kabj ka ilaj

हमेशा के लिए कब्ज का शर्तिया इलाज, कारण और लक्षण – kabj ka ilaj,

Posted on

अगर आप हमसे फेसबुक में बात कर के सीधा जवाब पाना चाहते हैं तो नीचे दी गई contact us बटन पर क्लिक करें!

कब्ज तब होता है जब आपके आँतों में मौजूद फिल्टर्ड आहार किसी कारण वश आंत में ही रह जाता है और वह पेट से बाहर जा पाने में सक्षम नही रहता है। इस दौरान खाने के पेट में फसे रहने की वजह से कई तरह की गैसे उत्पन्न होती हैं। इन गैसों की वजह से ही आपको कब्ज की समस्या होती है।

पेट में खाना फसे रहने के पीछे कई कारण हो सकते हैं जैसे कि- गलत खान-पान, जंक फ़ूड का सेवन।इस समस्या से बचने के लिए आपको ज्यादा भटकने की जरूरत नहीं है।हम आपको कुछ इलाज से परिचित कराएंगे जिससे आप अपने कब्ज को दूर कर सकेंगे।

कब्ज होने के कारण- kabj ka karan

आयुर्वेद में कहा गया है कि सभी रोगों का एक ही मूल कारण मल का कुपित होना है। कब्ज स्वास्थ्य का सबसे बड़ा शत्रु है। मल के अधिक समय तक शरीर में रहने से जहरीले और अत्यधिक हानिकारक पदार्थ अधिक मात्रा में बनते हैं और अवशोषण प्रक्रिया द्वारा रक्त में वृद्धि और विकास पर प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं।

दोषपूर्ण खान पान,अधिक स्वादिष्ट भोजन, कम पानी का सेवन और अप्राकृतिक जीवन कब्ज का मुख्य कारण है। प्रोटीन का अत्यधिक सेवन, हरी सब्जियों और मौसमी फलों का कम उपयोग, पेट में कीड़ों का होना, रात में देर तक जागना, जल्दबाजी में बिना चबाए भोजन करना, मादक द्रव्यों का सेवन आदि बातें ही कब्ज का कारण बनती हैं।

खाने में चोकर नहीं शामिल करना

जब तक आप खाने में रफेज को शामिल नहीं करते तब तक कब्ज का इलाज नहीं किया जा सकता है।लोग अक्सर आटे से चोकर को निकल देते हैं। जबकि ये चोकर फाइबर से भरे होते हैं।पेट को फाइबर भरपूर मात्रा में नहीं मिल पाता है और पाचनतंत्र पर असर होता है जिससे कब्ज हो सकता है।

तरल पदार्थ का कम सेवन

फाइबर को काम करने के लिए तरल पदार्थ की जरूरत होती है। इसलिए, यदि आपके पास उच्च फाइबर आहार है तो आपको बहुत सारा पानी पीना होगा।पानी न पीने की वजह से फाइबर सही कार्य नहीं कर पाता है और कब्ज की समस्या होती है।इसके खातिर आप रोजाना कम से कम दो लीटर पानी पीएं।

दवाइयां

स्वास्थ्य समस्याओं के इलाज के लिए ली गई कई दवाओं में उनके दुष्प्रभावों से कब्ज हो सकता है।एंटीहिस्टामाइन्स, एंटीड्रिप्रेसेंट्स, दर्द दवा (कोडेन), एंटासिड्स, और आयरन की खुराक कब्ज का कारण बनती है।

प्रेगनेंसी

गर्भावस्था के दौरान, प्रोजेस्टेरोन (22) के में सीक्रेट होंने के कारण भोजन को आँतों तक पहुँचाने वाली मांसपेशी संकुचित हो जाती है।इस वजह से भोजन सही समय पर बाहर नहीं निकल पाता है और कब्ज हो जाता है।

कब्ज के लक्षण: kabj ke lakshan

  • पेट में गैस।
  • सूजन।
  • पेट भरा महसूस होना।
  • निचले हिस्से पेट में दर्द
  • निचले हिस्से में ऐंठन।
  • सर दर्द।

कब्ज का इलाज- kabj ka ilaj

जामुन का जूस

जामुन के जूस के दो गिलास मात्रा को सेवन करने से कब्ज का इलाज किया जा सकता है। जामुन के जूस का इस्तेमाल कब्ज दूर करने के लिए सदियों से किया जा रहा है।दरअसल, जामुन में फाइबर की भरपूर मात्रा होती है जो आपके पेट में गड़बड़ी और पाचनतंत्र को सही करती है। इसके लिए आप सुबह खाली पेट एक गिलास जूस और रात में सोते वक्त एक गिलास जामुन का जूस पियें।

नींबू का घोल

कब्ज सहित अन्य सभी पेट की समस्याओं को दूर करने में नींबू अपना कार्य बेहतर ढंग से करता है।यह एसिडिक होता है जो कब्ज को आसानी से दूर कर सकता है। इसके लिए आप गुनगुने पानी में एक नींबू निचोड़ लें और घोल को पी लें।घोल दिन में 3 से 4 बार रोज पिएँ। कुछ दिनों के खुराक में आपको कब्ज से मुक्ति मिल जाएगी।

मेथी के पत्ते हैं गुणकारी

कब्ज का इलाज करने के लिए मेथी के पत्तों को काफी गुणवान बताया गया है।इसके खातिर आप मेथी के पत्तों को दिन में 5 से 6 बार चबाए। आपको फर्क नजर आ जाएगा।दरअसल, मेथी एंटी-ओक्सिडेंट और एंटी-बैक्टीरियल गुण से भरपूर है जो कब्ज का नाश आसानी से करती है।

बेल

बेल के गूझे को पानी में घोटकर शक्कर के साथ एक गिलास घोल को पीने से तुरंत आराम मिलता है।यह आँतों में उपस्थित हर तरह के मल को आसानी से बाहर निकाल देता है और कब्ज दूर करता है।

काला नमक 

काला नमक पीस लें और अजवाइन को भी पीस लें। एक चम्मच आजवाइन में एक चुटकी काला नमक मिलाकर मिश्रण का सेवन करें।अजवाइन और काला नमक के चूर्ण का सेवन करने के बाद एक गिलास पानी पिएँ।

धनियाँ को ले प्रयोग में

रात को जब सोने जाएं तो 10 मिनट पहले 1 चम्मच धनियाँ के पाउडर को फांक लें। इससे कब्ज दूर होता है।

इसबगोल की भूसी

कब्ज दूर करने के लिए इसबगोल की भूसी का सेवन कारन आपके लिए हितकारी है। इसके खातिर आप 5 ग्राम भूसी को सोते वक्त दूध के साथ लें।

कुछ फल करें ट्राई

देखा जाए तो कब्ज दूर करने में अमरुद और पपीता का इस्तेमाल करना हितकारी होगा।

शहद और गर्म पानी दूर करते हैं कब्ज

एक गिलास गुनगुने पानी में एक चम्मच शहद मिलाकर घोल को दिन में 4 से 5 बार पिएँ। इससे कब्ज को आसानी से दूर किया जा सकता है।

अलसी

कब्ज दूर करने के खातिर अलसी के 1 चम्मच पाउडर को एक गिलास पानी के साथ पिए। बहुत लाभ होगा

मैग्नीशियम साइट्रेट

मैग्नीशियम साइट्रेट को एक गिलास पानी या रस में मिलाएं और इसे पीएं। आपको कुछ घंटों के भीतर कब्ज से राहत मिलेगी।

यदि आपको मैग्नीशियम साइट्रेट नहीं मिल रहा है, तो आप कब्ज का इलाज करने के लिए मैग्नीशिया के दूध का भी उपयोग कर सकते हैं। एक गिलास पानी के साथ दो चम्मच मिलाएं, और बिस्तर पर जाने से पहले इसे पीएं।

मैग्नीशियम डिहाइड्रेशन का कारण बन सकता है। इसलिए इसका उपभोग करने के बाद बहुत सारा पानी पियें। साथ ही इसे इस्तेमाल करने से पहले एक बार डॉक्टर से सलाह लें।पाचन तंत्र से गुजरते दौरान, ये कंपाउंड आंतों में मौजूद पानी खींच लेते हैं और कब्ज से छुटकारा दिलाते हैं।

फाइबर युक्त आहार का सेवन करें

एक दिन में फाइबर से भरे भोजन को कम से कम दो कप खाएंं। ब्राउन चावल, जई, ब्रोकोली, खुबानी, सेब, आलू सेम इत्यादि फाइबर से भरे होते हैं।

कैस्टर का तेल

रोज सुबह खाली पेट एक चम्मच कैस्टर के तेल को पियें। इससे कब्ज दूर होता है।यदि आपको कैस्टर आयल को पीना मुश्किल लग रहा है, तो आप इसे नींबू के रस के साथ या एक गिलास गर्म दूध के साथ मिला कर पी सकते हैं।

कास्टर तेल कब्ज के इलाज में अच्छी तरह से काम करता है। जब खाली पेट इसे लिया जाएगा तो यह तेल आपके मल को नरम कर देगा और कुछ घंटों के भीतर आपको कब्ज से मुक्ति दिला सकेगा।

हर्बल टी

ग्रीन टी, पिपरमिंट tea और ब्लैक टी कब्ज को दूर करने में सक्षम है।हर्बल टी लैक्सेटिव हैं जो मल को कोमल बनाकर मल को आसानी से निष्काषित करने में मदद करते हैं। इनका सेवन करने से मल चिकनी हो जाती है और आसानी से बाहर चली जाती है और आपको कब्ज से रात मिल जाती है।

जैतून का तेल

रोज सुबह खाली पेट एक चम्मच जैतून का तेल पीने से कब्ज को दूर करने में आसानो होती है।

नारियल का तेल

सुबह आधा चम्मच नारियल का तेल पियें और रात में आधे चम्मच दोबारा से पियें। आप इसे अपने भोजन में भी मिक्स कर सकते हैं।अगर आपको अक्सर कब्ज होता है तो आप इसे अपने नियमित सेवन में जोड़ सकते हैं।

बेकिंग सोडा

एक चम्मच बेकिंग सोडा एक गिलास गर्म पानी के साथ पियें। बेकिंग सोडा से कब्ज दूर होगा।

त्रिफला चूर्ण

त्रिफला के एक चम्मच चूर्ण को एक गिलास पानी में मिलाकर सुबह शाम पीने से कब्ज दूर होता है।

योग से करें कब्ज का इलाज:

योग का प्रभाव शरीर और मन दोनों पर पड़ता है। योगाभ्यास से शरीर की आंतरिक क्रियाओं और अंगों पर विशेष लाभदायक प्रभाव पड़ता है।  जिससे शरीर का हर अंग संतुलित होकर सुचारु रुप से कार्य करने लगता है। योग से किसी भी रोग का निदान संभव है। योग एक निरापद और पूर्ण रुप से वैज्ञानिक चिकित्सा पद्धति है नियमित रूप से योगाभ्यास करने वालों को जीवन पर्यंत कब्ज नहीं होता है। हमने इसके बारे में लेख भी लिखा है जो आप यहाँ पर पढ़ सकते हैं- kabj ke liye yoga

इसके अतिरिक्त कब्ज पीड़ित रोगी के लिए यह क्रियाएं भी काफी उपयोगी हैं

सुबह बिस्तर से उठते ही खूब पानी पिएं, इसके बाद ताड़ासन भुजंगासन और शंखासन कीजिए। इससे पुराना कब्ज भी ठीक हो जाता है। इस योगाभ्यास से पाचन संस्थान पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है साथ ही आँते मैटेरियल्स को बाहर निकालने की प्रक्रिया में जुट जाती हैं। योग कब्ज का प्राथमिक और मुख्य उपचार है।

इससे आँते सबल होती हैं उनकी भोजन को हजम करने और मल बनाकर बाहर निकालने की प्रक्रिया में वृद्धि हो जाती है और वे सुचारू ढंग से कार्य करने लगती हैं। 

लेकिन योगाभ्यास करने से पूर्व कुछ खास बातों का ध्यान रखना भी जरूरी होता है अन्यथा लाभ के बदले नुकसान हो सकता है। योगाभ्यास हमेशा किसी योग विशेषज्ञ की देख रेख में ही करना चाहिए और यह भी ध्यान रखें कि विशेषज्ञ अनाड़ी ना हो।

उपरोक्त आसनों में जो आपके लिए आरामदायक और सुविधाजनक हो उसे ही करें और अपनी शारीरिक क्षमता से अधिक कोई भी आसन ना करें ऐसा करना आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।

कब्ज को कंट्रोल करने कि कुछ टिप्स:

  • अगर आप एक पर्यटक हैं और अक्सर यात्रा करते हैनं तो आपके खाने का टाइम फिक्स होना चहिये।
  • कब्ज की समस्या मल को ज्यादा देर तक रोकने से हो सकती है, इसलिए लेटरिन आने पर तुरंत जाएं।
  • जई, भूरे रंग के चावल, हरी सब्जियां और ब्रोकोली, मीठे आलू, सेम, सेब, आड़ू, नाशपाती, और जामुन जैसे फाइबर में समृद्ध फल खाएंं।
  • दूध और पनीर जैसे डेयरी उत्पादों को खाने से बचना चाहिए। इसके अलावा, कब्ज से राहत पाने के लिए लाल मांस, पैक किए गए या कई दिनों से रखे हुए भोजन, तला हुआ भोजन और केले से बचें।

कब्ज की दवा – kabj ki dawa

  • Bisacodyl tablets.
  • aciloc tablets.
  • Colchicine.
  • Linaclotide tablets.

कब्ज के साइड इफेक्ट्स – kabj ke side effects

  • कम्फर्ट महसूस न करना।
  • पेट फूल जाना।
  • पेट में दर्द।
  • सूजन।
  • उल्टी होना।
  • सर में दर्द।
  • पीठ दर्द (पूरी तरह से या सिर्फ एक तरफ, विशेष रूप से गर्भावस्था के दौरान)
  • छाती में दर्द।
  • पैरों में दर्द।

ऊपर बताए गए सभी उपचार पूर्ण तरह से सुरक्षित हैं और इनके कोई साइड-इफ़ेक्ट नहीं हैं।ऊपर दिए गए जिन उपाय को इतेमाल करने में डॉक्टर से परामर्श की सलाह दी गई है उसमे डॉक्टर से सलाह जरूर करें।

Gravatar Image
Sarthak Upadhyay is a health blogger and creative writer, who loves to explore various facts, ideas, and aspects of life and pen them down. The whole site is managed by him. Writing is his passion and enjoys writing on a vast variety of subjects. Periods, pregnancy, and Home-remedies are his specialty areas.

2 thoughts on “हमेशा के लिए कब्ज का शर्तिया इलाज, कारण और लक्षण – kabj ka ilaj,

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *