नीम के फायदे- neem ke fayde, tree benifits in hindi

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पूर्ण भारत में हिंदुओं के लिए नीम का पेड़ अति पवित्र तथा पूज्य है} क्योंकि, उनके विश्वास के अनुसार इस पेड़ का संबंध शीतला देवी  से है। अपने इसी विश्वास के कारण जंगलों, खेतों व मोहल्लों में लगे नीम के पेड़ की पूजा की जाती है। लोगों का मानना है कि नीम के पेड़ पर देवी देवताओं का निवास होता है। पद्म पुराण में यह वर्णन है कि इस पेड़ को लगाने वाले को दीर्घायु प्राप्त होती है। इसके साथ नीम का पेड़ कई तरह के औषधीय गुणों से भरा होता है जो शरीर को कई तरह से लाभ देता है। आज हम नीम के फायदे के बारे में जानेंगे जिनकी मदद से आप आसानी से अपने स्वास्थ्य की रक्षा कर सकने में सक्षम रहेंगे। नीम के फायदे- neem ke fayde, tree benifits in hindi

नीम की औषधीय गुण

neem ke fayde: नीम के पेड़ की छाल, फल, फूल व पत्तों को जिन रोगों में मुख्य रुप से दवा के तौर पर प्रयोग किया जाता है वह इस प्रकार हैं-  लीवर में सूजन, चेचक, हृदय में जलन, जीवाणु संबंधित रोग, गठिया रोग, पेट के कीड़े, एलर्जी, मधुमेह, दाद,  चर्म रोग, खसरा, लकवा, गुर्दे की अव्यवस्था, खुजली, हैजा आदि पर नीम को उपयोग में लाया जाता है।

  • बुखार का इलाज- सात नीम के पत्ते 3 काली मिर्च के साथ से कूँटकर गोलियां बना ले, पानी के साथ 1 गोली दिन में तीन बार लें। इससे बुखार उतर जाएगा। यह मच्छरों से पैदा होने वाले सभी बुखार में भी लाभकारी है।
  • मुंहासे आदि में लाभकारी- नीम के पत्तों को पीसकर थोड़ी हल्दी मिलाकर फोड़े-फुंसियों व मुंहांसों पर रखकर बांधने से आराम आएगा।
  • घांव और गांठ के लिए – ऐसे ही यदि लेप घावों पर लगाया जाए तो घाव ठीक होंगे तथा गांठ में भी आराम आएगा।
  • अधिक दूध बनेगा-  इसी लेप को दूध पिलाती महिलाएं अपने स्तनों पर लगाती रहे तो शिशु के लिए अधिक दूध बनेगा।
  • इसके पत्तों को उबाल कर पानी पीने से कई विषाणु नष्ट होते हैं जिससे शरीर शुद्ध हो जाता है।
  • नीम के भंवर (फूल)  को दवा के रूप में खाने से भूख बढ़ती है, सांस नहीं फूलती, डकार कम होती है।
  • नीम की हरी निंबोली दूसरी दवाओं के साथ खाने से विषैले  तत्व, साधारण बुखार, मूत्र रोग, पेट के कीड़े, बवासीर जैसे रोगों को ठीक कर देती है। इससे खून भी शुद्ध होता है।

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  • नीम का तेल कीड़ों को मारता है हाथी पांव, सिफिलिस, रोग में फायदा देता है।
  • सौ साल पुराने वृक्ष की छाल के साथ पानी, तेल तथा अन्य दवाई मिलाकर उबालकर छानकर यदि इसका सेवन करते रहे तो शरीर के सारे घाव, फोड़े फुंसी, बवासीर, खुजली व बुखार कम होंगे और आराम आएगा।
  • इसके गोंद को सुखाकर चूर्ण के रूप में सेवन करने से सिफि़लिस रोग ठीक हो जाता है।
  • नीम की छाल या लकड़ी से दातों को साफ करें तो बदबू दूर होगी दांतों का दर्द ठीक होगा। neem ke fayde
  • नीम का अर्क शरीर को शक्ति देता है, बुखार उतरता है और शरीर पर वायु का नाश करता है तथा वायु रोग के कई प्रकार से छुटकारा दिलाता है।
  • नीम की पत्तियों के पानी से सिर धोने से जुएँ मरती हैं।
  • इसका हल्दी वाला लेप घुटनों का दर्द ठीक होता है, घाँव की सड़न दूर करता है, आग के जलने से उत्पन्न हुए जख्मों को यह ठीक करके सुखा देता है।
  • नीम के पत्तों को जला कर धुंआ करने से मच्छर मक्खी दूर भागते हैं।
  • नीम के पेड़ के सभी अंगों में जैसे फूल, फल, जड़, छाल, गोद व पत्तियां, कोमल कोपले सब के भीतर औषधि गुण भरे होते हैं।

‘नीम के फायदे- neem ke fayde, tree benifits in hindi’

नीम के पेड़ से जुड़े कुछ अन्य महत्वपूर्ण तथ्य

  • सिंधु सभ्यता के चलते प्राचीन सिक्कों पर नीम की आकृति भी देखने को मिलती है।
  • नीम पुरुष जाति का माना जाता है इसलिए पर्दा करने वाली राजस्थानी महिलाएं आज भी जब नीम के वृक्ष के पास से गुजरती हैं तब घूंघट कर लेती हैं।
  • जिस घर में चेचक का खतरा का रोगी हो वहां घर के बाहर वाली चौखट पर नीम की पत्तियों की माला लटका दी जाती है ताकि आने जाने वालों को आभास हो कि इस घर के भीतर शीतला देवी का वास है।
  • चेचक में खसरा रोग के रोगी पर विशेष शीतला माता की कृपा समझी जाती है।
  • उड़ीसा के कुछ आदिवासी संप्रदाय अंत्येष्टि भोज में नीम की पत्तियों का भी सेवन करते हैं।
  • महाराष्ट्र के पुणे के इलाके में शिशु का जन्म होने पर गोवर्धन ब्राम्हण परिवार के मुख्य द्वार पर नीम के पत्तों की माला को टांगकर झुलाया जाता है।
  • चेन्नई के जोगी संप्रदाय के लोग जो अपराधी पवित्र के माने जाते हैं वह अपने कुत्तों का नाम नीम के पेड़ पर ही रखते हैं और इस पेड़ के कारण कुत्तों को  दूत का प्रतिनिधि समझते हैं।
  • ऐसा भी हिंदू धर्म का विश्वास है नीम का पेड़ भूत-प्रेतों के प्रभाव से बचाता है इसी कारण यह पेड़ अति पवित्र मानकर इसको सम्मान देकर इसकी पूजा की जाती है।
  • अगर आप नीम की पत्तियों को गेहूं आदि आनाज में सुखाकर इसका चूर्ण बनाकर डालते हैं तो इससे आनाज में लगने वाले कीड़े नष्ट हो जाते हैं।
  • नीम की पत्तियों को उबालकर खेत में फसल पर छिडकाव करने से कीड़े नष्ट होते हैं।

नीम के फायदे की कुछ सावधानियां:

  • इसका सेवन करने से शरीर में दवाइयों का असर कम हो जाता है। हां कभी-कभार जी बुखार के लिए इसका सेवन कर सकते हैं। नियमित सेवन से आपके शरीर पर इस्तेमाल की गई कोई भी दवाई सही ढंग से कार्य नहीं करेगी।
  • छोटा शिशु या बच्चे इसका इस्तेमाल न करे। उनके शरीर के खातिर यह काफी toxis साबित होता है। यहाँ तक के इसके सेवन से बच्चे को कई तरह की समस्याएँ होने लगती है। उलटी, दस्त  चक्कर आना , बेहोशी  आदि कई लक्षण नीम का बच्चे पर साइड इफ़ेक्ट के चलते हो सकते हैं।
  • गर्भावस्था के दौरान गर्भवती महिलाओं को इसके सेवन से परहेज करना चाहिए।
  • ऑपरेशन और अंग प्रत्यारोपण  की स्थिति में नीम को खाना घातक साबित हो सकता है।
  • अगर आप किसी दावा का प्रयोग कर रहे हैं तो नीम के पत्तियों का सेवन करने से पहले एक बार डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

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