लड़का होने के लिए 30 उपाय और पुत्र प्राप्ति मन्त्र - ladka hone ke upay

लड़का होने के लिए 23 उपाय और पुत्र प्राप्ति मन्त्र

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लड़का होने के लिए 30 उपाय और पुत्र प्राप्ति मन्त्र - ladka hone ke upay

लड़का होना किस बात पर आधारित है

महिला के अंडकोष में दो तरह के क्रोमोजोम पे जाते हैं। पहले क्रोमोजोम का नाम X होता है और दुसरे क्रोमोसोम का नाम भी X होता है। ठीक इसी तरह पुरुष के वी*र्य में एक X  और दूसरा Y क्रोमोजोम मौजूद होता है। सम्भोग के दौरान पुरुष के वीर्य में मौजूद स्पर्म यह तय करेगा की लड़का होगा या लड़की।

महिला का जननांग अम्लीय होने की वजह से वीर्य में मौजूद बहुत सारे शुक्राणु मर जाते हैं और सिर्फ एक शुक्राणु ही महिला के अंडकोष तक पहुँच पाता है। अगर उस शुक्राणु  में x क्रोमोजोम होता और अन्दर जाकर महिला के क्रोमोजोम से मिलता है तो x और x क्रोमोजोम के मेल से लड़की का भ्रूण तैयार होता है।

यहीं पर अगर पुरुष के शुक्राणु से y क्रोमोजोम महिला के क्रोमोजोम से मिलता है तो y और x क्रोमोजोम के मेल से लड़के का भ्रूण तैयार होता है। इस तरह से लड़का या लड़की को जन्म देने के लिए सिर्फ और सिर्फ पुरुष को ही जिम्मेदार माना जाता है।

साइंटिफिक रूप से तो x और y क्रोमोजोम यह सुनिश्चित करते हैं कि लड़का होगा या लड़की। लेकिन कुछ ऐसी टिप्सऔर मन्त्र हैं जिसे पुराने किताबो में बताया गया है और जिसकी मदद से आप बच्चा लड़का पैदा कर सकते हैं। इसके लिए आप नीचे दिए गए लड़का होने के उपाय को प्रयोग में लाएं।

लड़का पैदा करने के लिए 23 उपाय

पुत्र प्राप्ति मन्त्र या कोई टोटका या उपाय समझ नहीं आता है या उपयोग करने के तरीके से कंफ्यूज हैं। तो आप निःसंकोच कमेन्ट के जरिए आप हमसे पूँछ सकते हैं।

जड़ी बूटियों से पूरी करें मनचाही संतान की मुराद

अच्छी संतान की कामना सबको होती है, लेकिन आदमी जैसा सोचता है या इच्छा करता है वैसा हमेशा नहीं होता है। कुछ स्त्रियों में गर्भ ना ठहरने की समस्या होती है,  कुछ में गर्भपात होने की समस्या रहती है, कुछ स्त्रियां ऐसी भी होती हैं जो मृत बच्चों को जन्म देती है और कुछ की संतान मंदबुद्धि या बीमार ही पैदा होती है। इन सभी के साथ कई महिलाएं ऐसी होती हैं जिनमें सिर्फ और सिर्फ पुत्रियां ही पैदा होती है पुत्र रत्न की प्राप्ति उन्हें नहीं होती है।

इन स्त्रियों को पुत्र ना होने के दोष से मुक्ति के कुछ अनुभूत टोटके यहां दिए जा रहे हैं जिनका आस्था पूर्वक प्रयोग करने से उन्हें अवश्य ही लड़के की प्राप्ति होगी।

लड़का होने के उपाय में नींबू और दूध

दूध में बिजौरे नींबू की जड़ पकाएं और घी डालकर पिए। इस औषधि को मासिक धर्म के दिनों में शुरू कर देना चाहिए और मासिक धर्म के बाद पति पत्नी को संबंध बनाना चाहिए।

अपामार्ग की जड़ है लड़का पैदा करने का तरीका

किसी शुभ नक्षत्र में अपामार्ग की जड़ ले आएं और उसे जलाकर भस्म बना ले गाय के दूध में इस भस्म को मिलाकर पति-पत्नी दोनों ही पिएं इस प्रयोग को करने से लड़का ही होता है।

सफेद आक की जड़

रवि पुष्य योग में सफेद आक की जड़ गले में बांधने से भी गर्भ की रक्षा होती है इसके लिए लाल धागा का ही प्रयोग करें।

नागकेसर का चूर्ण

नागकेसर के चूर्ण को बछड़े वाली गाय के दूध के साथ 7 दिनों तक स्त्री को देने से और घी, दूध एवं पौष्टिक भोजन करने से पुत्र रत्न की प्राप्ति होती है।

मदार की जड़ का प्रयोग

मदार की जड़ को शुक्रवार के दिन शुभ नक्षत्र में लाकर कमर में बांधने वाली स्त्री को पुत्र पैदा होता है।

लड़का पैदा करने के उपाय के लिए खास है कदम्ब के पत्ते

कदंब के पत्ते, सफेद चंदन और कटेरी की जड़ को बराबर मात्रा में लेकर बकरी के दूध के साथ पीसकर स्त्री को पिलाने से पुत्र संतान ही होती है।

बेलपत्र है कारगर

बेलपत्र को अश्विनी नक्षत्र में तोड़े और एक रंग वाली गाय के दूध में पीसकर 40 दिन तक पुत्र की चाह रखने वाली स्त्री को सेवन कराएं इससे बांझपन भी दूर होता है और पुत्र रत्न की प्राप्ति भी होती है।

लक्ष्मण का पौधा है उपाय

शुभ मुंहूर्त या गुरु पुष्य योग में लक्ष्मण पौधे को लाकर एक रंग वाली गाय के दूध में पीसकर मासिक धर्म होने के बाद से अगले मासिक धर्म के होने तक सेवन करने से गर्भधारण हो जाता है और पुत्र संतान की संभावना बढ़ जाती है।  इसके प्रति विश्वास और आस्था का होना जरूरी है।

गर्भ में लड़का कैसे हो में काम करेगी नींबू की जड़

नींबू के पुराने पेड़ की जड़ को दूध में पीसकर घी मिलाकर पीने से स्त्री दीर्घायु पुत्र और लड़का प्राप्त करती है।

अपराजिता की जड़

मासिक धर्म के खत्म होने के बाद काली अपराजिता की जड़ को बछड़े वाली गाय के दूध के साथ मात्र 3 माह तक पीने से बाँझ स्त्री भी गर्भवती हो जाती है।

सहदेवी का पौधा

सहदेवी के पौधे को किसी भी शुभ मुंहूर्त में लाकर उसे कूट छानकर चूर्ण बना लें और मासिक धर्म के 5 दिन पूर्व तथा 5 दिन बाद तक इस चूर्ण का सेवन करने से महिला पुत्र संतान प्राप्त करती है।

कुछ ख़ास मसालों का प्रयोग

गोखरू, लाल मखाने, शतावर, कौंच के बीज, नागबाला और खरेंटी बराबर मात्रा में पीसकर रख लें।  इस चूर्ण को रात में 5 ग्राम दूध के साथ लेने से लड़का होता है।

जटामांसी के पत्ते से

सफेद कटेली तथा जटामांसी के पत्ते को बराबर भाग में पीसकर दूध दुहते समय नेचुरल रूप से निकलने वाला हल्का गर्म दूध के साथ कुछ रोज तक पीने से पुत्र लाभ होता है।

लड़का होने के लिए पुत्र प्राप्ति मंत्र

पहला मन्त्र

एक थाली में पीले फूल की पंखुड़ियां डालकर प्रतिष्ठित संतान गोपाल यंत्र  स्थापित करें. यंत्र का पूजन फूल कुमकुम अक्षत से करें, यंत्र के दोनों ओर घी का दीपक जलाएं और ओम हरिवंशराय पुत्रान् देहि देहि नमः।। मंत्र का जाप पुत्र जीवी माला से 108 बार प्रतिदिन करें । यह प्रयोग 21 दिन तक लगातार करने से सफलता मिलती है।  21 दिन के बाद यंत्र तथा माला बहते जल में प्रवाहित कर दें।

दूसरा मन्त्र

घर में 21 तोले का प्राण प्रतिष्ठित पारद शिवलिंग स्थापित करें और हर सोमवार को सिर धो कर पीठ पर बाल फैला कर पुत्र की इच्छा रखने वाली स्त्री ॐ नमः शिवाय मंत्र का उच्चारण करते हुए इस पारद शिवलिंग पर धीरे-धीरे जल चढ़ाएं और सात बार उस जल को पी लें। यह प्रयोग सोलह सोमवार करने से पुत्र रत्न की अवश्य ही प्राप्ति होती है।

तीसरा मन्त्र

 ओम हीं फैं एकांती देव्यैनमः।

यह एकांति देवी का मंत्र है। देवी की छवि का ध्यान कर सामने कोई स्वरुप रख कर पूजा कर ले। स्वरूप के रूप में तलवार धनुष त्रिशूल आदि रखे जा सकते हैं।  भोजपत्र पर ऊपर दिए गए मंत्र लिख कर इस मंत्र की पूजा धूप, दीप और प्रसाद, फूल, सुगंध, आदि से करें और देवी से प्रार्थना करें कि वह आपको पुत्र संतान दे। लाल कंबल या कुशा के आसन पर बैठे। इससे आपको लड़का ही होगा।

चौथा मन्त्र

छठी मैया (षष्ठी माँ) का एक साल तक पूजन-अर्चन करने से पुत्र संतान की प्राप्ति होती है।  इसके साथ ही ओम हीं षष्ठी देव्यै स्वाहा मंत्र का प्रतिदिन 108 बार जाप करें और षष्ठी देवी चालीसा का पाठ भी करें।

लड़का होने के लिए तांत्रिक प्रयोग और उपाय

विज्ञान कितनी भी उन्नति कर ले लेकिन वह तांत्रिक प्रयोगों को झुठला नहीं सकता है हमारे धर्म ग्रंथों में पुत्रेष्टि यज्ञ से संतान पाने का भी प्रमाण है और तांत्रिक प्रयोगों से भी यहां कुछ संतान प्राप्ति के सहज तांत्रिक प्रयोग हम उन पाठकों के लिए दे रहे हैं जो पुत्र संतान के लिए तरस रहे हैं।

लाल गूंजा मददगार

लाल गुंजा की जड़ को पंडित से पूछ कर शुभ योग में तांबे की ताबीज में भरकर भुजा या कमर में धारण करने से स्त्री को लड़का ही होता है।

नींबू में तन्त्र

एक बिना दाग का नींबू का रस निचोड़ लें इसमें थोड़ा सा नमक मिला लें। इस रस को लड्डू गोपाल के सामने कुछ समय तक रखें। रात को सोने से पहले स्त्री इस रस को पीकर पति के साथ संबंध बनाती है तो उसे लड़के की प्राप्ति होती है यह प्रयोग सिर्फ एक बार ही करें।

सूर्य देव

पुत्र रत्न की चाह रखने वाली स्त्री रविवार को प्रातः काल उठकर सिर धो कर खुले बाल फैला कर उगते सूर्य को जल दे तथा उनसे योग्य एवं बुद्धिमान पुत्र प्राप्त की प्रार्थना करें तो उससे उसकी मनोकामना अवश्य ही पूरी होती है। इस प्रयोग को 16 रविवार तक करना चाहिए।

आराधना करें सूर्ययंत्र की

अपने घर में सोने या चांदी से निर्मित सूर्य यंत्र की स्थापना पुत्र रत्न की चाह रखने वालों को करना चाहिए और प्रतिदिन यंत्र को पूर्व दिशा की ओर रखकर उसकी तरफ मुख कर कर बैठ कर दीपक जलाकर यंत्र और सूर्य देव को प्रणाम करना चाहिए।  इसके साथ ॐ सूर्याय नमः!! मंत्र का 108 बार जप करना चाहिए । दीपक में चारों तरफ बत्तियां होनी चाहिए और यह दीपक मंत्र के करने के अंत तक जलते रहना चाहिए।

शमशान की मिटटी

मंगलवार को मिट्टी के बर्तन में शुद्ध शहद भरकर ढक्कन लगा दें और इसे शमशान की भूमि में गाड़ आए इससे पुत्र संतान की प्राप्ति होती है।

पानी का स्त्रोत भी यह तय करती है कि लड़का कैसे पैदा होता है

घर में बोरिंग पानी का टैंक या कुएं का उत्तर पश्चिम कोण में होना भी संतान उत्पत्ति में अड़चन पैदा करता है। उपचार के लिए पंचमुखी हनुमान जी का चित्र ऐसे लगाएं कि वह पानी को देखें

कुछ ख़ास तंत्र

  • संतानहीन स्त्री रविवार को प्रातः सूर्योदय से पहले स्नान कर प्रातः कालीन लालिमायुक्त सूर्य को दूध मिश्रित जल का अर्थ देती है तो उसे पुत्र रत्न की प्राप्ति होती है ऐसा साथ रविवार करना चाहिए ऐसा करने से दीर्घजीवी और सेहतमंद संतान जन्म लेती है सूर्यदेव को जल देते समय उनसे प्रार्थना करें कि हे भगवान मुझे अपने जैसा ही तेजस्वी और कांतिवान पुत्र प्रदान करें।
  • अगर किसी स्त्री का बार-बार गर्भपात हो जाता है तो वह यह यंत्र को भोजपत्र पर अंकित कर धारण करें – किसी भी रवि मूल योग में इस यंत्र को अष्टगंध की स्याही और अनार की कलम से भोजपत्र पर लिखें इसकी पंचोपचार पूजा कर गर्भकाल में अपनी बाईं भुजा पर गर्भवती स्त्री बांध लें इससे गर्भस्थ शिशु की रक्षा होती और गर्भ नष्ट नहीं होता है।

क्या इन उपाय को आजमाकर आप सच में लड़का पाएंगे

हम जो चीज चाहते हैं वो हमेशा नहीं होता है। खुदा या भगवान की मर्जी के बिना कुछ भी संभव नहीं है। अगर आपके जीवन में पुत्र रत्न का सुख नहीं है तो आप नहीं पा सकते हैं।

कोई दुसरे दोष की वजह से अगर आपको लड़का नहीं हो रहा है तो इनमे से किसी भी प्रयोग को आप कर सकते हैं। इसके लिए आपको आपके पुरोहित का साथ लेना होगा।

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