kidney problems in hindi kidney kharab hone ke lakshan

किडनी रोग के लक्षण: kidney kharab hone ke lakshan-kidney problems in hindi

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kidney kharab hone ke lakshan: हमारे शरीर में किडनी का एक बहुत बड़ा स्थान होता  है जो शरीर से विषाक्त पदार्थ को बाहर निकलने में आपकी मदद करता है। यूं कहा जाए तो शरीर की सर्विसिंग का कार्य हमारी किडनी ही करती है। अगर आपकी किडनी खराब हो जाए तो शरीर से  विषाक्त पदार्थ और वेस्ट मैटेरियल्स का सेक्रेशन अच्छी तरह से नहीं हो पाएगा और अप बीमार पड़ जाएंगे और बात यहाँ तक बिगड़ सकती है कि आपकी मौत भी हो सकती है। किडनी रोग के लक्षण –  अगर आप किडनी के फेलियर होने के लक्षण को समय रहते जान लेते हैं तो आप अपने किडनी को खराब होने से बचा सकते हैं और अपने सेहत का ख़याल अच्छी तरह से रख सकते हैं। इन बातों का ख़याल रखते हुए और आपके स्वास्थ्य को सबसे बड़ी प्राथमिकता देते हुए आज हम इस लेख में किडनी की सभी समस्याओं के बारे में बताएँगे। जिनमे किडनी फेल होने के लक्षण भी होंगे। kidney problems in hindi

तो ये हैं किडनी के फ़ैल या ख़राब होने के लक्षण

पेशाब में शक्कर आना-  रोगी को पेशाब में शक्कर आता है। – किडनी रोग के लक्षण
पूरे शरीर में सूजन आ जाना या किसी एक अंग में सूजन आना।
दर्द के साथ पेशाब आना
अचानक से पेशाब निकल जाना
बूंद बूंद पेशाब टपकना kidney problems in hindi
पेशाब के साथ खून निकलना
सांस लेने में समस्या आती है।
शरीर में पीठ वाले हिस्से में दर्दनाक पीड़ा होना। – किडनी रोग के लक्षण
अगर मूत्र में झाग आता है तब भी किडनी फ़ैल के लक्षण को कहा जा सकता है।
शरीर में कमजोरी महसूस होना भी किडनी के फ़ैल होने के लक्ष्ण में से एक है।
बुखार इसके सही लक्षण हैं। कुछ केसों में बुखार बारी-बारी से आता है। पुराने केसों में लगातार बुखार हो सकता है। गुर्दे में गांठ के कारण अनियमित बुखार भी हो सकता है। kidney problems in hindi

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kidney kharab hone ke lakshan  yaani “kidney problems in hindi”।।kidney problems ही किडनी खराब होने के लक्षण हैं। नीचे दिए गए सभी लक्षण किडनी problems ही हैं। यूँ कहे तो चाहे आप किडनी खराब होने के लक्षण कह लीजिये या फिर  किडनी प्रॉब्लम। 

मूत्र में कमी निकली (low output of urine)

kidney kharab hone ke lakshan: अगर दिन में पेशाब की निकासी की मात्रा 400 मिली मीटर से कम हो तो इसे ओलिगोरिया कहते हैं। अगर यह 100 मिलीलीटर से कम हो जाए तो इसे अनुरिया कहते हैं। कभी-कभी पूरी तरह पेशाब बंद हो जाता है। ओलिगोरिया और अनुरिया दोनों आघात, फेफड़े की विफलता, गुर्दे की नलियों की सूजन और गुर्दे की विफलता की प्राथमिक अवस्था  है। किडनी रोग के लक्षण

कभी-कभी आंतरिक रूकावट के कारण भी कम मात्रा में पेशाब निकलता है।

पेशाब अधिक होना (high output of urine)

 अगर पेशाब की मात्रा 3000 मिलीलीटर से अधिक हो तो उसे पोली यूरिया कहते हैं। गुर्दे की सूजन, मधुमेह और पेशाब लाने वाली दवा दे कभी-कभी अधिक उपयोग के परिणाम स्वरुप गुर्दा द्वारा पेशाब न छानने की स्थिति के कारण यह रोग होता है।

 

रात में पेशाब अधिक निकलना (nocturia- passing more urine)

जब दिन की अपेक्षा रात में पेशाब अधिक होता है जिस कारण नींद में व्यवधान पड़ता है उसे नोकटारिया कहते हैं। यह मधुमेह, खून के जमा होने से होने वाली फेफड़ों की विफलता या गुर्दे की खराबी के लक्षण हो सकते हैं।kidney problems in hindi

 

मूत्र निकालने वाले अंग में दर्द महसूस होना (feeling of pain from exceretry organs)

kidney kharab hone ke lakshan: गुर्दा में दर्द का मंद होना, कमर और कूल्हे में दर्द होना। पेडू में दर्द और सामान्य रूप से पेट के निचले भाग में दर्द, मूत्राशय के रोग, प्रोटेस्ट ग्लैंड और पेशाब की नली में संक्रमण के लक्षण हैं।

पेशाब के साथ खून निकलना (passing blood in urine)

kidney problems in hindi: पेशाब में खून आना, गुर्दे की गुच्छेदार नलियों में सूजन या खून की कुछ गड़बड़ियों या पथरी या गांठ के कारण हो सकता है। अगर आप पेशाब के शुरू, मध्य और अंत में मूत्र जमा करें और खून की स्थिति को निर्धारित करें। गुर्दे के गुच्छेदार नलियों की सूजन में पेशाब में खून एक समान रहता है। पेशाब का रंग लाल का मतलब पेशाब में खून की मौजूदगी नहीं है यह कई पदार्थों के कारण भी हो सकता है। रोग संबंधी जांच पर्याप्त परिणाम देगा। किडनी रोग के लक्षण

पेशाब में शक्कर आना (diabetes mellitus)

kidney kharab hone ke lakshan: पेशाब में शक्कर आने की बीमारी से पीड़ित रोगी को गुर्दा रोग होता है। अगर मधुमेह लगातार 15 वर्षों से अधिक समय तक अनियंत्रित रहे तो गुर्दे के सारे अंग प्रभावित होते हैं। उच्च रक्तचाप और मधुमेह पर पर्याप्त नियंत्रण गुर्दा रोग होने की दर को कम करता है।

जोड़ों का दर्द (arthritis)

जोड़ों के दर्द के कुछ केसों में गुर्दा की नलियां भी प्रभावित होती हैं क्योंकि जोड़ों के दर्द को दूर करने वाली दवाएं गुर्दा की क्रियाओं का विनाश कर देती हैं।

 

मूत्राशय की सूजन (cystitis)

kidney problems in hindi: अगर पेशाब का संक्रमण मूत्राशय तक पहुंच जाता है या प्रभावित करता है तो इसे मूत्राशय का सूजन कहते हैं। जीवाणु के कारण मूत्राशय में तेज सूजन होने के कारण पेशाब बार बार आता है, तेजी से आता है। पेशाब में रुकावट और दर्द, रात में पेशाब की अधिकता और बुखार के बाद कमर दर्द और ठंडा लगना हो सकता है। पेशाब में गुर्दे से खून निकलना, पेशाब में मवाद निकलना, पेशाब में जीवाणु निकलना भी संभव हो सकता है। किडनी रोग के लक्षण

पेशाब में असामान्यता (urinary abnormalities)

kidney problems in hindi: अगर पेशाब में प्रोटीन, दिन में 150 मिलीलीटर से अधिक निकलता है, पेशाब में खून निकलता है, पेशाब में मवाद आता है और कई लक्षण दिखते हैं तो ऐसे आदमी को पर्याप्त जांच करवा कर गुर्दे की क्रिया को देख लेना चाहिए जो प्रभावित हुई है।

 

सामान्य मूत्र संबंधी लक्षण (common urinary symptions)

निम्नलिखित मूत्र संबंधी लक्षण और संकेत करते हैं। मूत्र संबंधी रोग, मूत्राशय और पेशाब की नलियों के रोग की ओर जो गुर्दे के रोग का कारण बनती है। जैसे ही यह लक्षण दिखाई दे वैसे ही पर्याप्त चिकित्सा कर गुर्दे को विनाश से बचाना चाहिए। किडनी रोग के लक्षण

दर्द के साथ पेशाब आना (dysuria)

kidney kharab hone ke lakshan: दर्द और कठिनाई से पेशाब आने को डायसुरिया कहते हैं। मूत्र संबंधी क्षेत्र में संक्रमण, पथरी, मूत्रासय बढ़ने या पेशाब की नली में संक्रमण के कारण हो सकता है।

 

तुरंत पेशाब निकल जाना (urgency to pass urine)

kidney problems in hindi: अचानक और अनियंत्रित पेशाब करने की आवश्यकता और कभी-कभी पेशाब का अचानक निकल जाना, मूत्राशय की सूजन और मूत्र नली में संक्रमण इसका कारण हो सकता है।

 

दर्द के साथ पेशाब निकलना (painful urination)

जब मूत्राशय खाली हो फिर भी दर्द के साथ पेशाब की इच्छा हो तो यह पेशाब में संक्रमण के कारण हो सकता है।

 

बार-बार पेशाब निकलना (passing urine frequently)

kidney kharab hone ke lakshan: सामान्य रूप से मूत्राशय में 500 मिलीलीटर पेशाब जमा रहती है, और एक आदमी दिन में 4 या 5 घंटे के बाद पेशाब करता है और सोते समय पेशाब के लिए उठने की आवश्यकता नहीं है। बार-बार पेशाब करने का मतलब है मूत्राशय की क्षमता का कम हो जाना। यह सूजन की बीमारी गांठ, अधिक उत्तेजना या अवरोध के कारण हो सकता है। ऐसी हालत में हर बार पेशाब करने पर पेशाब की मात्रा घटती है। जो सर्दी के मौसम में अन्य मौसम की अपेक्षा बार-बार पेशाब करते हैं यह कोई रोग के लक्षण नहीं है। किडनी रोग के लक्षण

पेशाब का नहीं निकलना (inability to pass urina)

मूत्रासय में जमा पेशाब का नहीं निकलना। नाड़ी रोग या पेशाब की नली बंद हो जाने के कारण ऐसा हो सकता है। बड़ा प्रोस्टेट नलिका और पेशाब की नली में पथरी या मूत्राशय में गांठ आदि पेशाब बंद होने के सामान्य कारण हैं।

 

पेशाब का रिसाव (leakage of urine)

kidney kharab hone ke lakshan: मद्रासी द्वारा किसी मात्रा में पेशाब को ना रख पाने के कारण पेशाब का रिसाव होता है। पेशाब की नली के रिंग, मांसपेशियों के विनाश या लकवा मारने के कारण भी ऐसी अवस्था होती है।

बूंद बूंद पेशाब टपकना (dribbing of urine)

जब मूत्राशय में क्षमता से अधिक पेशाब भर जाता है तो पेशाब बूंद बूंद टपकने लगता है। कभी-कभी पेट के दबाव जो खांसने छींकने और अधिक हंसने के कारण उत्पन्न होता है उसके परिणाम स्वरुप बूँद-बूँद पेशाब टपकता है।

निद्रा अवस्था में पेशाब निकलना (passing urine during sleep)

बिना अभिप्राय के नींद में पेशाब निकल जाना इन यूरेसिस कहलाता है। यह बच्चों में सामान्यतः होता है। नाड़ी दोष संक्रमण रूकावट के कारण मूत्र निकासी पर नियंत्रण न रख पाने या मूत्राशय के अविकसित होने के कारण यह बूंदों में टपकता है।

किडनी खराब होने के कारण:

 

पेशाब की दैनिक निकासी (daily output of urine)

सामान्य मनुष्य में पेशाब की दैनिक निकासी तरल पदार्थ का सेवन करने और मौसम के अनुसार 500 मिलीलीटर 2500 मिलीलीटर तक होती है। पूरे मूत्र का दो तिहाई हिस्सा दिन में निकासी होता है और एक तिहाई हिस्सा रात में निकासी होता है। इसकी मात्रा में बदलाव गुर्दा के रोग का कारण हो सकता है।

 

चूहा कुत्ता और बिल्ली पर बैठने वाले जीवाणु द्वारा मनुष्य को होने वाले रोग (systemic lupus erythematiosus),

यह एक प्रकार का उपस्थिति रोग (कड़ी, लचीली हड्डी का रोग) है। चमड़े पर लाल चकत्ते बनते हैं और पूरे शरीर पर फैल जाते हैं। यह रोग गुर्दे की क्रियाओं को प्रभावित करता है और गुर्दा में सूजन पैदा करता है जिस कारण अचानक लंबी अवधि में गुर्दा की विफलता उत्पन्न होती है।

 

गुर्दा का टी.बी (tuberculosis of kidney)

अगर गुर्दा T.B के द्वारा प्रभावित हो और स्थिर ना रखा जा सके या इसकी बढ़ने की गति ना रोकी जा सके तो यह घातक अवस्था में पहुंचेगा और गुर्दा को खराब कर देता है।

Polyartenitis nudosa

kidney problems in hindi: यह एक प्रकार का उपस्थिति रोग (कड़ी, कच्ची लचीली, हड्डियां) है जहां शरीर के कई भागों के धमनी की दीवारों में सूजन उत्पन्न होकर दमा, उच्च रक्तचाप और गुर्दा की विफलता का कारण बनती है।

 

गठिया (gout)

गठिया के केस में जब प्लाज्मा यूरिक एसिड अधिक बढ़ता है तो गुर्दा में विकृति उत्पन्न होती है। पुराने गठिया रोगी को आगे चलकर गुर्दे की विफलता का सामना करना पड़ सकता है।kidney problems in hindi:

 

हृदय के वाल्व का जीवाणु द्वारा संक्रमण (bacterial infection of the heart valves)

 हृदय के वाल्व में स्ट्रेप्टो-कोक्स और स्ट्रेफाइलोकोक्स जीवाणु के संक्रमण से गुर्दे की नलियों में प्रतिरोधक मिश्रण बन सकता है जिससे गुर्दे की नली में जलन, गुर्दे का सूजन तथा गुर्दे में अधिक दर्द उत्पन्न हो जाएगा। किडनी रोग के लक्षण

 

गुर्दे में पथरी (nephrolithiasis, kidney stone)

गुर्दे में पथरी का मौजूद रहना या पेशाब निकलना, गुर्दे में दर्द और पेशाब में खून निकलने की निशानी है। पेट का एक्सरे करवाने से पथरी की मौजूदगी देखी जा सकती है।

गुर्दे की नली की खराबी- 

गुर्दे की नली में जीवाणु इकट्ठा होने के कारण गुर्दे की क्रिया में गड़बड़ी उत्पन्न हो जाती है।

Urinary tract infections that lead to kidney disease

मूत्राशय भाग वह जगह है जहां जीवाणु आसानी से संक्रमण पैदा करते हैं। महिलाओं में यह रोग अधिक होता है। कुछ संक्रमण गुर्दे को भी प्रभावित कर सकते हैं।

जीवाणु के कारण गुर्दा के आवाज में तेज जलन (acutepyelonephritis)

kidney kharab hone ke lakshan:: यह गुर्दे और उसके आसपास का सूजन है। बुखार जाड़े के साथ कमर दर्द इसके लक्षण हैं। पेट में ऐसा दर्द होता है जैसे, एपेंडिसाइटिस का दर्द। उच्च रक्तचाप और बच्चों में आघात बुखार, उल्टी, पेट में दर्द और रात में दर्द के साथ पेशाब निकल जाना आदि लक्षण है। पेशाब का पीला और खून लगा हुआ होना पेशाब की जांच में पस सेल इराइथरोसाइट्स, ल्युकासाइट्स कासत और जीवाणु निकलते हैं। पेशाब में प्रोटीन निकलता है। इस केस में गुर्दा की विफलता होती है। किडनी रोग के लक्षण

 

जीवाणु के कारण गुर्दा के फौज में पुराना जलन (chronicpyelonephritis)

kidney problems in hindi: जीवाणु के द्वारा बार-बार पेशाब के संक्रमण के कारण गुर्दा का पुराना सूजन उत्पन्न होता है। इस कारण गुर्दा की क्रिया अनियमित, पेशाब की अधिकता, रात में पेशाब की अधिकता, उच्च रक्तचाप, हड्डी का दर्द और पेशाब में खून आने का लक्षण दिखाई पड़ता है।

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