a women thinking about pregnancy ke lakshan

गर्भ ठहरने (प्रेगनेंसी) के 20 लक्षण – pregnancy ke lakshan in Hindi

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“कैसे जाने महिला प्रेग्नेंट है या नहीं” अपने सम्बन्ध के बाद जब किसी भी महिला का पहला पीरियड्स मिस होता है और उस दौरान उसके साथ कई तरह के बदलाव होते हैं तब वे यह जानने के लिए उत्सुक रहती है की क्या ये बदलाव उनके प्रेगनेंसी के लक्षण तो नहीं हैं। सम्बन्ध बनाने के २ सप्ताह से ही महिला को कई ऐसे लक्षण महसूस होते हैं जो यह बता सकते हैं की लड़की प्रेग्नेंट है या नहीं।

हम आपको 20 ऐसे लक्षण बताने जा रहे हैं , जिन्हें आपके शरीर में नजर आने के बाद आपको यूरिन प्रेगनेंसी टेस्ट कर लेना चाहिए। इससे उन लड़कियों को बहुत फायदा होगा जो अपने गर्भ को नहीं ठहरने देना चाहती हैं। दरअसल, प्रेग्नेंट होने के लक्षण, पहले से ही पता चल जाने के चलते वे महिलाएं प्रेगनेंसी टेस्ट कर के यह सुनिश्चित कर सकती हैं की वे प्रेग्नेंट हैं या नहीं और बाद में दवा के माध्यम से प्रेग्नेंट होने से खुद को बचा सकती हैं।

प्रेग्नेंट होने के लक्षण क्या हैं- pregnancy ke lakshan

हम नीचे आपको कुछ 20 लक्षण के बारे में बताएँगे जिसे देख आप गर्भावस्था की जांच प्रेगनेंसी किट से कर सकती हैं। Early pregnancy symptoms in hindi

पीरियड्स का मिस होना

किसी भी महिला का सम्बन्ध बनाने के बाद अगर पहला पीरियड्स मिस हो जाता है तो प्रेगनेंसी का यह सबसे ताकतवर लक्षण हैं, जो 90 प्रतिशत प्रेगनेंसी का दावा करता है। लेकिन, कई बार पीरियड्स और भी कई कारण से नहीं आते हैं।

इसलिए अगर पीरियड्स मिस होते हैं तो आप तुरंत यह न सोच लें की आप प्रेग्नेंट हैं। यह कन्फर्म करने के लिए की आप गर्भवती हैं आपको पीरियड्स के मिस होने के 3 से 4 दिन बाद एक प्रेगनेंसी किट से जांच करनी चाहिए।

कोमल और सूजे हुए स्तन

प्रेगनेंसी के लक्षण में स्तनों का सूज जाना और मुलायम हो जाना भी शामिल है, जो आपको लगभग सम्बन्ध के दो सप्ताह बाद नजर आएगा। स्तनों के मुलायम या सूज जाने के साथ आपके स्तन आपको काफी वजनी और पहले के मुताबिक़ ज्यादा भरे हुए महसूस होंगे।

यह लक्षण लगभग 70 से 80 प्रतिशत महिलाओं में देखने को मिलता है। कुछ महिलाऐं इस लक्षण को 1 माह बाद महसूस करती हैं।

जी मिचलाना और उलटी होने की समस्या

pregnancy ke lakshan- महिला जिनका गर्भधारण हो चुका है, उन्हें २ सप्ताह बाद से जी मिचलाना और उलटी होने की समस्या शुरू हो जाती है। यह संकेत ज्यादातर महिलाओं को 4 सप्ताह के बाद दिखाई देता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि, उनमे हार्मोनल परिवर्तन देरी से होता है। 

हल्की ब्लीडिंग होना या तरल पदार्थ निकलना

संबंध के 10 से 15 दिन के बाद आपको एक बार या दो बार हलकी spotting हो सकती है। गर्भावस्था के लक्षण में हल्की ब्लीडिंग आपको आपके पीरियड्स के डेट से पहले हो सकती है, इसलिए आप यह न सोच लें की आपका पीरियड्स जल्दी आया और सही तरीके से नहीं चला।

प्रेगनेंसी के शुरूआती दिनों में तीन माह तक हलकी spotting हो सकती है। लेकिन, अगर ज्यादा ब्लीडिंग हो तो आपको डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। 

जीभ का स्वाद बदल जाना

गर्भवती महिला के शरीर में हार्मोनल परिवर्तन हो जाने के कारण उसके जीभ का स्वाद भी बदल जाता है। ऐसा होने पर आपको कई तरह के फ़ूड का taste बदला नजर आता है और आप सिर्फ खट्टा पदार्थों के स्वाद को ही पहचान पाते हैं। यही एक वजह है जिससे गर्भवती महिलाओं को खट्टा खाने का मन करता  है।

अक्सर सिरदर्द की समस्या

गर्भावस्था के शुरुआती दिनों में, हार्मोनल परिवर्तन के कारण pregnant lady के शरीर में ब्लड सर्कुलेशन में वृद्धि होती है और इस वजह से अक्सर सिरदर्द की समस्या होती है।

होती है कब्ज की समस्या

गर्भ ठहरने के लक्षण में कब्ज हो जाना भी शामिल है। महिला को कब्ज की समस्या प्रेगनेंसी के शुरुआत से लेकर अंत तक हो सकती है। ऐसा  इसलिए होता है क्योंकि प्रेगनेंसी के समय शारीर में progesterone हार्मोन का लेवल बढ़ जाता है।

जिस वजह से खाना आंत में धीरे-धीरे जा पाता है। खाना धीरे जाने के चलते यह पचने में समय लेता है और गर्भवती महिला को कब्ज से गुजारना होता है।

मूड में बदलाव आ जाना 

pregnancy ke lakshan- महिला के गर्भवती हो जाने पर उसके मूड में हमेशा परिवर्तन होता रहता है। उदाहरण के लिए अगर अभी टी वी देखने का मन है और आपको कुछ देर बाद रडियो सुनने का मन आ जाए। मूड स्विंग हर चीज को लेकर हो सकता है। चाहे फिर वो मनोरंजन में हो या खाने में।

शरीर का तापमान बढ़ जाना

पप्रेग्नेंट हो जाने पर  महिला के शारीरिक तापमान में वृद्धि हो जाती है। आपको यह लक्षण यौन सम्बन्ध बनाने के 15 से 18 दिन में प्रतीत होगा, जिसमे आपके बॉडी का temprature धीरे-धीरे बढ़ जाएगा।

बार-बार पेशाब आना

प्रेग्नंट महिला को बार-बार पेशाब आता है। यह रात में ज्यादा देखने को मिलता है। यह ऐसा इसलिए होता है क्योंकि आपके शरीर में ovulation के दौरान कई तरह के harmonl बदलाव होते हैं जिस वजह से शरीर से तरल पदार्थ का स्त्राव धीरे-धीरे होता है और आपको पेशाब रुक रुक के आती है।

गर्भावस्था का यह लक्षण लगभग हर महिला महसूस करती है। शारीरिक क्रिया के २ सप्ताह बाद से ही आपको यह लक्षण नजर आने लगेगा। कई को यह लक्षण देरी से नजर आ सकता है जो बेबी के डेवलपमेंट के दौरान भी जारी रहता है।

थकान महसूस करना

हर वक्त ग्लानि महसूस होती है और महिला को किसी भी कार्य को करने में अच्छा नहीं लगता है। वः हर वक्त टेंशन में भी रहती है। इस वजह से गर्भवती महिला के सिर में भारीपन भी महसूस होता है, जिसमे टेबलेट से आराम नहीं मिलता है।

अजीब सी महक

pregnancy ke lakshan- इन दिनों महिलाओ के शरीर में कुछ ऐसे हार्मोन परिवर्तन होते हैं जो estrogen hormone में विशेष बदलाव कर देते हैं, और यही वजह है की इन दिनों महिलाओं कोई कई तरह की सुगंध से नफरत महसूस होती है।

यह लक्षण अक्सर महिलाओं में तीसरे सप्ताह के बाद देखने को मिलता है।

उर्जावान हो जाना

हालाँकि, यह लक्षण कुछ ही women में देखने को मिलते हैं, क्योंकि अक्सर थकान ही महसूस होती है। लेकिन, अगर आप ज्यादा उर्जावान महसूस कर रही है तो मान लीजिये कि आप गर्भवती हैं।

भूख का बढ़ जाना

अगर आप पहले कम खाती थीम और अचानक से ही आपके भूख ने पीकअप ले लिया है तो मामला संगीन हैं और आप प्रेग्नेंट हैं।

कुछ भी भूल जाना

pregnancy ke lakshan- गर्भवती होनें के बाद आपको भूलने की समस्या का सामना करना पड़ सकता है, और आपको जानकर हँसी आएगी कि आप छोटे-छोटे चीजों को भूल जाने लगते हैं, जैसे- कपडे कहाँ रखी थी, टीवी का रिमोट इत्यादि।

स्ट्रेच मार्क्स

आपके पेट के कई हिस्से में स्ट्रेच मार्क्स देखने को मिल सकते हैं। गर्भवती महिलाओं में यह अक्सर दो महीने के बाद होता है।

सांस में तेजी या सांस का धीरे हो जाना

गर्भवस्था के दौरान pregnant lady की साँसे या तेज चलेंगी या फिर साँस की गति धीमी हो जाएगी। यह प्रेगनेंसी के समय यह हर महिलाओं में देखने को मिलता है, किसी में ज्यादा तो किसी में कम!

हृदय में जलन

चूंकि, इन दिनों कई तरह के हार्मोनल परिवर्तन का सामना करना पड़ता है और यही वजह है की महिलाओं के पेट में मौजूद गैस उफान मारती है और यह हृदय के पास तक पहुँचती है। जिससे आपको हृदय में जलन महसूस होती है।

सूजन हो जाना

दरअसल, प्रेगनेंसी के समय महिला की शरीर ज्यादा पानी सोखती है और यही कारण है की महिलाओं के पैर, हाँथ और गाल में सूजन आ जाता है। अगर सूजन ज्यादा होता है तो आपको एक चिकित्सक जांच की आवश्यकता है।

योनि में गंध और डिस्चार्ज

pregnancy ke lakshan- आपके शरीर के बढ़े हुए एस्ट्रोजन उत्पादन के कारण गर्भावस्था के दौरान सफेद, दूधिया और हल्के-महक वाली योनि के स्राव में वृद्धि हो सकती है, यदि यह अत्यधिक हो जाता है, तो एक पैड पहनें। गंध को कम करने के लिए आप खुद से कोई साबुन या स्प्रे न यूज करें, बल्कि डॉक्टर से बात करें।

तो ये थे गर्भवती होने के बाद कुछ ख़ास लक्षण जो हर महिलाओं में देखने को मिल सकते हैं। जैसे ही ऊपर बताए गए लक्षण नजर आते हैं तो आपको गर्भावस्था की एक सफल जांच के लिए जाना चाहिए।

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Sarthak upadhyay is a health blogger and creative writer, who loves to explore various facts, ideas, and aspects of life and pen them down. sarthak is known with English and hindi. Writing is his passion, and enjoys writing on a vast variety of subjects. Relationship, Astrology, and entertainment, Periods, pregnancy, and Home-remedies are his specialty areas.

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