piliya ka ilaj – पीलिया का इलाज, 19 रामबाण उपचार और दवा

पीलिया रोग अब आम हो चुका है लेकिन, पीलिया का इलाज (piliya ka ilaj) आम बात नहीं है। पीलिया का इलाज में कई तरह की सावधानियों और ट्रीटमेंट की आवश्यकता पड़ती है। Jaundice शरीर में होने वाला एक ऐसा रोग है जिसमें शरीर के हर हिस्से का रंग लाल से बदलकर पीला हो जाता है। धीरे-धीरे शरीर में मौजूद सारा खून पीला हो जाता है इससे व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है। हालांकि, अगर खान-पान में संयम बरता जाए और इलाज किया जाए तो रोगी एक से २ महीने के भीतर दोबारा से पहले की तरह मोटा-ताजा हो सकता है।

सफेद पीलिया का इलाज (safed piliya ka ilaj) भी इन्हीं उपायों से किया जाता है।

पीलिया का कारण – piliya ka karan

शराब का सेवन, धूम्रपान करना, जंक फूड, तेल मिर्च मसाले वाले पदार्थों का सेवन करना आदि कई ऐसे कारण है जो आपके किडनी को प्रभावित करते हैं और आपके शरीर में पीलिया के लक्षण सामने लाते हैं। इसलिए इन उत्पाद का सेवन करने से बचे। इसके अलावा भी यह आनुवंशिक हो सकता है, शरीर में खून की कमी भी इसका कारण हो सकता है, लीवर का कमजोर होना भी इसका कारण है।

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पीलिया का इलाज – piliya ka ilaj

तोरई का पानी

तोरई के पानी को नाक में डालें तब आपके नाक से पीले रंग का पानी निकलेगा। यह तरीका दिन में 1 से 2 दफा इस्तेमाल करें। इससे एक ही दिन में पीलिया आपको छोड़ देगी। नोट- यह दवा पीलिया को एक दिन के भीतर ही समाप्त करने की क्षमता रखती है। यह बहुत ही कठोर औषधि है इसलिए आप इसे 14 वर्ष से नीचे के व्यक्तियों में न उपयोग करें।

गौ मूत्र

गौ मूत्र हर मर्ज का एक बेहतर उपचार है। पीलिया के उपचार में भी गौ मूत्र अपना पूरा योगदान निभाता है। बस गौ मूत्र का इस्तेमाल करते समय यह ख़याल रखें कि जो मूत्र आप इस्तेमाल में लेने वाले हैं वह ऐसे गाय से लिया गया हो जो गर्भवती न हो। अगर, आप गौ मूत्र किसी बछड़ी का लेते हैं तो यह और भी लाभदायक होगा।

मक्खन

piliya ka ilaj के लिए मक्खन में 10 ग्राम फिटकरी का पाउडर मिलाकर मरीज को सुबह व शाम पिलाने से पीलिया एक सप्ताह के भीतर ही गायब हो जाता है। रोग के समाप्त हो जाने के बाद भी आप इस औषधि को रोगी को 1 माह तक पिलाएं।

अरंड के पत्ते

अरंड के ताजे व हरे पत्तों का २ चम्मच रस निकाल लें और इसे मरीज को भोर में और सांझ में एक गिलास दूध के साथ पिलाएं।

प्याज का रस

प्याज को बारीक काटकर उसका एक कप रस निकाल लें और उसमें एक नींबू निचोड़ लें और एक चम्मच काला नमक मिलाकर रोगी को पिलाएं। यह इलाज आप तब तक जारी रखें जब तक रोगी पूर्ण तरह से स्वस्थ न हो जाए।

मूली का पत्ता

पीलिया का इलाज (piliya ka ilaj) के लिए मूली के हरे पत्ते के रस को रोगी को पिलाने से भी पीलिया का निदान किया जा सकता है। इस दौरान रोगी को मूली का रस पिलाने से उसकी आंत साफ होती है और किडनी सही होती है जिससे पीलिया के दौरान भूख न लगाने की समस्या को दूर किया जा सकता है।

गन्ने का रस

गन्ने का जूस लीवर सम्बन्धी समस्याएँ दूर करने के लिए बेहतर होता है और खून से बिलरूबिन तत्व को बाहर निकालकर पीलिया से निजात दिलाता है।

दूध में लहसुन

लहसुन को कूटकर उसका पेस्ट बना लें और आधा चम्मच लहसुन का पेस्ट एक गिलास दूध में आधा चम्मच लहसुन का पेस्ट मिलाकर रोगी को दूध पिलाएं। 

चना की भीगी हुई दाल और गुड़

रात में एक कटोरी चने की दाल को पानी में भिगो दें और सुबह उस दाल को एक गुड़ के साथ रोगी के खिलाएँ। इससे पीलिया से जल्द ही आराम मिलेगा।

गाजर और गोभी का रस

पत्ता गोभी के आधा गिलास रस को गाजर के आधा गिलास रस में मिलाकर रोगी को दिन में तीन से चार बार पिलाने से पीलिया का इलाज संभव है। यह इलाज आप रोगी के पूर्ण स्वस्थ होने तक चलाएं।

नींबू का रस

पीलिया से ग्रसित रोगी के इलाज में नींबू अपना अहम योगदान निभाने में कारगर है। इसके लिए आप रोगी को दिन में २ से ३ नींबू का रस पानी में मिलाकर पिलाएं। पीलिया का इलाज (piliya ka ilaj) करने के लिए और औषधि को और कारगर बनाने के खातिर इसके 1 चम्मच कला नमक भी जोड़ दें। यह उपाय किडनी को स्वस्थ करता है और शरीर को पीलिया से बचाता है।

पीसी हुई सोंठ

एक गिलास ठंडे पानी में एक चम्मच पीसी हुई सोंठ और 10 ग्राम गुड़ मिलाकर पीने से पीलिया ठीक होता है।

आंवला का रस

आधा गिलास आंवला का रस रोगी को सुबह, दोपहर और सांझ को पिलाने से पीलिया नष्ट हो जाती है। आंवला के रस में एक चम्मच शहद मिलाकर पीना चाहिए।

इमली और काला नमक

रात में पके हुए इमली को पानी में भिगोकर रख दें और सुबह होने पर इमली को सिलवटें में पीसकर पानी के साथ उसका शरबत बना लें। शरबत में एक चम्मच काला नमक और एक चम्मच सोंठ मिलाएं। अब, इस शर्बत को रोगी को दिन में 4-5 बार पिलाने से कुछ ही दिनों में पीलिया पूर्ण रूप से चली जाएगी।

नीम के पत्ते

पीलिया का इलाज के लिए नीम के पत्तों का एक चम्मच रस रोगी को पिलाने से आराम मिलता है। रोगी को रस पान दिन में २ बार पिलाएं।

फिटकरी का प्रयोग

फिटकरी को भूनकर उसका चूर्ण बना लें और रोगी को एक चम्मच चूर्ण एक गिलास पानी के साथ सुबह और शाम पिलाएं इससे भी पीलिया दूर हो जाता है।

जौ का पानी

पीलिया के दौरान जौ का पानी उपयोग में लाने से पीलिया को ठीक करना आसान है। जौ का पानी बनाने के लिए जौ को पानी में भिगो दें और सुबह होने पर जौ को नए पानी में डालकर जौ को अच्छी तरह से उबाल लें जब पानी का रंग पूरी तरह से बदल जाए तो पानी को छान लें और पानी ठंडा हो जाने पर पी लें। 

गिलोय

रात में सोते समय गिलोय की लता कंठ में लपेटे रहे और सुबह हटा दें। इससे भी पीलिया का नाश संभव है। पीलिया का इलाज (piliya ka ilaj) करने के लिए इस तरीके को तब तक आजमाएं जब तक आप इस गंभीर हालात से बाहर नहीं आ जाते हैं।

टमाटर का रस

टमाटर में कुछ इसे घटक मौजूद होते हैं जो पीलिया को खतम कर सकते । टमाटर से पीलिया का इलाज के लिए आप टमाटर को ग्राइंड कर लें और उसके एक गिलास जूस में 1 चम्मच काला नमक पाउडर मिलाकर रोगी को पिलाएं। यह उपचार दिन में तीन से चार बार करें और जब रोगी पूर्ण रूप से स्वस्थ हो जाए तो उसके बाद २ महीने तक टमाटर के इस मिश्रण को उसे पिलाएं।

पीलिया के लिए दवा, टेबलेट और मेडिसिन – piliya ki dawa, tablet, capsule and medicine

नोट- इन दवाइयों का इस्तेमाल करने के लिए पहले एक बार डॉक्टर से जरूर बात करें।

  • Udiliv-300 – Udiliv-300 को पीलिया के समय एक-एक खुराक सुबह और शाम खाएं।
  • Pantop HP– इसे भी आपको सुबह और शाम को दूध के साथ लेना चाहिए।
  • atoz tablet– पीलिया के इलाज के लिए atoz tablet को भी उपयोग में लाया जा सकता है।
  • ursocol 300– पीलिया के लिए दवाई में ursocol 300 एक बेहतर मेडिसिन है।
  • Nexpro RD 40– यह पीलिया का इलाज करने के लिए बहुत ही बेहतर दवा है। 

पीलिया के दौरान क्या न खाएं-piliya me kya na khaye

  • इस रोग में आप किसी भी खाद्य पदार्थ का सेवन न करें जो आपके लीवर को दूषित करें।
  • तेल युक्त पदार्थ, मिर्च-मसाले से भरे भोजन आदि का सेवन करना वर्जित है।
  • हल्का आहार लें जो आसानी से पच सके और लीवर को ज्यादा कार्य न करना पड़े।
  • मोटापे से भरे खाद्य पदार्थ नहीं खाना चाहिए।
  • मांस, मीट मछलियाँ और भी कई मांसाहारी पदार्थों का सेवन इस दौरान वर्जित है।
  • शराब एक जहर है, पीलिया रोग को और तेज कर सकता है।
  • नमक, खट्टे पदार्थ( आचार आदि) का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • कैफीन से भरे उत्पाद (चाय, काफ़ी) न खाएं।
  • बासी आहार न लें।
  • पीलिया में पानी पूर्ण रूप से स्वच्छ हो।
  • पीलिया रोग में रोगी के साफ-सफाई का पूरा ख़याल रखना चाहिए।
  • पीलिया होने पर में दुग्ध पदार्थ का सेवन वर्जित है।
  • फास्ट फूड का पूर्ण रूप से त्याग करना उचित रहेगा।
  • पान, गुटका का सेवन वर्जित है।

 पीलिया के दौरान क्या खाएं- piliya me kya khaye

  • पीलिया में आप उस खाद्य पदार्थ का सेवन करें जो आसानी से पच सके।
  • आप उस खाद्य पदार्थ का सेवन करें जो प्रोटीन से भरे हो।
  • पीलिया के दौरान किडनी को स्वस्थ करने के लिए पानी का भरपूर मात्रा में सेवन करें।
  • आम और खट्टे फलों के अलावा आप पीलिया में हर तरह के फलों को उपयोग में ला सकते हैं।
  • हरे और ताजे फलों के रस को पीना चाहिए।
  • उबले पानी का सेवन करना बेहतर रहेगा।

सफेद पीलिया का इलाज (safed piliya ka ilaj) भी इन्हीं उपायों से किया जाता है।

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Sarthak upadhyay
Sarthak upadhyay is a health blogger and creative writer, who loves to explore various facts, ideas, and aspects of life and pen them down. sarthak is known with English and hindi. Writing is his passion, and enjoys writing on a vast variety of subjects. Relationship, Astrology, and entertainment, Periods, pregnancy, and Home-remedies are his specialty areas.

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