कैसे जाने कि गर्भ में लड़का है या लड़की|kaise jane garbh me ladka hai ya ladki

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महिला के प्रेगनेंसी से रिलेटेड कोई समस्या या क्वेश्चन है तो नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स से पूँछ सकते हैं|

महिला के गर्भवती होने पर हर किसी की यही जिज्ञासा होती है कि उसके घर में आने वाला नन्हा मेहमान लड़का होगा या लड़की| कुछ ऐसे तरीके हैं जिनकी मदद से आप यह पता लगा सकते हैं कि आपके पेट में पल रहा शिशु लड़का ही या लड़की| तो चलिए जानते हैं कि बिना अल्ट्रासाउंड के कैसे पता लगाएँ कि पेट में उपस्थित शिशु वास्तव में लड़का है या लड़की| यहाँ पर बताए गए सभी विचार एक बेहतर रिसर्च के बाद सामने आए हैं| आशा करता हूँ गर्भ में लड़का या लड़की के निर्णय मेये काफी उपयोगी साबित होगा|

ब्रैस्ट में निप्पल का रंग कैसा है

जिन महिलाओं के गर्भावस्था के दौरान निप्पल का कलर अगर गधा नजर आता है तो यह बात दावा की जाती है कि पल रहा बच्चा लड़का है|

सुबह उठने पर

अगर महिला सुबह के दौरान उठने में थका हुआ महसूस करती है तो गर्भ में पल रहा शिशु लड़की ही है| यहीं अगर उलटा होता है तो पेट में पल रहा बच्चा लड़का हो सकता है|

 

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स्तन का आकार

अगर आपके राईट स्तन लेफ्ट स्तन के मुकाबले बड़ा है तो पेट में लड़का है और अगर लेफ्ट स्तन बड़ा है तो पेट में पल रहा बच्चा लड़की है|

मीठा सोडा से करें test

महिला सुबह उठते ही अपने मूत्र (यूरिन) को एक कटोरी में रख ले| उस कटोरी में एक चम्मच मीठा सोड़ा डालें| अगर झाग उठता है तो लड़की है| और अगर झाग नहीं उठता है तो लड़की है|

अगर यूरिन है पीला

पेट में पल रहा बच्चा अगर लड़का है तो मूत्र यानि युरिन का कलर गाढ़ा पीला होगा| वहीं अगर पेट में पल रहा शिशु एक बालिका है तो मूत्र का कलर हल्का पीला होगा|

दूध से चेक करे

महिला के स्तन का दूध निकाल लें और उसमे बाल में होने वाली जूँ (जूँआ) डाल दें| अगर जुआ बिना मरे बाहर आ जाए तो लड़का होगा| अगर नहीं आए तो लड़की होगी|

पेट किस direction (दिशा) में उभरा हुआ है

अगर पेट में पल रहा बच्चा पेट में ऊपर की ओर प्रतीत होता है तो यह कहा जा सकता है कि पेट में पल रहा बच्चा लड़की है और यहीं अगर पेट नीचे की और फूला हुआ नजर आता है तो गर्भ में पल रहा बच्चा लड़का है|

आपके मन में यह चल रहा होगा कि महिला का पेट ऊपर की और उठा है तो लड़का होगा या लड़की अथवा महिला का पेट नीचे की तरफ उभरा हुआ है तो लड़का होगा या लड़की| तो इसकी मदद से पता लगा सकते हैं|

 

कैसे पता करे कि पेट में लड़का है या लड़की

 

त्वचा का निखार

गर्भावस्था में अगर त्वचा में निखार हो रहा है तो पेट में पल रहा शिशु लड़का है| वहीं अगर चेहरे में पिम्पल्स आदि कई त्वचा सम्बन्धी समस्याएँ हो रही है तो जरूर लड़की है|

हाँथ कैसे हैं

अगर हाँथ सुंदर,लचीले, गोरे और कोमल है तो गर्भ में पल रहा शिशु लड़की होगी| साथ ही अगर हाँथ मर्दों की तरह कड़क हो गए हैं, निखर गायब हो गया है तो शिशु लड़का है|

दिल की धड़कन कैसी है?

तेज धड़कन गर्भ में पल रहे बच्चे का यह दावा करती है कि वह एक लड़की है| यहीं अगर दिल की धड़कन कम हो तो पल रहा बच्चा लड़का है|

अगर मूड में हो रहा है बदलाव

अगर महिला के मूड में बार-बार बदलाव हो रहा है तो पल रहा बच्चा लड़की है| फॉर example- अभी घूमने का मन था लेकिन, कुछ ही देर में घूमने के बजाय टी.वी देखने का मन करने लगे|

 

 अन्य लक्षण:

अगर होगी लड़की तो क्या होगा?

  1. हिप्स (पिछवाड़ा) में उभार|
  2. महिलाएं जो लड़की को स्थान दिए रहती हैं वे अक्सर दाहिने और सोती हैं|
  3. अगर गर्भ में लड़की है तो बाल बेजान नजर आने लगते हैं|

अगर लड़का होगा तो क्या होगा?

  1. महिला के हांथों और पैरों में सीजन के मुताबिक ज्यादा ठंडाहत महसूस होगी|
  2. सिर में अक्सर दर्द होना|
  3. वजन का ज्यादा हो जाना भी गर्भ में लड़के का दावा करता है|
  4. ऐसी महिलाएँ हमेशा लेफ्ट साइड में ही स्लीप्प करना पसंद करती हैं|

 

पुराने समय में मानते थे इन बातों को आधार
गर्भ में बालक है या नहीं इसका निर्णय अत्यंत विचारणीय है | समस्त संसार में इस विषय पर अन्वेषण (खोज) हुआ है फिर भी निश्चित सिद्धांत पर आजकल के वैज्ञानिक नहीं पहुंच पाए हैं | इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए हमारे ऋषि मुनि ने अत्यंत गहरा विचार किया था | अतः मैं प्रथम पूर्व आचार्यों के इस कथन को आपके समक्ष उपस्थित करता हूं कुछ लक्षण ऐसे भी हैं जिनमें यह भी पहचाना जा सकता है कि गर्भ में लड़का है या लड़की l
कैसे जाने कि गर्भ में लड़का है या लड़की

ऋषि मुनियों द्वारा अन्वेषण

 

 जिस गर्भवती के दाहिने स्तन में प्रथम दुग्ध दृष्टिगोचर हो तथा दाहिनी आंख कुछ कुछ भारी जान पड़े और दाहिनी ही stan में भारीपन, लड़का दाहिनी कोख में रहता है और गर्भवती के गर्भाशय में दूसरे महीने से गोल पिंड सा मालूम होने लगता है जिस स्त्री के गर्भ में पुत्र होता है उसका दाहिनी कोख भारी तथा दाहिनी आंख कुछ बड़ी दिखने लगती है और दाहिनी जांघ मोटी हो जाती है | स्त्री जो भी काम करती है वह दाएँ अंग से ही प्रारंभ करती है उठते वक़्त दाहिना हाथ देखकर उठती है चलते समय दाहिना पैर आगे उठा कर चलती है अर्थात दाहिने अंग का उपयोग वह अधिक करती है |
‘कैसे जाने कि गर्भ में लड़का है या लड़की’
दाहिना अंग अधिक भारी हो जाता है, पेट के दाहिने भाग में गर्भ का लक्षण मालूम होता है और प्रथम दाहिने स्तन से ही दूध उत्पन्न होता है, पुरुष नाम वाली वस्तुओं पर उसकी इच्छा होती है, पुरुषवाचक द्रव्यों को चाहे तथा स्वप्न में कमल कुमुद आंवला आदि पुरुष नाम वाचक पदार्थ को देखें या प्राप्त करें, पुरुष संघ 
(यौनक्रिया) की इच्छा बिल्कुल नहीं होती, खाने पीने की इच्छा कम होती है, अच्छी अच्छी खाने की वस्तुओं की इच्छा होती है और निद्रा कम आती है, मुक्त तथा रूप सुंदर हो तो कहना चाहिए कि उसके पुत्र होगा और उसके ठीक विपरीत होने पर कन्या होगी ऐसा समझना चाहिए l

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 कई अन्य विचार 
1.    अगर दाईं आंख के नीचे नीले रंग का वक्र हो, अधिक बिगड़े हुए वर्ड वाला ना हो तो निश्चय ही पुत्र होगा यदि यही चिन्ह बाई आंख में दृष्टि पड़े तो निश्चय ही पुत्री होगी |
2.    गर्भवती के दुग्ध की एक बूंद साफ जल से भरे हुए एक पात्र में डालो यदि दूध की बूंद जैसी की तैसी पात्र में बैठ जाए तो कन्या और दुग्ध बिंदु फैल जाए अथवा तैरती रहे तो लड़का उत्पन्न होगा |
3.    गर्भवती के दूध को कांच के आईने पर छोड़ दो उस पर एक जूँ डुबो कर रख दो | अगर जूँ जीवित दूध से बाहर निकल आए तो लड़की होगी अन्यथा लड़का होगा |
4.    गर्भ कच्छ में पुत्र प्रथम सदैव दाएं और प्रतीत होता है | दाई छाती बाई की अपेक्षा कठोर तथा किंचित कृष्ण वर्ण होती है | दाएं स्तन में बाएं स्तन से अधिक पुष्ट और रक्तवर्ण होता है | इससे जब भिन्न अवस्था हो तो गर्भ में लड़की होती है l
5.    अगर कोई जानना चाहे कि गर्भ में लड़का है या लड़की तो स्तन का थोड़ा दूध लेकर उसमें थोड़ा पानी मिला दे अगर रंग सुर्ख हो जाए तो लड़का, अगर जर्द हो जाए तो लड़की l
“कैसे जाने कि गर्भ में लड़का है या लड़की
 यूनानी चिकित्सकों का निर्णय 
 संभोग समय में अगर पुरुष के दाएं अंडकोष से वीर्य, स्त्री के दाएं कोख में गिरे तो लड़का और पुरुष के बाएं कोष से स्त्री के बाएं कोष में गिरे तो कन्या उत्पन्न होती है | जो स्त्री के बाएं कोष में पुरुष के दाहिने कोष से वीर्य गिरे तो स्त्री की चेष्टा वाला लड़का होगा और पुरुष के बाएं अंडकोष से स्त्री के दाहिने कोष में गिरे तो पुत्री किंतु पुरुष की सी इच्छा वाली होगी l

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 वैज्ञानिकों का निर्णय

 इस विषय पर कोई सर्वमान्य सिद्धांत स्थिर नहीं हो सकता | हाँ बहुत से पाश्चात्य वैज्ञानिकों का ऐसा निर्णय है कि स्पर्मतोज्वा डिंब में प्रविष्ट होने पर अगर वह बलवान हो तो पुत्र होता है और अगर युवा की न्यूक्लियस बलवान हो तो कन्या होती है | आधुनिक विज्ञान अनुसार पुत्र पुत्री होना कुछ प्रकार के क्रोमोसोम के automosis से मिलने के आधार पर है | अगर x और x chromosome का मिलन हो तो लड़की और अगर x और y chromosome का मिलन हो तो लड़का होता है |

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