ह्रदय रोग (Heart disease) के कारण, लक्षण, इलाज और बचाव

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हृदय रोग जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग ग्रसित हैं और इससे सिर्फ ह्रदय रोग ही नहीं मौत को चुनौती भी देना पड़ता है और दवाइयों का भी ज्यादा असर नहीं पड़ता है। देखा जाए तो मनुष्य का हृदय  60 सेकंड में  72  बार धड़कता है और ये बर्बाद हो गया तो जीवन समाप्त हो जाता है। इसलिएआज हम हृदय रोग क्यों होता है अर्थात उसका कारण, लक्षण और साथ ही उससे बचने के उपाय को जानने की कोशिश करेंगे। इनसे आपका हृदय रोग बहुत ही जल्दी ठीक हो जाएगा और आप अपना स्वस्थ जीवन व्यतीत कर पाएंगे। हमारे ह्रदय पर ही हमारा जीवन निर्भर रहता है, और जब हमें ह्रदय रोग घेरता है तो हमारे जीवित रहने की आधी छमता कम हो जाती है। यह बहुत ही खतरनाक रोग होता है जो हमारी जान भी ले सकता है। तो चलिए ह्रदय रोग के कारण, लक्षण, इलाज और बचाव हम इस लेख की मदद से जानते हैं।

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हृदय रोग के कारण- heart disease ke karan

धूम्रपान करने से

जो लोग धूम्रपान करते हैं, वो लोग पक्का ही हृदय रोग से ग्रसित होंगे। अगर आप भी धूम्रपान करते हैं, तो समझ जाइए कि आपको भी हृदय रोग होने वाला है। इसलिए अगर आपको हृदय रोग से दूर रहना है, तो धूम्रपान ना ही करें और अगर आप धूम्रपान करते हैं ,तो हृदय रोग से लड़ने के लिए तैयार हो जाएं।

चर्बी ज्यादा बढ़ जाने से

मोटापा जिससे इस समय ज्यादा से ज्यादा रोग बढ़ जाते हैं और देखा जाए तो हर व्यक्ति मोटापा या चर्बी से परेशान ही होता है, हृदय रोग का एक कारण मोटापा भी हो सकता है।

मधुमेह

अगर आपको मधुमेह है, तो आप तो पहले से ही एक खतरनाक बीमारी से परेशान होंगे। लेकिन अगर मधुमेह है, तो मधुमेह के कारण हृदय रोग का भी जन्म हो जाता है। इसलिए जल्द से जल्द मधुमेह का इलाज करवाएं और हृदय रोग से भी दूरी बनाए रखें। ऐसी चीजें या खाने वाले पदार्थ जिससे मधुमेह होता है, चीजो का इस्तेमाल कम से कम करे,क्योंकि मधुमेह होने से आपको हृदय रोग का भी सामना करना पड़ सकता है।

उच्च रक्तचाप

क्या आपको मालूम है कि जो लोग उच्च रक्तचाप की समस्या से पीडित हैं उन्हें भी ह्रदय रोग का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए उच्च रक्त चाप की बीमारी ना ही रहे अन्यथा फिर इस बीमारी से एक खतरनाक बीमारी हृदय रोग का भी जन्म होता है और ह्रदय रोग से कई सारी बीमारियो का उत्पाद होता हैं।

ज्यादा चिंता करने से

अगर आप ज्यादा चिंता करते हैं तो इसका दुष्प्रभाव आपके हृदय में पड़ता है और आप भी हृदय रोग से परेशान होने लगते हैं।ज्यादा चिंता करने से हृदय में तो दुष्प्रभाव पड़ता ही है और हार्ट अटैक की संभावना बनी रहती है। हृदय स्वास्थ्य को स्वस्थ रखने के लिए आप तनाव का इलाज करें।

शराब पीने से

शराब तो वैसे भी एकजहर के समान होता है। लेकिन ,आजकल इसका उपयोग बड़े से छोटे तक करने लगे हैंऔर जो लोग मदिरापान करते हैं वो सावधान हो जाए। क्योंकि, मदिरापान करने से हृदय रोग को भी चुनौती देना पड़ता है और फिर बाद में अनेक प्रकार की दवाइयां करवानी पड़ती है ।

शरीर में कोलेस्ट्रोल की ज्यादा मात्रा

ह्रदय रोग के विशेषज्ञों का माना है कि रक्त में कोलेस्ट्रोल की मात्रा का होना ह्रदय रोग का एक कारण है। यह कोलेस्ट्रोल एक चिकना पदार्थ होता है जो शरीर में अपने आप तैयार हो जाता है । और भोजन की चिकनाई के रक्त में आ जाने से भी बनता है।

सोने में ज्यादा दबाव और खिचाव  

बहुत ज्यादा दबाव व खिचाव की स्थिति में रहने से भी ह्रदय रोग होता है। खिचाव से रक्तचाप बढ़ता है। जो लोग मानसिक तनाव के शिकार होंगे उनके स्नायु तने रहते हैं। लेकिन जब यही तनाव स्वास्थ्य को नष्ट करने लगे तो समझिये कि बीमारी शुरू हो गई है । जो व्यक्ति चिंता और परेशानी से हमेशा घिरे रहते हैं उन्हें ब्लड प्रेशर होने की सम्भावना हर समय रहती है क्यूंकि उनके ह्रदय पर अतिरिक्त दबाव पड़ना शुरू हो जाता है।

शक्कर का अधिक प्रयोग

एक अमेरिकी विशेषज्ञ ने रिसर्च करने के बाद ह्रदय रोग को जन्म देने वाले जिन कारणों की खोज की है उनमे से एक कारण शक्कर का अधिक प्रयोग भी बताया गया है। मतलब यह कि अधिक मात्रा में शक्कर का प्रयोग करने से भी ह्रदय रोग हो सकता है। वर्षों की खोज के बाद वैज्ञानिकों ने बताया है कि अधिक घी,मक्खन, क्रीम और मांस खाने से भी ह्रदय रोग का खतरा बन जाता है।  

हृदय रोग के लक्षण- heart disease ke lakshan

pumping heart

दिल का दौरा पड़ते ही ह्रदय में दर्द होने लगता है, प्यास अधिक लगती है, शरीर में जलन और ठंडापन भी महसूस होता है, ह्रदय में व्याकुलता सी बनी रहती है। कभी कभी पसीना और चक्कर भी आने लगते हैं, नीद कम आती है, बेचैनी, आलस्य और घबराहट भी इसके लक्षण हैं। जब ह्रदय रोग बढ़ जाए तो थोड़े से श्रम के होने पर या जरा सा भी क्रोध या शोक की स्तिथि में मूर्छा आने लगती है जिसमे रोगी को कुछ दिखाई नही देता है और आँखों के आंगे अँधेरा सा छा जाता है। यह अवस्था रोगी को सिथिल कर देती है और काफी समय तक रोगी कमजोरी अनुभव करता है।

  • हृदय रोग का मुख्य लक्षण छाती के बीच में दर्द होना है और यह लक्षण साफ़ ही बताता है कि आप हृदय रोग से ग्रसित हैं।अगर आपको भी महसूस होता है कि छाती के ऊपर भारी भारी सा लग रहा है तो यह भी हृदय रोग के कारण में ही आता है ।
  • पेट में गैस या जलन से आप समझ जाइए की हृदय रोग आपको भी हैं और जो लोग हृदय रोग से ग्रसित होते हैं आप ध्यान दीजिए जरूर ही उनके पेट में जलन होता होगा।
  • हृदय रोग का लक्षण कमजोरी महसूस करना भी है और अगर आप मधुमेह रोगी हैं तो आपको कभी भी हृदयरोग या हार्ट अटैक मार सकता है।जिससे आपकी मृत्यु भी हो सकती है।

हृदय रोग का इलाज- heart disease ka ilaj

सेब

सेब के इस्तेमाल से आप बड़े ही आसानी से अपने ह्रदय को स्वस्थ्य रख सकते हैं।अगर आप डेली 1 या 2 सेब का इस्तेमाल करते हैं तो आप बड़े ही आसानी से अपने हृदय में रक्त के प्रवाह को मेन्टेन रख सकते है । इससे हार्ट अटैक से भी बचा जा सकता है और अन्य हृदय रोग का इलाज किया जा सकता है।

लहसुन

अगर आप नियमित रोप से 2 जबा कच्ची लहसुन का इस्तेमाल करते हैं तो इससे आप अपने ह्रदय को स्वस्थ रख सकते हैं।

आंवला

आंवला के इस्तेमाल से आप बड़े ही आसानी से अपने हार्ट को एक दम से स्वस्थ रख सकते हैं। इसके लिए आप खाने में हरे आंवला को शामिल करें या फोइर आंवला का जूस या आंवला का अचार शामिल करें।हृदय रोग का इलाज के लिए आँवला बहुत फायदेमंद होगा।

शहद

अगर आप नियमित रूप से शहद का सेवन करते हैं तो आप बड़े ही आसानी से अपने ह्रदय को स्वस्थ रख सकते हैं। इसके लिए आप अपने जीवनशैली में शहद को शामिल करें, अगर आप रोज एक चम्मच शहद का इस्तेमाल करते हैं तो आप बड़े ही आसानी से अपने ह्रदय को स्वस्थ रख सकते है।

घिया

एक गिलास घिया के जूस का सेवन करते हैं तो आप बड़े ही आसानी से अपने हार्ट को स्वस्थ रख सकते हैं ।

अर्जुन की छाल

अर्जुन की छाल का काढा का इस्तेमाल आपको और आपके हार्ट को स्वस्थ रखता है तथा यह हृदय रोग का इलाज के लिए बेहतर उपाय में से एक है। इसके लिए आप रोज सुबह अथवा शाम को अर्जुन के छाल का काढ़ा पियें।

प्राणायाम

प्राणायाम बहुत ही बेहतर विधि है जिसकी मदद से आप बड़े ही आसानी से अपने ह्रदय को स्वस्थ रख सकते हैं। इसके लिए आप हर प्रकार के प्राणायम का इस्तेमाल कर सकते हैं।

योगासन

योग एक ऐसी विधि है जिसकी मदद से आप बड़े ही आसानी से अपने कई रोगों को खतम कर सकते है । इसमें ह्रदय रोग भी शामिल है। अगर आपको किसी भी प्रकार की ह्रदय संबंधी समस्या है तो आप अपने दिनचर्या में वज्रासन, गौमुखासन,और सर्पासन को शामिल करे। इससे आप अपने ह्रदय और अपने आपको भी स्वस्थ रख सकते हैं।

ह्रदय रोग से बचाव- heart disease se bachaw

कसरत और व्यायाम

आधुनिक अनुसंधानों ने यह भी सिद्ध कर दिया है कि जो व्यक्ति व्यायाम नही करते, अपने दैनिक कार्यों के लिए भी दूसरों पर निर्भर रहते हैं उनमे यह रोग विशेष तौर से पाया जाता है। कसरत कमजोर दिल को भी लाभ पहुचाती है। कसरत से रक्त संचार नियमित हो जाता है। शारीरिक थकान व मानसिक तनाव भी दूर होते हैं। व्यायाम से दिल के आस पास के ऑर्गन भी मजबूत हो जाते हैं। हाल में ही कुछ अन्य अध्ययनों से इस बात ली पुष्टि हुई है, कि कसरत से रक्त में कोलेस्ट्रोल का स्तर कम होता है और इससे रक्त की चर्बी दूर होती है। जो लोग अच्छे से कसरत और व्यायाम पर ध्यान देते हैं वो ह्रदय रोग से दूर होते हैं।

खान-पान सुधारें

यदि खाने पीने और काम करने की कुछ आदतें डाल ली जाएँ तो दिल की बीमारी होने का खतरा बहुत कम रहता है। ह्रदय रोगों का संबंध इस बात से है कि व्यक्ति दिन में कितनी बार खाता है। ऐसे व्यक्ति जो दिन में तीन या चार बार थोड़ा-थोड़ा खाता है, उसे इस रोग से पीड़ित होने की जरुरत नही पड़ती है। रक्त में जो कोलेस्ट्रोल होता है और जिसका संबंध हमेशा ह्रदय रोग से जोड़ा जाता है, वह दिन में कई बार थोड़ा-थोड़ा शुद्ध और जल्दी पचने वाला भोजन करने से कम हो जाता है।

अत्यधिक थकावट से बचें

अत्यधिक थकावट से बचिए यदि आप मेहनत वाला काम कर रहे हैं तो बहुत अधिक थकने से पहले काम बंद कर दीजिये। इससे ह्रदय रोग कम हो जाता है।

 वजन कम करें  

वजन का ज्यादा होना भी ह्रदय रोग का कारण बनता है। मोटे आदमी के शरीर में बहुत ज्यादा फैट और कोलेस्ट्रोल होता है और यही फैट खून के साथ मिलकर पूरे शरीर में घूमता है और हार्ट में भी जाता है जिससे से हमारे ह्रदय पर बुरा असर पड़ता है ।

नशा से दूर रहें

ह्रदय रोगी को नशीले पदार्थों से दूर रहना चाहिए क्यूंकि ये चीजें मस्तिक और पूरे शरीर में संचालित खून को विषैला बना देती हैं और यही खून दिल में जाकर हमारे दिल को कमजोर बनता है जिससे हार्ट अटैक की सम्भावना रहती है। इसलिए ह्रदय रोग से बचने के लिए नशे से दूरी बनाकर रखें ।

ठंडी चीजें कम से कम खाएंं

ठंडी चीजों का सेवन इस रोग में हानिकारक होता है। इसी संबंध में डॉक्टर हमें सलाह देते हैं कि ह्रदय रोगियों को ठंडी चीजें जैसे आइसक्रीम, कोला, फ्रिज का पानी आदि का सेवन नही करना चाहिए। कोल्ड ड्रिंक में उपस्थित कैफीन शरीर में मौजूद fats को फैटी एसिड में बदल देता है जिससे रक्त में कोलेस्ट्रोल की मात्रा बढ़ जाती है। कोलेस्ट्रोल बढ़ने से हमारा ह्रदय रोगों से घिर जाता है और हम ह्रदय रोग के शिकार हो जाते हैं।

अगर हम ऊपर बताये गए सभी बचाव को नियमित रूप से अपनी जिंदगी में इस्तेमाल करेंगे तो हम पर ह्रदय रोग का खतरा नहीं बन सकता है ।

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Shiv Kumar is one of the best writer of lyfcure. All articles are cross-checked by Shiv before being public and if any mistakes happen, He works to correct it and then the health related articles are published. The most special thing is that it is an experienced writer who has done M.Sc from zoology. He has received Naturopathy education from Banda.

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