नींद नहीं आती अपनाए नींद आने के घरेलू उपाय- neend  ki goli aur dawa

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निद्रा यानी रात को बिस्तर पर जाने पर नींद ना आना एक घातक रोग है यह सिलसिला काफी लंबे समय तक चलता है तू दूसरे लोग भी शरीर में उत्पन्न हो जाते हैं जैसे सिरदर्द भूख ना लगना बदहजमी अम्ल पित्त आदि। अनिद्रा की शिकायत में शारीरिक व्यायाम या श्रम करने से काफी लाभ होता है कई तरह की मानसिक उलझन अभी नींद में खलल डालती हैं| अनिद्रा को दूर करने में क़ुदरती इलाज बड़े ही कारगर साबित होते हैं और बिना किसी नुकसान के ही रोगी अनिद्रा पर सदा के लिए निजात पा लेता है| नींद नहीं आती अपनाए नींद आने के घरेलू उपाय- neend ki goli aur neend ki dawa

neend ki goli neend ki dawai

कुछ क़ुदरती नियम

  • अनिद्रा के रोगी को सुबह है सूर्योदय से पूर्व उठने की आदत डालने से लाभ होता है|
  • रात में 10:11 बजे तक सोने का समय निर्धारित कर देना चाहिए|
  •  अनिद्रा के रोगी को उतनी ही मेहनत करनी चाहिए जिससे उसे थकान ना हो अधिक थकान भी अनिद्रा का कारण बन जाती है|
  • रात का भोजन बहुत ही हल्का और जल्दी हजम हो जाने वाला होना चाहिए तथा भोजन और सोने के समय में कम से कम 2 घंटे का अंतर भी होना चाहिए अर्थात भोजन करने के 2 घंटे के बाद ही सोना चाहिए|
  • अनिद्रा के रोगी को भोजन के कुछ देर बाद कुछ समय तक धीरे-धीरे टहलना चाहिए|

 

 

इन्हें भी पढ़ें- 

  • सोते समय पैर गर्म होना चाहिए इसके लिए तलवों सहित पैरों की हल्की मालिश की जा सकती है इससे गहरी नींद आती है|
  • सोने से पहले पैरों को गुनगुने जल से धोने से भी अनिद्रा में लाभ होता है|
  • सोते समय किसी मंत्र का जाप करने धार्मिक या अच्छा साहित्य पढ़ने आदि पर भी नींद स्वाभाविक रूप से आ जाती है ओम का 10 मिनट या इससे अधिक समय तक जाप करने से भी मन में स्थिरता आती है इससे अच्छी नींद भी आ जाती है| ‘नींद नहीं आती अपनाए नींद आने के घरेलू उपाय- neend ki goli aur neend ki dawa
  • अनिद्रा के रोगी अपने पैर के नाखूनों पर सरसों का तेल लगाएं सबसे बड़ी ही अच्छी नींद आती है|
  • भांग पीस कर पैर के तलवों पर लगाएं इससे बहुत ही जल्दी नींद आ जाती है|
  • अरंड की गिरी 10 ग्राम पीस कर गाय या बकरी के 20 मिलीलीटर दूध मैं गर्म कर लें तथा इसे ठंडा होने पर माथे में लगाएं इससे अच्छी नींद आती है|
  • जायफल को घी या जल में घिसकर आंखों की पलकों पर लगाने से भी गहरी नींद आ जाती है|
  • अलसी और अरंड का शुद्ध तेल समान मात्रा में मिलाकर कांसे की थाली में कांसे से बनी किसी चीज से अच्छी तरह रगड़े जब रगड़ते रगड़ते तेल काला पड़ जाए तब सलाई से भरकर रोगी के आंखों में लगाएं इससे अच्छी नींद आती है|
  • वात दोष के कारण नींद नहीं आती हो तो मेहंदी को बारीक पीसकर फिर पर लगाएं इससे मस्तिष्क को ठंडक मिलती है और अनिद्रा की शिकायत दूर होकर बढ़िया नींद आती है|
  • देसी घी और पानी को समान मात्रा में लेकर अच्छी तरह से मथ लें तथा सोते समय पलकों पर लगाएं इससे अच्छी नींद आती है|
  • अरंड की कोमल ताजी पत्तियों को दूध में भी सर माथे तथा कनपटी पर हल्का गर्म गर्म बांधे पैर के तलवों तथा सिर पर अरंड के तेल की मालिश करें इससे अनिद्रा की शिकायत दूर हो जाती है|
  • अनिद्रा के रोगी सफेद चंदन को जल में घिसकर माथे पर लेप करें इससे सिर को ठंडक मिलती है और नींद आ जाती है|
  • neend ki goli aur neend ki dawa: आमला को पीसकर सिर पर रखने पर अनिद्रा के रोग में लाभ होता है|
  • माथे पर बादाम रोगन की मालिश करने से नींद आ जाती है|
  • रात में सोने से पहले सरसों का तेल गुनगुना करके उसकी चार चार बंगदि दोनों कानों में डालें और ऊपर से रुई लगा कर सो जाएं इससे अच्छी नींद आती है|
  • रक्तचाप के मरीज को अनिद्रा की शिकायत हो तो 5 ग्राम सोया के साग को सिरहाने रखकर सोने से नींद आ जाती है|
  • 40-50 तुलसी की पत्तियों को तकिए के नीचे रखने से नींद आ जाती है|
  • रात में सोने से पहले रुई का एक फाहा सरसों के तेल में भिगोकर नाभि पर रखने से तथा ऊपर से हल्की पट्टी बांधी देने से अनिद्रा रोग में लाभ होता है|
  • देसी घी गर्म करके इसकी मां लिपस्टिक कनपटियों और पैरों के तलवों पर अच्छी तरह से करें इससे अनिद्रा रोग दूर होता है|
  • सेब खाने से नींद अच्छी आती है सेब का मुरब्बा खाने पर भी नींद आ जाती है रात में सेब का मुरब्बा खा कर एक पाव दूध पियो और सो जाएं तो अच्छी नींद आएगी| neend ki goli aur neend ki dawa
  • अनिद्रा रोग में बेल की जड़ की छाल का काढ़ा पीने से यह रोग दूर हो जाता है|
  • सोने से पहले पानी के साथ शहद पीने से भी अनिद्रा रोग दूर होता है|
  • कच्चा प्याज रात में खाने से नींद आती है कच्चे प्याज को दही के साथ खाया जाए तो अनिद्रा की शिकायत जड़ से मिट जाती है|
  • आधा गिलास नारियल पानी से भी अनिद्रा रोग ठीक हो जाता है इसे रात में सोने से पहले पीना चाहिए|
  • एक चम्मच नारियल का पाउडर रात में सोने से पहले दूध में मिलाकर पीने से अनिद्रा रोग में लाभ होता है|
  • गाजर का रस लेने से भी अनिद्रा रोग दूर हो जाता है|
  • खाने वाला आधा ग्राम सोडा गुनगुने पानी में रात को पीने से 15-20 मिनट में ही नींद आ जाती है|
  • गर्मी के मौसम में फलों का रस या शरबत पीने से अनिद्रा का नाश होता है|
  • नींबू का रस और शहद समान मात्रा में मिलाकर चाटने से भी लाभ होता है|
  • दिमागी खुश्की और गर्मी के कारण नींद ना आने का रोग हो तो सुबह के समय प्रतिदिन बकरी का ताजा दूध खांड मिलाकर पीना चाहिए|
  • 250 मिलीलीटर पानी में 6 ग्राम खसखस पीसकर कपड़े से छान लें और उसमें 25 ग्राम मिश्री मिलाकर सुबह के समय सूर्योदय के बाद या शाम के समय 4:00 बजे एक बार में इससे अनिद्रा रोग में लाभ होता है|
  • neend ki goli aur neend ki dawa: तरबूज के बीजों की गिरी तथा सफेद खसखस को अलग अलग पीस कर तथा समान मात्रा में मिलाकर रख लें इसे 3 ग्राम सुबह तथा 3 ग्राम शाम को लेने से रात में अच्छी नींद आती है|  इस दवा को एक से 3 सप्ताह तक लेने से लाभ होता है यह दबाव रक्तचाप भी कम करती है और सिर दर्द भी दूर करती है|
  • शंखपुष्पी और जटामासी का एक-एक चम्मच मिश्रित चूर्ण सोने से पहले दूध के साथ पिलाने से लाभ होता है|
  • धनिया का तेल सिर में लगाकर मालिश करने से अच्छी नींद आती है इससे मानसिक थकान भी दूर हो जाती है|
  • सौ ग्राम बैंगन के भरते के साथ 20 ग्राम शुद्ध शहद का सेवन करने से मानसिक तनाव दूर हो जाता है और अच्छी नींद की प्राप्ति होती है|
  • सर्पगंधा का 1 ग्राम चूर्ण दूध के साथ लेने से अच्छी नींद आती है मानसिक तनाव व चिंताओं की वजह से उत्पन्न अनिद्रा रोग में यह दवा विशेष रूप से फायदा पहुंचाती है|
  • 20 मिलीलीटर दूध में 1 से 5 ग्राम पीपलामूल का चूर्ण मिलाकर पीने से अच्छी नींद आती है इसे दो 3 सप्ताह लेने से फायदा होता है|
  • पुदीने की ताजी 3 ग्राम पत्तियों या सूखी 6 ग्राम पुदीने की पत्तियां लेकर चूर्ण बना लें 200 मिलीलीटर जल में 2 मिनट तक उबालकर छान लें गुनगुना होने पर इसमें दो चम्मच शहद मिलाकर रोजाना रात में सोते समय घुट-घुट कर पिए ऐसा करने से गहरी नींद आती है इसे 3 से 4 सप्ताह तक करना चाहिए|
  • 10 ग्राम सोंठ को आधा लीटर जल में उबालें जब 150 मिलीलीटर पानी रह जाए तो उसमें एक चम्मच घी और 250 मिलीलीटर भैंस का दूध मिलाकर पीने से गहरी नींद आती है|neend ki goli aur neend ki dawa
  • धनिया को पीसकर उसके स्वरस में मिश्री और थोड़ा सा जल मिलाकर सेवन करने से अच्छी नींद आती है आंखों के सामने अंधेरा छाना और सिर दर्द भी इससे ठीक हो जाता है|
  • अच्छी नींद के लिए अश्वगंधा मूल का चूर्ण 3 ग्राम मक्खन 6 ग्राम और मिश्री 6 ग्राम मिलाकर सेवन करने से नींद आ जाती है|
  • सौंफ मिश्री और दूध का शीतल शरबत बनाकर रात में पीने से अच्छी नींद आती है सौंफ और मिश्री को समान मात्रा में लेकर सोने से पूर्व खाने पर भी नींद आने में मदद मिलती है|
  • रात में सोते समय 34 ग्राम सर्पगंधा का पाउडर मक्खन के साथ सेवन करने से गहरी नींद आती है|
  • अनिद्रा रोग की बहुत ही बेहतर दवा अश्वगंधा है अश्वगंधा को दूध में पकाकर मिश्री मिलाएं और रात में सोते समय भी जाएं इससे आरामदायक नींद आती है|
  • हरा धनिया के रस में बराबर मात्रा में मिश्री मिलाकर आग पर रखें और चासनी के समान शर्बत तैयार करें इस शरबत में से 20 25 मिलीलीटर शर्बत लेकर उसमें जल मिलाकर पीने से अनिद्रा रोग का नाश होता है|
  • 7 मिलीलीटर गुलाब जल में 3 या 2 ग्राम सर्पगंधा का पाउडर डालें और रात को सोते समय पी लर्न रात को या दिन में कॉफी का सेवन ना करें जिन्हें निम्न रक्तचाप की शिकायत रहती है वह सर्पगंधा का इस्तेमाल ना करें|
  • पुनर्नवा की जड़ का काढ़ा 100 मिलीलीटर दिन में दो बार पीने से अच्छी नींद आती है|
  • बादाम अनिद्रा के रोगी के लिए अच्छी दवा है 7:00 बादाम की गिरी और खसखस को 3 ग्राम पानी में पीसकर और छानकर तथा मिश्री मिलाकर पीने से अनिद्रा रोग का नाश होता है|
  • खस के बीज और भांग को जल में पीसकर हाथों के हथेली और पांव के तलवों पर लगाने से नींद आने में और भी अधिक मदद मिलती है|neend ki goli aur neend ki dawa
  • 8 ग्राम पिपरा मूल का चूर्ण गुड़ में मिलाकर खाने से कई दिनों की गायब नींद भी लौट आती है| इस दवा को 1 हफ्ते तक लेना चाहिए| 1 ग्राम पीपलामूल के चूर्ण को 1 ग्राम पुराने गुड़ में मिलाकर साल भर तक भी खाया जा सकता है और ऊपर से एक गिलास दूध अवश्य पिए अनिद्रा की शिकायत इससे दूर हो जाती है|
  • अनिद्रा के इलाज में दवा लेने के साथ-साथ द्राक्षासव अश्वगंधारिष्ट आदमी कोई भी 11020 मिलीलीटर की मात्रा में सामान जल के साथ रोजाना लेने से विशेष लाभ होता है|
  • पिप्पली मूल का पाउडर बनाकर इसकी 2 ग्राम मात्रा में 4 ग्राम मिश्री तथा 4-5 ग्राम ब्राम्ही व शंखपुष्पी का पाउडर मिलाकर दूध के साथ सेवन करने से भी अनिद्रा रोग नष्ट हो जाता है और गहरी नींद आने लगती है|
  • 4 ग्राम अश्वगंधा के पाउडर में घी और शक्कर मिलाकर या 6 ग्राम शंखपुष्पी और अश्वगंधा के पाउडर में घी तथा पिसी मिश्री मिलाकर खिलाने से अनिद्रा रोग में लाभ होता है|
  • अनिद्रा वृद्धावस्था का एक आम रोग है लगभग 70 की आयु पार करने के बाद अधिकांश वृद्ध व्यक्ति इसके शिकार हो जाते हैं सर्पगंधा चूर्ण 90 मिली ग्राम शतावर चूर्ण 20 मिलीग्राम तथा ब्राह्मी चूर्ण 7 मिलीग्राम लेकर इन तीनों को मिला लें अब आधा चम्मच 1 दिन में 2 बार 1 माह तक सेवन करें इससे वृद्धावस्था के कारण उत्पन्न अनिद्रा का नाश होता है|
  • जीवाणुओं के प्रकोप से अनिद्रा की शिकायत हो तो 125 मिलीलीटर कृष्ण चतुर्भुज रस में शहद मिलाकर रोगी को चढ़ाएं इससे रोगी को गहरी नींद आ जाती है|

neend ki goli aur neend ki dawa नींद की गोली और नींद की दवा

कुछ लोगों ने कमेंट के जरिये हमसे नींद आने की गोली की गुजारिश की और हम उनकी ये ख्वाइश को पूराकरने के लिए आप तक उन दवाइयों को लेकर आए हैं| 

एंटीड्रिप्रेसेंट्स दवाइयां: कुछ एंटीड्रिप्रेसेंट दवाएं, जैसे ट्राज़ोडोन (डेसीरल), नींद और चिंता का इलाज करने में बहुत अच्छी हैं|

बेंजोडायजेपाइन्स: ये पुरानी नींद की गोलियाँ – एमेज़ेपम (रेस्टोरिल), ट्राज़ोलम (हेलसीन), और कई बेन्जोडायपेजाइंस हो सकती हैं जो आपके नींद लाने के लिए परफेक्ट गोलिया हैं| इन्हें नींद की कई समस्याओं जैसे नींद की चपेट में न आना और रात भर डरना आदि कई वजहों का इलाज करने के लिए प्रभावी ढंग से इन दवाओं को उपयोग किया जाता है। लेकिन ये दवाएं आपको दिन के दौरान नींद महसूस करा सकती हैं और आपकी नींद इसी दवा पर ही निर्भर हो सकत है जिसका अर्थ है कि आपको सोने में सक्षम होने के लिए हमेशा दवा का सहारा लेना पड़ सकता है।

Doxepine ( Silenor ): यह नींद की दवा उन लोगों में उपयोग के लिए सलाह्नीय है जिन्हें सोने में परेशानी होती है।  silenor, हिस्टामाइन रिसेप्टर्स केअगेंस्ट काम करता है और नींद लाने में मदद कर सकता है। इस दवा को तब तक न लें जब तक आप पूर्ण 7 या 8 घंटे नींद नहीं पा जाते| मतलब इस दवा को एक बार  इस्तेमाल करने के बाद इसका  उपयोग तब तक न करें जब तक आप ७ से ८ घंटे की भरपूर नन्द नहीं ले लेते हैं| neend ki goli aur neend ki dawa

Eszopiclone ( Lunesta ) आता है काम : लुनेस्टा आपको जल्दी सोने में भी मदद करता है, और एक अध्ययन के मुताबिक़  इसके सेवन से  लोगों को 7 से 8 घंटे की औसत नींद आती है। लूनेस्टा दवा को एक बार    इस्तेमाल करने के बाद इसका उपयोग तब तक न करें जब तक आप ७ से ८ घंटे की भरपूर नन्द नहीं ले लेते हैं | क्योंकि इससे घबराहट हो सकती है| लूनेस्टा की शुरुआती खुराक की सिफारिश  है कि इसका सेवन 1 मिलीग्राम से अधिक न हो।
Ramelteon (Rozerem): यह नींद दवा दूसरों की तुलना में अलग काम करता है।  यह उन लोगों के लिए निर्धारित है जिन्हें सोते समय परेशानी होती है। Rozerem लम्बे समय के उपयोग के लिए निर्धारित किया जा सकता है|

Suvorexant (Belsomra) – यह एक हार्मोन को रोक कर काम करता है जो नींद न आने को बढ़ावा देता है और अनिद्रा का कारण बनता है।  दवा का सेवन करने के बाद यह अगले दिन नींद महसूस करा सकती है|

Zaleplon ( Sonata ): सभी नई नींद की गोलियों में, सोनाटा शरीर में सबसे कम समय के लिए सक्रिय रहता है। इसका मतलब है कि आप अपने आप सोने की कोशिश कर सकते हैं। मतलब अगर आपको रात में नीद नहीं आती है तो  यह बस आपकी इतनी मदद करेगा कि आपको एक बार नीद लाने में सक्षम कर देगा| अगर  गलती से किसी कारणवश नीद टूट जाती है तो इसकी कोई जबावदारी नहीं होगी|

 

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