समस्याओं से सामना करना पड़ सकता है।

जाने- हार्ट डिजीज के कारण

हाई ब्लड प्रेशर (बीपी) का इलाज के घरेलू नुस्खे – High blood pressure (BP) ka ilaj

लहसुन

लहसुन शरीर में मौजूद सोडियम की अधिक मात्रा को पानी की मदद से मूत्र के द्वारा शरीर से बाहर निकाल देता है। यह दिल में प्रेशर को कम करता है और आप के हाई ब्लड प्रेशर को घटा देता है।

अगर लहसुन को कच्चा खाया जाए तो यह हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने के लिए बेहतर होगा।

कई लोग इसका सेवन नहीं कर सकते इसके लिए हम आप को कुछ ऐसे तरीके बताएंगे जिसकी मदद से आप लहसुन को आसानी से खा सकेंगे।

  1. लहसुन खाने के लिए आप किसी फल का इस्तेमाल कर सकते हैं। फल के टुकड़ों को काटकर टुकड़ों के साथ लहसुन की एक कली खाएं  इससे आपको लहसुन खाने में आसानी होगी।
  2. लहसुन को अच्छी तरह से कूट ले और एक कली लहसुन को एक गिलास पानी के साथ मिलाकर पानी को पी ले।

गाजर का जूस

गाजर में उच्च मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट, बीटा कैरोटीन, विटामिन ए और विटामिन सी पाया जाता है। एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर में उन रैडिकल को कम करता है जो कैंसर का कारण बनते हैं साथ ही यह ब्लड वेसल्स को डैमेज होने से रोकता है।

यह इलेक्ट्रोलाइट और पोटैशियम से भी भरा होता है। पोटासियम शरीर में तरल पदार्थ को बैलेंस रखने और ब्लड प्रेशर को नॉर्मल करने में पूरी तरह से कार्य करता है। पोटेशियम पूरी तरह से सोडियम के इफेक्ट को कम करता है और हाई ब्लड प्रेशर से सुरक्षा दिलाता है।

गाजर का एक से तीन गिलास का जूस दिन में एक से दो बार पीएं ध्यान रहे गाजर का जूस बनाते समय उसमें शक्कर का इस्तेमाल ना करें।

टमाटर

टमाटर में बीटा कैरोटीन, विटामिन, पोटेशियम और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं जो हाई ब्लड प्रेशर को कम करने के लिए बेहतर माने जाते हैं।

इसके अलावा भी टमाटर में लाइकोपीन होता है जो इसे लाल रंग देता है। लाइकोपीन में एंटीआक्सीडेंट होता है यह बैड कोलेस्ट्रॉल को शरीर से कम करता है और आर्टरीज में फैट की मात्रा कम करता है।

फैट की मात्रा कम होने से हार्ट में प्रेशर कम होता है और hypertension से निजात मिलता है।

टमाटर का उपयोग आप उसकी चटनी बनाकर उसका जूस बनाकर और कच्चा चबा कर कर सकते हैं। बाजार में टोमेटो सॉस आसानी से मिल जाते हैं। सॉस का इस्तेमाल भूलकर भी ना करें क्योंकि इसमें सोडियम की भरपूर मात्रा होती है जो ब्लड प्रेशर को बढ़ाने के लिए सक्षम है।

धनिया पत्ती

धनिया पत्ती में फाइबर भरपूर मात्रा में पाई जाती है और यह ड्यूरेटिक की तरह कार्य करती है diuretic शरीर में मौजूद ज्यादा पानी को आसानी से बाहर निकाल देता है। यही कारण है कि यह blood pressure normal करने के लिए बेहतर साबित होता है।

इसके एक गिलास जूस को नियमित रूप से पीने से हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से निजात मिलता है इसके अलावा भी आप धनिया के बीज को अपने चाय आदि में शामिल कर सकते हैं।

अनार

अनार ना केवल न्यूट्रिएंट्स से भरा होता है बल्कि इसमें एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। इसके अलावा भी अनार में पाइथो केमिकल्स, फ्लेवोनॉयड्स और पाली फिनॉल पाया जाता है फ्लेवोनॉयड्स और पालीफिनाल हाइपरटेंशन या हाई ब्लड प्रेशर (बीपी) का इलाज  को दूर करने के लिए बेहतर होते हैं।

जूस बनाकर नियमित रूप से एक से दो गिलास जूस पीएं।

चुकंदर

चुकंदर में नाइट्रेट भारी मात्रा में होता है जो हाई ब्लड प्रेशर को कम करने के लिए बेहतर माना जाता है।

इसके जड़ और पत्तियां दोनों ही ब्लड प्रेशर को कम करने के लिए उपयोग में लाए जा सकते हैं। इसके खातिर एक गिलास पत्तियों या जड़ के जूस को पीएं।

शीशम का तेल

शीशम के तेल में ओमेगा 3 फैटी एसिड, पाली unsaturated fatty acid, विटामिन ई औऱ सेसमीनन पाया जाता है। यह सभी कंपाउंड हाइपरटेंशन की समस्या को कम करने के लिए ह्रदय रोग को कम करने के लिए और डायबिटीज की समस्या से निजात दिलाने के लिए मददगार होते हैं।

हाइपरटेंशन की समस्या को कम करने के लिए नियमित रूप से एक चम्मच शीशम के तेल को पीए। इसके अलावा आप इसके बीच को भी उपयोग मैं ला सकते हैं।

अदरक

वर्षों से अदरक  भारतीय परंपरा और कई तरह की हेल्थ बेनिफिट्स के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। अदरक शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल के लेवल को कम कर देता है और आर्टरीज के परत पर प्लाक को जमने से रोकता है। जिससे उच्च रक्तचाप को कम करने में सहायता प्राप्त होती है।

जैसे ही प्लाक जमना बंद हो जाता है ब्लड सर्कुलेशन सही हो जाता है और हाइपरटेंशन की समस्या भी कम हो जाती है।

अदरक का जूस बनाकर आप इसका इस्तेमाल कर सकते हैं इसके अलावा भी अदरक का सूप हाई ब्लड प्रेशर की समस्या को कम करने के लिए बेहतर है।

नारियल का पानी

नारियल का पानी पोटेशियम, मैग्नीशियम और इलेक्ट्रोलाइट से भरपूर होता है जो हार्ट के मसल्स के लिए बहुत ही बेहतर होता है।

दरअसल, नारियल के पानी में पोटेशियम की मात्रा होती है जिसके चलते यह शरीर से सोडियम की मात्रा को आसानी से बाहर निकाल देता है साथ ही यह शरीर से पानी की ज्यादा मात्रा को भी बाहर निकाल देता है। जिसकी वजह से ब्लड प्रेशर नॉर्मल हो जाता है और हाइपरटेंशन की समस्या से निजात मिल सकता है।

लाल मिर्च

लाल मिर्च में एक बहुत ही बड़ी खूबी होती है जो ब्लड वेसल्स के आकार को बढ़ा देता है। इस वजह से ब्लड का प्रवाह सही हो जाता है ब्लड वेसल्स के फैल जाने की वजह से ब्लड आसानी से पूरे बॉडी में तैर कर सकता है और ज्यादा जगह मिलने की वजह से हाई ब्लड प्रेशर या हाइपरटेंशन से निजात पाया जा सकता है।

इसके खातिर आप दिन में 3 चम्मच लाल मिर्च के पाउडर को किसी तरीके से इस्तेमाल करें।

चॉकलेट

डार्क चॉकलेट को कोकोआ के पेड़ से बनता है और यह एंटीऑक्सीडेंट से भरा होता है इसमें  flavonides, polyphenol जैसे एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं।

यह सभी एंटीऑक्सीडेंट्स हाई ब्लड प्रेशर को आसानी से खत्म कर सकते हैं। और हाई बीपी का एक बढ़िया घरेलू नुस्खा या उपाय है।

इलायची

इलायची में एंटीऑक्सीडेंट्स की मात्रा मौजूद होती है। यह एंटीऑक्सीडेंट ब्लड वेसल्स को फैला देते हैं और उच्च रक्तचाप से निजात दिलाते हैं।

उपयोग में लाने के लिए इलायची के एक चम्मच पाउडर को शहद के साथ मिलाकर चाटें।

गुड़हल की चाय

गुड़हल की पत्तियां तोड़ कर उसका चाय बनाकर पीने से हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखा जा सकता है यह हाई बीपी को काफी ज्यादा स्तर तक दबा सकती है।

हाई ब्लड प्रेशर के लिए कुछ आयुर्वेदिक उपचार

  1. हाई ब्लड प्रेशर की समस्या में शहतूत और लीची जैसे फलों का सेवन करना फायदेमंद है।
  2. 1 चम्मच प्याज का रस निकाल लें और इसमें एक चम्मच शहद मिलाकर रोगी को पिलाने से उच्च रक्तचाप के बीमारी में लाभ होता है।
  3. सुबह व शाम शहतूत के एक गिलास शरबत को पीने से दिल तंदुरुस्त रहता है और high bp का इलाज हो जाता है।
  4. गाजर का रस या गाजर से बना हुआ ताजा मुरब्बा खाना भी फायदेमंद है।
  5. दालचीनी के पाउडर को सुबह-शाम गर्म पानी के साथ पीना भी ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में करने का एक बेहतर घरेलू इलाज है।
  6. रात में मेथी के दाने को भिगोकर रख दें और सुबह भोर में उठने पर मेथी के दाने को चबाकर खाएं। साथ ही इसके बचे हुए पानी को पी लें। इस नुस्खे से उच्च रक्तचाप जल्दी दूर होगा।
  7. सुबह खाली पेट लौकी का जूस पीकर २ घंटे तक कुछ न खाने से भी उच्च रक्तचाप वश में रहेगा। यह उच्च रक्तचाप को काबू में रखने के साथ आपके दिल को भी स्वस्थ रखेगा।
  8. हाई ब्लड प्रेशर का इलाज करने के लिए गौ मूत्र को एक प्रभावी दवा का दर्ज दिया गया है। ब्लड प्रेशर ज्यादा हो या कम सुबह आधा कप गौ मूत्र खली पेट पीने से कंट्रोल  हो जाएगा।
  9. आंवला, सर्पगंधा, और गिलोय की छाल को बराबर मात्रा में लेकर इसका काढ़ा बनाकर पीएं। इसका चूर्ण बनाकर पानी के साथ लेने से भी आराम मिलता है।
  10. सर्पगंधा के छाल को कूटकर इसका चूर्ण बना लें। इसका चूर्ण दिन में २ बार २ ग्राम की मात्रा के हिसाब से लेने से ब्लड प्रेशर सामान्य किया जा सकता है।
  11. सूखी धनिया का पाउडर और सर्पगंधा का पाउडर बराबर मात्रा में लेकर पानी के साथ पीने से High bp normal हो जाता है।

हाई ब्लड प्रेशर के लिए आहार सारणी: high blood pressure (bp) me kya khaye ka time table

सुबह 5 बजे

रात में एक गिलास पानी में एक मूठी गेंहू भिगो दें, और सुबह होने पर गेंहू का छानकर उसका पानी अलग रख दें। अब पानी में 2 चम्मच शहद मिला लें और उसमे एक नींबू को अच्छी तरह से घोलकर पी लें। यह आपके हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से निजात पाने के लिए एक अच्छा तरीका है।

सुबह 6 बजे

नींबू और शहद का घोल पीने के बाद, आप चार प्याज और चार लहसुन को पीसकर उसका रस निकाल लें और उसमे 2 चम्मच शहद की मात्रा मिलाकर पिए।

सुबह 9:30 बजे

6 आंवले का रस साथ ही किसी भी हरी सब्जी जैसे- लौकी, ककडी, पलक, टमाटर आदि का रस मिलाकर पीने से आपकी हाई ब्लड प्रेशर की समस्या दूर होगी।

सुबह 11:30 बजे

इस समय में आप 250 ग्राम उबली सब्जी में 2 रोटी खाएं। साथ थी 150 ग्राम सलाद जिसमें टमाटर, और प्याज जरूर मिला हो, 50 ग्राम अंकुरित बीज (गेहूँ, मसूर, चना), 125 ग्राम दही और 10 ग्राम अलसी का पाउडर लें। इस तरीके को आप एक महीने तक लगातार अपनाए फर्क आपके सामने होगा।

दोपहर 12:30 बजे

सोयाबीन का माठा पीने से आपको हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से निजात मिलेगा।

दोपहर 2:30 बजे

मौसम अनुसार उपलब्ध कोई भी रसा हार फल लेने से भी ब्लड प्रेशर की समस्या से बचा जा सकता है। इसके खातिर कम से कम 500 ग्राम तक फल खाना उचित होगा।

दोपहर 4:30 बजे

किसी भी सब्जी का एक गिलास जूस पीएं। बेहतर यही होगा कि आप करेले का या पालक का जूस पीएं।

शाम 7 बजे

मौसम के हिसाब से सस्ते फल जैसे – अमरूद, अनानास, चीकू, जामुन, तरबूज, मौसमी, खाएं। केला का सेवन रोज करें।

क्या न खाएं

चाय, चीनी, काफ़ी, मिर्च, गर्म मासाला, बिस्किट, ब्रेड, शराब, स्मोकिंग, तम्बाकू, लिम्का, आइसक्रीम आदि चीजे न खाएं

उच्च रक्तचाप या हाई ब्लड प्रेशर के लिए प्राणायाम और योग – high bp ke lie pranayam aur yoga

सवासन और सुखासन ब्लड प्रेशर को कम करते हैं। उच्च रक्तचाप को कम करने के लिए योग का सहारा लेना आपके लिए एक बेहतर विकल्प हो सकता है। दरअसल, हमारा दिल एक मशीन है और मशीन को अच्छी तरह से काम करते रहने के लिए उसकी साफ-सफाई रखना बहुत जरूरी है। ऐसे में अगर आप अपने जीवनशैली में व्यायाम को शामिल करते हैं तो आप उच्च रक्तचाप की समस्या से छुटकारा पा सकते हैं। उच्च रक्तचाप के लिए भी कई व्यायाम का वर्णन किया गया है। उच्च रक्तचाप से छुटकारा पाने के लिए आप योग का साथ नहीं छोड़ सकते हैं। 

इसके लिए आप अपने जीवनशैली में भ्रामरी आसन, शिशु आसन, शवासन, सेतुबंधासन, सुखासन,पवनमुक्तासन के विभिन्न प्रकार(पेट के बल लेटना, मकरासन में भ्रामरी प्राणायाम करना, पूर्वोत्तान आसन जनुशीर्षासन,आदि को शामिल करे। इन सब आसनों को शामिल कर आप अपने आपको हाई बीपी की समस्या से दूर रख पाएँगे। प्राणायाम में अनुलोम-विलोम करना उचित होगा।

FAQ

कैसे जाने कि ब्लड प्रेशर (बीपी) ज्यादा या हाई है?

थकावट महसूस होना सांस फूलना शरीर में दर्द होना इन तीनों में से अगर कोई लक्षण नजर आए तो आप हाई ब्लड प्रेशर के शिकार हो चुके हैं। सिर दर्द, पसीना, सांस लेने में परेशानी आदि उच्च रक्तचाप के लक्षण हो सकते हैं। ऐसा महसूस होने पर आपको देरी न करते हुए तुरंत ही आपके शरीर के रक्तचाप का अध्ययन करना चाहिए|

हाइपरटेंशन कब माना जाता है या किस अवस्था को हाई ब्लड प्रेशर (बीपी) कहते है?

उच्च रक्तचाप के चलते शारीरिक और मानसिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। 20 से 50 साल के उम्र के लोगों का सामान्य ब्लड प्रेशर 120/80 mm/hg होता है। 50 से 80 साल के उम्र के लोगों का सामन्य रक्तचाप 60/70/ mm/hg होता है। अगर ऊपर बताई गई सीमा से आपका रक्तचाप अधिक आ रहा है तो आपको हाइपरटेंशन यानि की उच्च रक्तचाप की समस्या से गुजरना पड़ सकता है। ऐसे व्यक्ति जिनका ऊपर बताए गए प्रेशर से खून का ज्यादा प्रेशर होता है उन्हें हाई ब्लड प्रेशर के श्रेणी में गिना जाता है।

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Sarthak upadhyay is a health blogger and creative writer, who loves to explore various facts, ideas, and aspects of life and pen them down. sarthak is known with English and hindi. Writing is his passion, and enjoys writing on a vast variety of subjects. Relationship, Astrology, and entertainment, Periods, pregnancy, and Home-remedies are his specialty areas.

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