माइग्रेन (आधे सिर दर्द) का कारण, लक्षण और 11 जबरदस्त इलाज – migraine ka ilaj, treatment hindi

migraine treatment hindi- माइग्रेन को आधे सिर का दर्द के नाम से भी जाना जाता है। इसमें आपके सिर के आधे हिस्से में दर्द होता है, चुनचुनाहट या चुभन होती है। रोगियों को बचपन में आधे सिर का दर्द शुरू होता है और वर्षों  में  बुढ़ापे में जाकर आराम मिलता है। स्त्रियों को पुरुषों के मुकाबले यह रोग ज्यादा होता है।आज हम कुछ ऐसे घरेलू नुस्खे और उपाय बताएंगे जिसकी मदद से आप migraine ka ilaj कर सकेंगे।

माइग्रेन होने का कारण: – migraine ka karan

  • अधिक भोजन खा लेना।
  • कब्ज रहने से migraine होने लगता  है।
  • बासी भोजन के सेवन से।
  • महिलाओं के शरीर में हार्मोनल बदलाव होने के चलते यह समस्या अकसर होती रहती है।
  • तनाव या नींद पूरी न होने पर माइग्रेन आ जाता है।
  • अल्कोहल का सेवन भी माइग्रेन के लिए जिम्मेदार है।

माइग्रेन के लक्षण – migraine ke lakshan

  • migraine सिर के सिर्फ आधे हिस्से में ही होता है। कई लोगों को आधे सिर का दर्द सुबह होने से लेकर शाम तक होता है।
  • दिन में migraine होने पर रोगी को पहले सुस्ती, weakness, चक्कर आना, तुतलाने लग जाना, दृष्टि में धुंधलापन, आँख कि पुतली मुड़ना के साथ आधे हिस्से में सिर दर्द होता है।
  • रोगियों को migraine शुरू होने से पहले उनके कई body parts सुस्त हो जाते हैं। ऐसा लगता है कि body में ठंडे कीड़े चल रहे हों।
  • आधे सिर का दर्द रोज कनपटी पर एक हिस्से से शुरू होता है और धीरे-धीरे यह दर्द आँख तक पहुंचता है और माथे को दर्द जकड़ लेता है और यह दर्द कंधे और गर्दन में होने लगता है।
  • लाइट में दर्द और तेज हो जाता है।
  • कई साथ कई वस्तु दिखाई देती हैं।
  • सूरज के चढ़ते ही सिर में दर्द  होने लगता है।
  • आधे सिर का दर्द (माइग्रेन) शुरू होने पर आरम्भ में सिर की धमनी ढीले हो जाती है और उस ओर रक्त बहुत ज्यादा इकट्ठा हो जाता है। रोगी का चेहरा पीला पड़ जाता है और कनपटी की धमनी जोर से तड़पती हुई दिखाई देती है।
  • रक्त में विषैले पदार्थ आ जाने के कारण आधासीसी दर्द में आपके मूत्रान्गों पर भी कुछ खराबी नजर आने लगती है।
  • शरीर के जिस हिस्से में दर्द होता है ऐसा लगता है कि कोई हथौड़े से पीट रहा है।

माइग्रेन का घरेलू इलाज उपाय और ख़ास नुस्खे – migraine ka ilaj, migraine treatment hindi

तुलसी की पत्तियाँ

migraine treatment hindi ढेर सारी तुलसी की पत्तियों को इकट्ठा कर लें और इसका चूर्ण बनाकर रोगी को शहद के साथ दिन में तीन बार चटाएं। इससे राहत होगी। सोंठ की 10 ग्राम की मात्रा में 1 गिलास दूध मिलाकर पीने से माइग्रेन में राहत मिलती है।

लहसुन का स्वरस

माइग्रेन के दौरान चक्कर आना, धुंधली दृष्टि दिखाई देना में लहसुन का स्वरस फायदेमंद होता है। इसकी तीव्र गंध और इसमें मौजूद केमिकल की वजह से सिर में चुभन भी कम हो जाती है।

migraine ka ilaj करने के लिए लहसुन को अच्छी तरह से कूटकर उसका रस निकाल लें और उस रस में पीसी हुई अजवाइन मिलाकर migraine रोगी के नाक में 3 से 4 बूंद टपकाएं।

गाय का शुद्ध घी

माइग्रेन का इलाज (Migraine ka ilaj) के लिए इस प्रयोग को अपनाने से पहले यह तय कर लें सिर्फ गाय का घी होना चाहिए और यह शुद्ध होना चाहिए।

घी को प्रयोग में लाने के लिए आप उसे हल्का गर्म कर लें जब ठंडा हो जाए तो माइग्रेन पीड़ित के नाक में 5 बूंद टपकाएं।

काली मिर्च के साथ देशी घी करेगा migraine treatment hindi

  1. काली मिर्च का पाउडर बनाकर 5 gram मिर्च को शहद के साथ चटाएं।
  2. काली मिर्च की 12 ग्राम मात्रा तय कर लें। काली मिर्च को चबाकर खाएं और इसके बाद लगभग गाय की 30 gram घी का सेवन करें।

पीपर

काले रंग की पीपल को तवे में भूनकर उसका चूर्ण बना लें और उसका सेवन शहद के साथ करें। migraine treatment hindi (उपचार) होता है।

तेल से मसाज करें

किसी भी तेल को गर्म कर के खोपड़ी में लगाकर मसाज करने से माइग्रेन का इलाज संभव है।

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कैफीन

यह कॉफ़ी और कुछ अन्य खाद्य पदार्थों और पेय पदार्थों में पाया जाने वाला एक तत्व है जो आपको आधे सिर दर्द की पीड़ा से राहत दे सकता है। यह आपके शरीर को कुछ माइग्रेन दवाओं को तेजी से अवशोषित करने में मदद कर सकता है। इसके अलावा भी कैफीन सिर की नशों को खोलने में और माइग्रेन से छुटकारा दिलाने में भी मदद करता है। लेकिन इसका सेवन दिन में दो बार ही करें। इसे उपयोग में लाने के लिए कॉफ़ी और चाय का इस्तेमाल करें।

मैग्नीशियम को उपयोग में लें

आप इस खनिज को हरे सब्जियों, अनाज और नट्स में पा सकते हैं। जब आपको माइग्रेन आ रहा है, तब यह आपकी सहायता नहीं करेगा, लेकिन कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि यह माइग्रेन को रोक सकता है। आप मैग्नीशियम की गोली भी ले सकते हैं, लेकिन खुराक लेने से पहले हमेशा अपने चिकित्सक से संपर्क करें।

पिपरमिंट का तेल

2010 के अध्ययन में सामने आई बातों के मुताबिक़ पिपरमेंट माइग्रेन से राहत दिलाने में मदद कर सकता है। इसमें पाया जाने वाला मेथनॉल तत्व आपके आधे सिर दर्द को चुटकियों में गायब कर देता है। migraine treatment hindi के लिए इसके तेल को मथे में लगाएं।

जब भी दर्द हो तो अदरक के जूस को पीने से आराम मिलता है। नींबू के रस को माथे में लगाने से भी migraine ka ilaj हो जाता है।

गोभी

पत्तागोभी की अन्दर की पत्तियों को पीस लें उसमें थोड़ा सा नींबू का रस मिला लें और नींबू का छिलका पीस लें।  इस पेस्ट को अपने माथे में लगाएं।

जल चिकित्सा करें

जल चिकित्सा migraine को दूर करने के लिए कारगर होता है। इसके लिए आप अपने माथे पर कपड़े को गीला कर के एक परत लगाएं migraine जल चिकित्सा के जरिये माइग्रेन का इलाज संभव है।

माइग्रेन के दौरान परहेज – migraine me kya nahi khaye kya na kare

  • ब्राइट और रोशनी वाले जगह में सोना या रहना माइग्रेन को बढ़ा सकता है।
  • तीखे पदार्थ, तेल आदि का सेवन न करें।
  • खाने नहाने का समय फिक्स रखें
  • धूप में न निकले।
  • इत्र का इस्तेमाल करना, या तेज गंध वाले चीजों को जिन्दगी में उपयोग म लाएं।
  • पास से मनोरंजन वाले यंत्रों का इस्तेमाल न करें।
  • मदिरापान या शराब पीना वर्जित है।

माइग्रेन के समय क्या करें/खाएं? – migraine me kya kare aur kya khaye

  • भरपूर मात्रा में पानी पीएं।
  • ठंडे पदार्थों का सेवन करें।
  • हरी तरकारी का सेवन करने से माइग्रेन को रोका जा सकता है।
  • पालक और गाजर के जूस को इकट्ठा कर के जूस पीएं।
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Sarthak upadhyay
Sarthak upadhyay is a health blogger and creative writer, who loves to explore various facts, ideas, and aspects of life and pen them down. sarthak is known with English and hindi. Writing is his passion, and enjoys writing on a vast variety of subjects. Relationship, Astrology, and entertainment, Periods, pregnancy, and Home-remedies are his specialty areas.

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